पाकिस्तानी सेना के काफिले पर ‘बलूचिस्तान लिब्रेशन फ्रंट’ का घातक हमला

 

 

 

बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर एक बड़ा हमला कर दिया है | ये हमला रॉकेट और दूसरे घातक हथियारों से किया गया है | घटना अवारान जिले के पिरांजर इलाके की है |

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी, जिसे बलूच लिबरेशन आर्मी के नाम से भी जाना जाता है, अफगानिस्तान में स्थित एक उग्रवादी संगठन  BLA को पाकिस्तान,  यूनाइटेड किंगडम  और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

 

 

2004 से, बीएलए ने बलूच लोगों के लिए आत्मनिर्णय और बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने का दावा करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ एक हिंसक सशस्त्र संघर्ष छेड़ा है और बलूचिस्तान में गैर-बलूच अल्पसंख्यकों की जातीय-सफाई में शामिल रहा है।

 

 

बीएलए मुख्य रूप से पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में काम कर रहा है, जहां यह पाकिस्तान के सशस्त्र बलों, नागरिकों और विदेशी नागरिकों के खिलाफ हमले करता है। बलूच लिबरेशन आर्मी को 2000 की गर्मियों के दौरान सार्वजनिक रूप से जाना जाने लगा, जब उसने पाकिस्तानी अधिकारियों पर बमबारी हमलों की एक श्रृंखला के लिए श्रेय का दावा किया।

 

 

अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सेना के वाहन पर पाकिस्तान का झंडा लगा था | इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई है और पांच घायल हुए हैं |मारे गए सैनिकों में पाकिस्तान सेना के जवान लांस नाइक मोहम्मद मुनीर का नाम शामिल है | साथ ही बलूचिस्तान लिब्रेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है | मामले में बीएलएफ के प्रवक्ता का कहना है कि पाकिस्तान सेना के 11 लोग मारे गए हैं |

 

 

करीब तीन महीने पहले बलूचिस्तान में ही पाकिस्तान की सेना पर बड़ा हमला किया गया था |जिसमें पांच सैनिकों की मौत हो गई और करीब 27 घायल हुए थे | बाद में पाकिस्तानी सेना  के मीडिया विंग इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस ने इस हमले की पुष्टि की थी | सेना पर हमले के बाद फायरिंग की गई और फिर बंदूकधारी भागने में कामयाब रहे |

 

 

 

– कशिश राजपूत

 

 

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