पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने के लिए वित्त मंत्री का राज्यसभा में बड़ा बयान

 

पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ रहे दामों को लेकर वित्त मंत्री ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है.  वित्त मंत्रालय ने साफ-साफ कहा कि पेट्रोलियम पर एक्साइज ड्यूटी का इस्तेमाल इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट वर्क्स के लिए होता है. वर्तमान में राजकोषीय हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.

 

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन में 88 फीसदी का उछाल

रामेश्वर तेली ने लोकसभा में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी से होने वाली कमाई के बारे में भी जानकारी दी. वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार की तरफ से वसूले जाने वाले टैक्स में 88 फीसदी का उछाल आया है और यह राशि 3.35 लाख करोड़ रही. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क 19.98 रुपए से बढ़कर 32.90 रुपए पर पहुंच गया. वहीं डीजल पर उत्पाद शुल्क 15.83 से बढ़कर 31.80 रुपए पर पहुंच चुका है.

 

पूरे वित्त वर्ष (2020-21) में उत्पाद शुल्क का कलेक्शन 3.35 लाख करोड़ रहा जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा था. सालाना आधार पर इसमें 88 फीसदी की तेजी आई है. 2018-19 में एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 2.13 लाख करोड़ रुपए रहा था.

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