अमरनाथ यात्रा की फुल-प्रूफ तैयारी, चप्पे चप्पे पर सुरक्षा का कड़ा पहरा – पत्ता भी नहीं हिला पाएंगे आतंकी

Amarnath Yatra
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Amarnath Yatra : इस बार अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। अमरनाथ यात्रियों के लिए 50 हजार से ज्यादा जवानों को घाटी में तैनात किया गया है। ताकि अमरनाथ यात्रा में किसी तरह का माहौल खराब न हो, इसलिए सुरक्षा के लिए CRPF ने हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। ताकि आतंकियों की नापाक साजिश को नाकाम किया जा सके। जिसकी वजह से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।

कोरोना की वजह से दो साल बाद अमरनाथ यात्रा आयोजित की जा रही है। इस साल अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू होगी। जो कि 11 अगस्त को समाप्त होगी। केंद्र सरकार ने अमरनाथ यात्रा करने वाले यात्रियों को सहूलियत देने की दिशा में कदम उठाया है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को तीर्थयात्रियों के लिए सीधे श्रीनगर से पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है। तो दूसरी तरफ जल्द ही शुरु होने जा रही अमरनाथ यात्रा में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है।

बताया जा रहा है कि इस बार जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्द्धसैनिक बलों के 50 हजार से अधिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहेंगे। जिससे की अमरनाथ यात्रा में कोई रुकावट न आए। साथ ही ऐसा सुरक्षा चक्रव्यूह बनाया गया है कि आतंकी साजिशें कामयाब नहीं हो सकेंगी।

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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम : Amarnath Yatra

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। जिसके लिए अर्द्धसैनिक बलों की 450 कंपनियों में शामिल 45 से 50 हजार जवानों को यात्रा की सुरक्षा में तैनात किया गया है। इनमें 100 कंपनियां यात्रा के एक महीना पहले ही प्रदेश में पहुंच गई थी। अब 370 कंपनियां यात्रा के लिए विशेष रूप से प्रदेश में पहुंची हैं। जिनको तैनात कर दिया गया है। इसमें CRPF, ITBP, CISF, BSf, SSB शामिल हैं।

जिनको अलग-अलग राज्यों में चुनाव कराने के बाद बुलाया गया। इसी बीच 370 अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां जम्मू पहुंचीं है। इनमें से 250 कंपनियां कश्मीर संभाग में भेजी गई हैं। जो बनिहाल से लेकर यात्रा के दोनों रूट पर तैनात कर दी गई हैं। बता दें कि ज्यादातर जवान आधार शिविरों में तैनात कर दिए गए।

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50 हजार के करीब जवान तैनात

दरअसल, इन कंपनियों को न सिर्फ भगवती नगर आधार शिविरों, यात्रियों के ठहरने वाले स्थलों पर तैनात किया गया है, बल्कि अलग-अलग जिलों की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी तैनात किया गया है। ताकि यात्रा के दौरान कहीं पर भी कोई माहौल खराब करने का प्रयास न किया जाए। बता दें कि एक कंपनी में 100 से 150 जवान रहते हैं। ऐसे में यात्रा की सुरक्षा में 50 हजार के करीब जवान तैनात किए गए हैं। ताकि यात्रियों को सकुशल यात्रा कराई जा सके।

प्रदेश पुलिस भी रहेगी तैनात

हालांकि इस बार अर्द्धसैनिक बलों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की एग्जीक्यूटिव, आर्म्ड और ट्रैफिक पुलिस भी मुख्य भूमिका में रहेगी। एक तरह से अर्द्धसैनिक बलों की तमाम टुकड़ियों और तैनाती को पुलिस के अफसर ही लीड करेंगे। लखनपुर से लेकर कश्मीर तक हाइवे के अधीन आने वाले तमाम पुलिस स्टेशनों के थाना प्रभारी और थानों की नफरी अपने-अपने इलाके में तैनात अर्द्धसैनिक बलों के साथ यात्रा की सुरक्षा में लगेगी। इसके अलावा यातायात पुलिस भी लखनपुर से लेकर कश्मीर तक तैनात रहेगी।

अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। अमरनाथ धाम जाने वाले यात्रियों तीन स्तरीय सुरक्षा दी जाएगी। इसमें ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। दरअसल, 43 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। इस बार रामबन और चंदनवाड़ी में कैंप बड़े होंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हाल ही में हिजबुल के दर्जन भर से ज्यादा आतंकी मारे गए है। ऐसे में ख़तरा बहुत ज्यादा है। जिसको देखते हुए सुरक्षा कि फुल-प्रूफ तैयारी कि गई है।

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-TARANNUM RAJPOOT