कब है गुरु नानक जयंती, जानिए कैसे बनाते हैं इस दिन गुरुद्वारों में मिलने वाला कड़ा प्रसाद

 

गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपुरब भी कहा जाता है, सिख समुदाय में सबसे शुभ अवसरों में से एक है. इस दिन गुरु नानक देव की जयंती (Guru Nanak Jayanti 2021)  मनाई जाती है जो सिखों के दस गुरुओं में से पहले गुरु होने के अलावा सिख धर्म के संस्थापक भी हैं. ये त्योहार सिखों के बीच बहुत महत्व रखता है और पूरा समुदाय इस दिन को अत्यंत भव्यता से मनाता है.

 

दुनिया भर के गुरुद्वारों को रोशनी और दीयों से सजाया जाता है. लोग पूरा दिन एक साथ प्रार्थना करते हैं, शुभकामनाएं देते हैं और सेवा करते हैं. पारंपरिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार, गुरुपुरब की तारीख हर साल बदलती रहती है. आमतौर पर ये दिवाली के 15 दिन बाद पड़ता है, और कार्तिक पूर्णिमा के साथ मेल खाता है.

 

कब है गुरु नानक जयंती और पूर्णिमा तिथि

 

इस साल 2021 में गुरु नानक देव की 552वीं जयंती है. इस साल यह 19 नवंबर 2021 को मनाया जाएगा.

पूर्णिमा तिथि शुरूआत – 18 नवंबर 2021 को दोपहर 12:00 बजे से होगी
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 19 नवंबर, 2021 को दोपहर 02:26 होगी

 

गुरु नानक जयंती का महत्व

 

गुरू नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 ई. में ननकाना साहिब में हुआ था. वे सिख धर्म के संस्थापक थे, यही वजह है कि उनका जन्म शुभ और दिव्य माना जाता है. गुरु नानक देव की शिक्षाओं पर दोबारा गौर करने के लिए गुरु नानक जयंती मनाई जाती है. गुरू नानक जी की प्राथमिक शिक्षाओं में से एक है इक ‘ओंकार’ इसका मतलब है कि ईश्वर एक है. वो हर जगह विद्यमान हैं. गुरु नानक देव कहते हैं कि सबके साथ प्रेम और सम्मान के साथ रहना चाहिए.

 

गुरु नानक जयंती प्रसाद (Kadha Prasad)

 

हर लंगर में आमतौर पर चावल, रोटी, दाल, सब्जी और लस्सी परोसी जाती है. हर लंगर में एक चीज आम होती है और वो है कड़ा प्रसाद – गेहूं, चीनी और घी से तैयार हलवा. कड़ी प्रसाद को आप इन आसान टिप्स से घर पर बना सकते हैं.

 

घर पर ऐसे बनाएं कड़ा प्रसाद

 

कड़ा प्रसाद बनाने के लिए, हमें गेहूं का आटा, घी, चीनी और पानी चाहिए. एक भारी तले की कढ़ाई में घी गरम करें और इसमें मोटा आटा डालें. इसे लगातार चलाते रहें जब तक कि इसका रंग हल्का भूरा न हो जाए. जब आप घी को बाहर निकलते हुए देखें तो इसमें चीनी डाल दें. चीनी घुलने तक फिर से मिलाएं. ध्यान से पानी डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि कोई गांठ न बने. जब हलवा गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे गर्मागर्म सर्व करें.