ज्ञानवापी मामला: वाराणसी कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटाया

Gyanvapi Mosque Survey
Gyanvapi Mosque Survey

Gyanvapi Mosque Survey : ज्ञानवापी सर्वे (Gyanvapi Mosque Survey) मामले के वाराणसी कोर्ट ने ‘कोर्ट कमिश्नर’ अजय मिश्रा (Ajay Mishra) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अजय मिश्रा की निष्पक्षता पर मुस्लिम पक्ष ने सवाल उठाए थे। इसके साथ ही कोर्ट ने रिपोर्ट जमा करने के लिए दो दिन का समय दिया है।

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में सर्वेक्षण रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा समाप्त होने जा रही है। ऐसे में सर्वेक्षण अधिकारी ने कहा है कि टीम मंगलवार को रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा है कि “रिपोर्ट तैयार नहीं है, हम कोर्ट में एक और दिन के लिए अर्जी देंगे।

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सर्वेक्षण अधिकारी ने कहा कि सैकड़ों तस्वीरें खींची गई हैं और कई घंटों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं।”

ज्ञानवापी मस्जिद मामला – Gyanvapi Mosque Survey

1991 में, वाराणसी में पुजारियों के एक समूह ने अदालत में याचिका दायर कर ज्ञानवापी परिसर में पूजा करने की अनुमति मांगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 में याचिकाकर्ताओं द्वारा अनुरोध किए गए एएसआई सर्वेक्षण पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

वर्तमान विवाद तब शुरू हुआ जब पांच हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर श्रृंगार गौरी और अन्य मूर्तियों की नियमित पूजा करने की मांग की।

पिछले महीने, वाराणसी की एक अदालत ने पांच हिंदू महिलाओं द्वारा परिसर की पश्चिमी दीवार के पीछे पूजा करने की याचिका दायर करने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था। सर्वेक्षण की रिपोर्ट शुरू में 10 मई तक जमा करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मस्जिद समिति द्वारा आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद देरी हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार, 17 मई को मुस्लिम पार्टी – अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद की प्रबंधन समिति – की वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।

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