क्या मौलाना रिजवी को ISI ने मार कर इमरान सरकार की मदद की है?

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-अक्षत सरोत्री

 

शायद पाकिस्तान का नसीब ही ऐसा है कि पाकिस्तान सरकार की नाक में दम करने के लिए कोई न कोई आता रहता है। मौलाना रिजवी भी उसी परेशानी का नाम था लेकिन खुफिया एजेंसी या फिर आतंकी संगठन ISI ने उसे ठिकाने लगा कर इमरान सरकार को तोहफा दे दिया था। मौलाना खादिम हुसैन रिजवी की रहस्‍यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। रिजवी ने पाकिस्‍तान के कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्‍बैक पाकिस्‍तान की स्‍थापना की थी और पिछले दिनों ही उसके संगठन ने रावलपिंडी और इस्‍लामाबाद को घेर लिया था। रिजवी की संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत के बाद अब उसकी आईएसआई की ओर से हत्‍या की आशंका जताई जा रही है। मौलाना की मौत रहस्‍यमय परिस्थितियों में हुई लेकिन इमरान सरकार ने घोषणा की कि मौलाना रिजवी की कोरोना वायरस से मौत हुई है। रिजवी बरेलवी समुदाय से आता था।

 

मौत के बाद उनके बेटे से जिंदा होने का बयान दिलवाया

 

कई लोगों ने दावा किया है कि आईएसआई ने मौलाना की मौत के बाद भी उनके बेटे से जबरन जिंदा होने का बयान दिलवाया। बताया जा रहा है कि जब उन्‍हें अस्‍पताल में लाया गया था तभी उनकी मौत हो गई थी। इन दिनों आईएसआई और सेना को जनता के विद्रोह का डर लग रहा है। सेना के लोगों को यह डर लग रहा था कि रिजवी इमरान सरकार के लिए संकट बन सकते थे। पाकिस्‍तान के इस जहरीले मौलाना ने ईशनिंदा कानून को कमजोर नहीं करने पर जोर दिया था और वर्ष 2015 में तहरीक-ए-लब्‍बैक पाकिस्‍तान की स्‍थापना की थी। दावा किया जा रहा है कि रिजवी की ‘बुखार’ से लाहौर के एक अस्‍पताल में मौत हो गई। अधिकारियों ने अभी उनके मौत के कारणों पर चुप्‍पी साध रखी है।

 

पंजाब प्रांत में रिजवी की गहरी पकड़ थी

 

 

पाकिस्‍तान से सबसे अधिक प्रभाव वाले पंजाब प्रांत में रिजवी की गहरी पकड़ थी। मौलाना ने पंजाब के गवर्नर की वर्ष 2011 में हत्‍या करने वाले मुमताज कादरी की मौत की सजा का विरोध किया था। मुमताज कादरी ने पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर के ईशनिंदा कानून को कमजोर करने की मांग के बाद उनकी हत्‍या कर दी थी। बता दें कि पाकिस्‍तान में अक्‍सर ईशनिंदा कानून के नाम पर अल्‍पसंख्‍यकों और अहमदिया समुदाय के साथ अत्‍याचार की घटनाएं होती रहती हैं। इस्‍लाम की आलोचना करने पर ईशनिंदा कानून में दोषी पाए जाने वाले व्‍यक्ति को मौत की भी सजा हो सकती है।

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