50 बीमारियों के लिए रामबाण है अर्जुन की छाल..केवल 7 दिनों में दिखाता है असर

रवि श्रीवास्तव

 

अगर आपको पुरानी सर्दी-खांसी, हार्ट संबंधित दिक्कत, लिवर में इंफेक्शन, नसों में ब्लॉकेज, डायबिटीज औऱ पित्त से संबंधित कोई भी बिमारी है तो आज आपको इसका रामबाण उपाय बताएंगे

 

50 बीमारियों की एकमात्र दवा है अर्जुन की छाल

जी हां अर्जुन की छाल में कई तरह के दैवीय गुण मौजूद है, तो चलिए आपको बताते हैं कि  अर्जुन की छाल का किस तरह से इस्तेमाल करना चाहिए और ये कैसे शरीर की सभी ब्लॉक नसों को खोल देता है

 

1.एक रिसर्च के अनुसार अर्जुन के पेड़ में कसुआरिनिन नाम का रासायनिक घटक पाया जाता है। जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को पैदा नहीं होने देता है। अर्जुन की छाल खासतौर पर स्तन कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करता है। इसलिए जिन लोगों को स्तन कैंसर है या वो किसी भी प्रकार के कैंसर से बचना चाहते हैं तो ऐसे में गर्म दूध में अर्जुन के पेड़ की छाल को बारिक पीसकर मिला लें और रोज़ाना इसका सेवन करें। ऐसा करने से शरीर में फैलने वाली कैंसर की कोशिकाएं कमजोर पड़ जाती हैं और धीरे धीरे मरने लगती हैं, जिससे व्यक्ति कैंसर रोग से बच जाता है।

 

2.दिल की बीमारी के लिए भी अर्जुन की छाल काफी फायदेमंद है। ये दिल को स्वस्थ बनाए रखने में काफी मदद करता है। अर्जुन की छाल में ट्राइटरपेनॉइड नाम का एक खास रसायन पाया जाता है। इस खास रसायन की वजह से ही अर्जुन की छाल दिल की बीमारी से झूझ रहे लोगों के लिए कारगर साबित हो सकती है। इतना ही नहीं अर्जुन की छाल हाई बीपी और कोलेस्ट्रोल के साथ साथ शरीर में होने वाली परेशानियों को भी दूर करता है।

 

3. दिल से जुड़ी बीमारी, घबराहट, धड़कन तेज़ होना, शरीर में दर्द, मिचलाहट और इंफेक्शन जैसी बीमारियों से छुटाकारा पाने के लिए 50 ग्राम गेहूँ के आटे को 20 ग्राम गाय के घी में भून लें, जब इसका रंग गुलाबी हो जाए तो इसमें करीब 3 ग्राम अर्जुन की छाल का चूर्ण और 40 ग्राम मिश्री मिला दें। अब इसमें पानी डालकर तेज़ आंच पर पकाएं। जब ये हलुए की तरह तैयार हो जाए तो रोज़ाना सुबह इसका सेवन करें। इससे शरीर में पनप रही हर छोटी बड़ी बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी। इसके अलावा 6 से 10 ग्राम अर्जुन छाल के चूर्ण में स्वादानुसार गुड़ मिलाकर एक गिलास दूध में पकाकर खाएं ये पुरूषों की परेशानी का सबसे बेहतर इलाज है।

 

4. अर्जुन की छाल एक साथ कई बीमारियों को खत्म कर सकती है। कैंसर व दिल से संबंधित बीमारियों के अलावा ये डायबिटीज को भी कंट्रोल कर सकती है। इसके लिए अर्जुन की छाल के साथ देसी जामुन को भी समान मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बना लें उसके बाद इस चूर्ण को रोज सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लें, रोज़ाना ऐसा करना डायबिटीज के मरीज के लिए फायदेमंद होता है। इससे शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है।

 

5. अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से मोटापे की समस्या दूर होती है। मोटापा होने का एकमात्र कारण केवल आंख बंद करके खाना खाना ही नहीं है बल्कि पाचन क्रिया के खराब होने के कारण भी मोटापा हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए अर्जुन की छाल काफी फायदेमंद है। अर्जुन की छाल का सेवन करने से मोटापा कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा अर्जुन की छाल इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती है, जिससे सर्दी खांसी जैसी बीमारियां भी नहीं होती हैं। अर्जुन की छाल पेट को भी साफ करता है और इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए इसके रोजाना सेवन से मुंह में छाले नहीं होते हैं। इसके अलावा यह खून को साफ करता है जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी पैदा नहीं होती है।

 

6. पेट में होने वाले अल्सर के मामले में भी अर्जुन की छाल काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। वजह यह कि इसमें गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव और साइटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं। अर्जुन की छाल के ये दोनों गुण पेट के अल्सर में राहत दिलाने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप धातु रोग से परेशान हैं तो इसके लिए आपको अर्जुन की छाल का इस्तेमाल करना है। इसके लिए आप अर्जुन की छाल को 2 कप पानी के साथ खूब उबालें और जब ये उबल कर आधा कप रह जाए तो आपको इसका सेवन करना है। महीने भर इसके इस्तेमाल से आप पेट से जुड़ी सभी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं।

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