यहां जानिए चीन की इस दीवार को क्यों कहा जाता है ‘दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान’

 

– कशिश राजपूत

 

 

दुनिया में शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जो चीन की महान दीवार से परिचित न होगा। इस दीवार को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। यह भी कहा जाता है कि यह दीवार अंतरिक्ष से भी दिखाई देती है। ‘चीन की महान दीवार’ के नाम से जानी जाने वाली यह दीवार दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। इसका कारण यह है कि यह दुनिया की सबसे लंबी दीवार भी है।

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस दीवार को ‘दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान’ भी कहा जाता है, लेकिन क्यों? आइए जानते हैं इसके पीछे की हैरान करने वाली कहानी। इस दीवार के बनने की कहानी दो से चार सौ साल नहीं बल्कि हजारों साल पुरानी है। हालांकि पूर्व चीनी सम्राट किन शी हुआंग ने ऐसी दीवार बनाने की कल्पना की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। उनकी मृत्यु के सैकड़ों साल बाद दीवार का निर्माण शुरू किया गया था।

 

माना जाता है कि इसकी शुरुआत पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी, जो 16वीं शताब्दी तक चली। इसे एक नहीं बल्कि चीन के कई राजाओं ने अलग-अलग समय पर बनवाया है। यह भी कहा जाता है कि इस दीवार का निर्माण चीन को विपक्ष से बचाने के लिए किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 1211 ई. में मंगोल शासक चंगेज खान ने एक जगह से दीवार तोड़ दी और उसे पार कर चीन पर आक्रमण कर दिया।

 

चीन में इस दीवार को ‘वान ली चांग चेंग’ के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस दीवार की चौड़ाई इतनी है कि इस पर एक साथ 5 घोड़े या 10 पैदल सैनिक चल सकते हैं। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया है। इसी के साथ यह दीवार बेहद रहस्यमयी है  |

 

 

 

 

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