हवाई जहाज में जन्मा बच्चा किस देश का होगा नागरिक?

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-चंदन भारद्वाज

 

भारत देश में यह नियम है कि कोई भी महिला जो 7 महीने या उससे अधिक समय से प्रेग्नेंट है वह हवाई यात्रा नहीं कर सकती। हालांकि कुछ स्पेशल मामलों में इसकी कानून में छूट दी जाती है । अब सवाल जो आपके मन में आएगा वो यह की भारत से अमेरिका जा रहे विमान में यदि कोई महिला बच्चे को जन्म देती है, तो बच्चे के बर्थ सर्टिफ़िकेट में उसका जन्मस्थान क्या दर्ज होगा और बच्चे की नागरिकता क्या होगी?

 

अगर ऐसा कोई मामला आता है तो सबसे पहले ये देखा जाता है कि बच्चे के जन्म के वक़्त वो जिस विमान में सवार है वह किस देश की सीमा के ऊपर उड़ रहा है। विमान की लैंडिंग के बाद उस देश की एयरपोर्ट अथॉरिटी से बच्चे के जन्म प्रमाण संबंधी दस्तावेज़ लिए जा सकते हैं। बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र पर उसी देश का नाम लिखा जाएगा जिस देश की सीमा में बच्चे का जन्म हुआ है। इसमें एक चॉइस यह भी होती है कि बच्चे के पास ये अधिकार होता है कि उसे अपने माता-पिता के देश की नागरिकता भी मिल सके। उदाहरण के तौर पर मान लीजिये किसी विमान को श्रीलंका से फ्रांस तक जाना हो और  विमान भारतीय सीमा के ऊपर से गुज़र रहा है। इसी दौरान अगर विमान में किसी बच्चे का जन्म होता है , तब इन मामलों में बच्चे का जन्म स्थान भारत माना जायेगा और उस बच्चे को अपने माता पिता के देश की नागरिकता के साथ-साथ भारत की नागरिकता भी मिल सकती है। बस इसमें एक पेच है कि भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है।

 

अमरीका में आया था एक ऐसा मामला

 

कुछ साल पहले अमेरिका में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था। नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से एक विमान ने अमेरिका के लिए उड़ान भरी, विमान जब अटलांटिक महासागर क्षेत्र में पहुंचा, तो एक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। हालांकि बाद में मां और बच्चे को अमेरिका के मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल ले जाया गया। बच्ची का जन्म अमेरिकी सीमा में हुआ था, इसलिए उसे अमेरिका और नीदरलैंड दोनों देशों की नागरिकता मिली।

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