इमरान चाहते हैं भारत से दोस्ती, क्या है कारण कूटनीति या फिर इंटरनेशनल दबाव?

Imran

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

पाकिस्तान (Imran) ने कई बार दोस्ती का हाथ बढ़ाया है शान्ति की दुहाई देकर और बाद में धोखा दिया है। अब तो इस बात का पूरी दुनिया को पता चल चुका है कि पाकिस्तान करता कुछ है और बोलता कुछ है। पहली बार नहीं होगा कि पाकिस्तान दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा हो इससे पहले एक बार प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तो लाहौर तक बस यात्रा करके दोस्ती का हाथ फैलाया और बदले में भारत को मिला कारगिल। उसके बाद नरेंद्र मोदी ने कोशिश की कि वो नवाज शरीफ के जन्मदिन पर मिलने के लिए लाहौर गए तो उसके बाद भारत ने उड़ी हमले में अपने 19 जवान खो दिए। अब फिर इमरान खान ने दोस्ती का हाथ फैलाया है।

 

भारत की कूटनीति से डरे इमरान

 

अपनी सरजमी से भारत के खिलाफ आतंकवाद का इस्तेमाल करते आ रहा पाकिस्तान अब भारतीय कूटनीति के आगे घुटने टेकता हुआ नजर आ रहा है। अब वह शांति और भाई-चारे की बात कर रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा की तरफ से दो दिन पहले कश्मीर मुद्दे का शांति और सौहार्दपूर्ण समाधान करने के बयान के बाद अब वहां के प्रधानमंत्री (Imran) कुछ भी इसी तरह की पेशकश की है।

 

पूरे जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल

 

एक जनसभा में रागा दोस्ती राग

 

 

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (Imran) ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के कोटली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे भारत के साथ शांतिपूर्ण बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा- “हर किस्म के सोच, हर किस्म के नजरिए के साथ बातचीत को तैयार हूं। लेकिन यह न सोचें कि हम कमजोर हैं इसलिए हम आपके साथ दोस्ती चाहते हैं।” भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के आर्मी चीफ के शांतिपूर्ण बातचीत वाले बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि आतंक एवं शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने का दायित्व पाकिस्तान पर है।

 

जनरल कमर जावेद बाजवा भी रो चुके हैं दोस्ती का रोना

 

 

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने टिप्पणी की थी कि ‘‘यह समय सभी दिशाओं से शांति का हाथ बढ़ाने का है।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता (Imran) अनुराग श्रीवास्तव ने बाजवा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘ हमारी स्थिति पहले से स्पष्ट है। भारत आतंक, हिंसा एवं शत्रुता से मुक्त माहौल में पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी रिश्ते बनाने का इच्छुक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इस तरह का माहौल बनाने का दायित्व पाकिस्तान पर है।

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