भारत ने कश्मीर मुद्दे पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगान (Recep Tayyip Erdogan) द्वारा दिए गए बयानों पर करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, जिसे कभी भी अलग नहीं किया जा सकता। तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा कही गई सभी बातों को भारत खारिज करता है। उन्होनें यह भी कहा कि तुर्की से इस बात का अनुरोध करते है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप न करें और पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद को लेकर अपनी समझ को विकसित और उचित करें।

आपको बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति पाकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर है और इसी कड़ी में उन्होनें पाकिस्तानी संसद को संबोधित करते हुए कश्मीर मुद्दे पर कई टिप्पणियां की थी, जिसमें उन्होनें कश्मीरियों के संघर्ष की तुलना प्रथम विश्व युद्ध के समय विदेशी शासन के खिलाफ तुर्कों द्वारा की गई लड़ाई से की थी। इसी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा है कि इस मामले पर तुर्की नेतृत्व अपनी समझ को ऊंचा करें और पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद को देखे।

इससे पहले भी भारत ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन द्वारा कश्मीर मुद्दे पर बोलने को लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि एक बार फिर से तुर्की की तरफ से कश्मीर मामले पर बयानबाजी की गई है। भारत ने विश्व में पहले ही इस बात को साफ किया हुआ है कि कश्मीर भारत पाकिस्तान के बीच का मामला है। इसमें किसी भी तीसरे पक्ष का कोई मतलब नहीं है

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस सप्ताह पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान को अलग करने के लिए समर्थन करेगा।

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