भारत-चीन तनाव के बीच रूस में हुई दोनों देशों के रक्षा मंत्री के बीच बैठक, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिया दो टूक संदेश, जानिए सबकुछ

रवि श्रीवास्तव

सरहद पर चल रहे हालिया विवाद के बीच पहली बार भारत-चीन के शीर्ष नेतृ्त्व में बैठक हुई, बैठक रूस की राजधानी मास्को के एक होटल में रात करीब 9 बजे हुई, इस बातचीत में जहां भारत की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए तो वहीं चीन की तरफ से वहां के रक्षा मंत्री वेई फेंग ने अपना पक्ष रखा, दोनों देशों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा भी थे।

लद्दाख में जंग-ए-आसार के मद्देनजर रूस में दोनों रक्षा मंत्री के बीच हुई ये बातचीत काफी अहम रही, पूरी दुनिया की नजरें इस बैठक पर थी..करीब 2 घंटे 20 मिनट तक चली इस बैठक में भारत ने मजबूती से अपना पक्ष रखकर चीन को शांति कायम करने को कहा, बैठक के खत्म होनेके बाद रक्षा मंत्रालय की तरफ से बाकायदा एक ट्वीट भी किया गया

https://twitter.com/DefenceMinIndia/status/1301949065450549248

रक्षा मंत्री के कार्यालय की ओर से ट्वीट करते हुए जानकारी दी और कहा गया, “रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फ़ेंग के बीच बैठक समाप्त हो गई है। यह बैठक 2 घंटे 20 मिनट तक चली।” भारत पहले ही चीन से कह चुका है कि वह सीमा क्षेत्रों में शांति और शांति बहाल करने के लिए ईमानदारी से लगे।

खबर है इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े रुख के साथ भारत का पक्ष चीनी रक्षा मंत्री के सामने रखा और ये समझाने की कोशिश की, कि भारत हमेशा से शांति का पक्षधऱ रहा है। भारत की तरफ से इस बैठक चीनी सेनाओँ पर संयम बरतने पर जोर दिया गया

इस बैठक में नतीजा क्या कुछ निकला इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है, लेकिन इतना तय है कि भारत ने अपना पक्ष कड़े रुख के साथ मजबूती से रखा है,सूत्रों के मुताबिक भारत ने चीन को दो टूक कह दिया है कि लद्दाख में जल्द तनाव को खत्म यथास्थिति बनाए रखने पर जोर देना जरूरी है। वहीं जानकारी ये है कि इस बैठक को आयोजन करने की गुहार चीन की तरफ से लगाई गई थी, फिल्हाल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों कोरोना काल में दूसरी बार रूस के दौरे पर हैं..राजनाथ सिंह रूस शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने गए हैं, साथ ही रूस से हुई डिफेंस डील के मद्ददेनजर भी रक्षा मंत्री का दौरा अहम है

एक तरफ बातचीत की गुहार, दूसरी तरफ हिमाकत

चीन इन दिनों दोहरा रवैया अपना रहा है, क्योंकि एक तरफ चीन की सेना लगातार लद्दाख बॉर्डर पर आगे बढ़ने की हिमाकत कर रही है..तो वहीं दूसरी तरफ भारत के सैनिकों के पिटने के बाद चीन बातचीत की गुहार लगा रहा है,इस हफ्ते की शुरुआत में दोनों सेनाओं के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत के तीन दौर बेनतीजा रहे। दोनों पक्षों ने ताजा टकराव के बाद पिछले कुछ दिन में चुशूल और अन्य कई क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती काफी बढ़ा दी है। हाल ही में ये सब तब शुरू हुआ जब चीन ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट में कुछ इलाकों पर कब्जा करने का असफल प्रयास किया। भारत ने पैंगोंग झील के दक्षिण तट के सामरिक महत्व वाले कई ऊंचे क्षेत्रों को अपने नियंत्रण में ले लिया है और भविष्य में चीन की किसी भी गतिविधि को नाकाम करने के लिए फिंगर 2 और फिंगर 3 क्षेत्रों में मौजूदगी को बढ़ाया है

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