21 सितंबर से स्कूल खोलने की मिली इजाजत, जाना चाहते हैं स्कूल तो सरकार के 21 नियम को जरूर समझिए

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रवि श्रीवास्तव

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है, कोरोना काल में लड़कर बचकर कैसे थम चुकी देश की रफ्तार को गति दी जाए इस फॉर्मूले पर सरकार काम कर रही है । और इसी कड़ी में सरकार ने स्कूल खोलने का भी फैसला लिया है। छात्रों की पढ़ाई और उससे जुड़े भविष्य पर कोरोना की चोट और ना लगे इसलिए सरकार ने अब तय किया है कि सावधानी बरतकर 21 सितंबर से देश में आंशिक तौर पर स्कूलों को खोला जाए और पढ़ाई को शुरू किया जाए

स्कूल खोलने के लिए जारी केंद्रीय SOP में कई शर्त भी रखी गई है, यानि स्कूल सशर्त खोले जााएंगे। फिल्हाल केवल स्कूलों में 9वीं क्लास से 12 क्लास के ही बच्चों को बुलाया जा सकता है। मतलब छोटे बच्चों को अभी भी घर से ही स्कूल अटैंड करने की सुविधा मिलेगी।एसओपी में कहा गया है कि स्कूल, कॉलेजों, कौशल संस्थानों को खोलने से पूर्व उन्हें अच्छी तरह से सैनिटाइज करना होगा। एक बेहद महत्वपूर्ण पॉइंट गाइडलाइन में ये भी है कि स्कूल छात्र जाए ना नहीं ये पूरी तरह छात्र और उसके परिवार वाले तय करेंगे मतलब ये यह स्वैच्छिक होगा यानी छात्रों के ऊपर होगा कि वह स्कूल जाना चाहते हैं या नहीं

आइए आपकों स्कूलों से जुड़ी SOP के महत्वपूर्ण बिंदु समझाते हैं जिनसे आपके मन की सारी कन्फ्यूजन दूर हो जाएगी, जानिए स्कूल से जुड़ी नई गाइडलाइन क्या हैं

21 सितंबर के बाद सिर्फ 9-12वीं के छात्रों को शिक्षक से सलाह लेने के लिए स्वेच्छा से जाने की अनुमति दी गई है।
ेछात्र को स्कूल आाना होगा इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति होनी चाहिए।
50 फीसदी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है ।
बीमार कार्मिकों एवं गर्भवती महिला कार्मिकों को जाने की मनाही है।
किसी बीमार या गर्भवती स्टाफ को स्कूल में जबरन बुलाने पर कार्रवाई हो सकती है ।
जबरन किसी छात्र पर स्कूल आने का दवाब नहीं बनाया जा सकता ।
स्कूलों में शिक्षक वहीं से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे।
इस दौरान यदि कुछ छात्र चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं।
स्वेच्छा से पढ़ने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक अलग-अलग टाइम स्लाट दे सकते हैं।
छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
स्कूल में छात्रों के लिए मास्क, सेनेटाइजर और हैंड हाइजीन का ख्याल रखना होगा
स्कूलों को सामाजिक दूसरी का पालन करना और कराना होगा ।
स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे।
स्कूल-कॉलेजों में स्वीमिंग पूल आदि भी बंद रहेंगे।
सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी लगाना जरूरी होगा।
एसी को लेकर पूर्व के नियम रहेंगे जो 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटिलेशन होना चाहिए।
एक आइसोलेशन रूम भी बनाना होगा, जहां जरूरत पड़ने पर संभावित मरीज को रखा जा सके।

कुलमिलाकर केंद्र सरकार ने स्कूल खोलने की इजाजत तो दी है। लेकिन कई शर्तों के साथ। गाइलाइन के मुताबिक इन शर्तों को पूरा ना करने वालों पर प्रशासन का डंडा भी चलेगा। खास ये भी है कि कोरोना काल में कई स्कूलों को कोविड सेंटर या आइसोलेशन सेंटर भी बनाया गया था। इनकों लेकर भी सख्त निर्देश है कि स्कूल खुलने से पहले अच्छी तरह सेनेटाइजेशन को पूरा करना होगा । और समय-समय पर इसे दोहराना जरूरी होगा..फिल्हाल सरकार ने केवल 9 से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अनुमति दी है। जो कि 21 सितंबर से प्रभावित होगी। सरकार ने ये भी साफ किया है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल और शिक्षण संस्थानों को ही खुलने की अनुमति होगी। जो छात्र कंटेनमेंट जोन के भीतर रह रहे होंगे, उन्हें स्कूल या कालेज आने की अनुमति नहीं है।

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