अरुणाचल में गांव बनाने के पीछे ड्रैगन की नई चाल तो नहीं?

Arunachal

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

चीन भारत पर दबाव डालने के लिए वो हर प्रयास करता है की जिससे सबको परेशानी बनी रहे। पहले ही चीन के पास भारत का लगभग 10 हजार किलोमीटर (Arunachal) का वो विवादित हिस्सा है जिसपर चीन का नाजायज कब्जा है। वैसे भी नाजायज कब्जों के मामलों में चीन ने पीएचडी कर रखी है। चीन को वैसे भी दुनिया का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी डीलर कहा जाता है। अब भी एक और नापाक हरकत चीन की सामने आई है। चीन ने भूटान के बाद अब भारत के अरुणाचल प्रदेश की सीमा के अंदर गांव बसा लिया है। इस गांव में करीब 101 घर भी बनाए गए हैं।

 

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यह गांव भारत में आता है

 

यह गांव अरुणाचल (Arunachal) प्रदेश में वास्‍तविक भारतीय सीमा के करीब 4.5 किमी अंदर स्थित है। इस गांव को त्‍सारी चू गांव के अंदर बसाया गया है। यह गांव अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में स्थित है। बीजेपी सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने चीन के भारतीय जमीन पर कब्‍जा करने के सवाल पर कहा है कि वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत करेंगे। रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्‍वीरों को कोई विशेषज्ञों को दिखाया गया है और उन्‍होंने चीनी गांव की पुष्टि की है।

 

 

लद्दाख में पहले ही चल रहा है तनाव

 

चीन ने इस गांव का ऐसे समय पर निर्माण किया है जब पश्चिम सेक्टर में लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। ताजा सैटेलाइट (Arunachal) इमेज एक नवंबर 2020 की है जिसमें गांव नजर आ रहा है। इससे एक साल पहले की तस्‍वीर में यह गांव नजर नहीं आ रहा है। माना जा रहा है कि चीन ने यह गांव एक साल पहले ही बसाया है। इससे पहले अक्‍टूबर में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा था कि कुछ समय से भारतीय पक्ष अपने आधारभूत ढांचे का सीमा पर व‍िकास कर रहा है और सेना की तैनाती कर रहा है जो विवाद का मुख्‍य विषय है।

 

 

भारत का ध्यान भंग करने की है चीन की चाल

 

 

भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी सैन्य गतिरोध के बीच इस तरह का कंस्ट्रक्शन निर्माण कर चीन शांति भंग करने की एक और कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गांव सुबनसीरी जिले में त्सारी चु नदी के किनारे स्थित है। यह इलाका लंबे समय से भारत और चीन के बीच विवादित रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने इन सैटेलाइट तस्वीरों को मानने से इनकार भी नहीं किया था।

 

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