Detailed : महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बाद जम्मू कश्मीर में सियासी हलचल तेज, अब गुपकार समझौते को लेकर हुआ नया गठबंधन पीपुल्स अलायंस

Spread the love

रवि श्रीवास्तव 

करीब 14 महीने बाद रिहा हुई जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अब घाटी के नेताओ को लामबंद कर फिर से पुराने एजेंडे को आगे बढ़ाकर सियासी उलटफेर की फिराक में है, घाटी में लगातार हो रही बैठकों में आर्टिकल 370 का राग आलापा जा रहा है और इसकी फिर से बहाली के मनसूबे पाले जा रहे हैं, इस कड़ी में एनसी चीफ फारुक अब्दुल्ला के घर एक बैठक हुई जिसमें गुपकार समझौते पर चर्चा हुई।

सीधे समझिए क्या है गुपकार समझौता कब हुआ था ?

ये वही समझौता है जिसे 4 अगस्त, 2019 की मीटिंग के दौरान जम्मू कश्मीर में तय किया गया था, आर्टिकल 370 के खात्मे से एक दिन पहले हुए इस समझौते में ये तय किया गया था कि आर्टिकल 370 से छेड़छाड़ हुई तो हर पार्टी मिलकर इसका विरोध करेंगी। उस वक्त इस घोषणा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, पीपल्स कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, सीपीआई(एम), पीपल्स यूनाइटेड फ्रंट, पैंथर्स पार्टी और अवामी नैशनल कॉन्फ्रेंस ने हिस्सा लिया था

घाटी में बना पीपुल्स अलायंस

गुरूवार को हुई गुपकार बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियां, जो गुपकार समझौता की हस्ताक्षरकर्ता हैं, ने एक गठबंधन बनाया है और इसे पीपुल्स अलायंस का नाम दिया है.इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीडीपी, पीसी, सीपीआई (एम), एएनसी और जेकेपीएम पार्टियां शामिल है

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर दी जानकारी 

इस मुद्दे पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी एक ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने लिखा है कि गुपकार समझौता नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीडीपी, पीसी, सीपीआई (एम), एएनसी और जेकेपीएम का संयुक्त गठबंधन है जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और सम्मान को बहाल करने के लिए प्रयासरत है

बीजेपी ने भी बुलाई एक आपात बैठक

भारतीय जनता पार्टी की जम्मू-कश्मीर ईकाई ने केंद्र शासित प्रदेश के बदले राजनीतिक हालात पर चर्चा करने के लिए पार्टी की आपात बैठक शुक्रवार को बुलाई है. बीजेपी की यह आपात बैठक केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीर से संबंधित पार्टियों के गठबंधन की घोषणा के बाद बुलाई गई है.

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *