राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हरिवंश नारायण सिंह

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हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं. वे दूसरी बार इस पद के लिए चुने गए हैं. एनडीए ने इस पद के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार चुनाव था. वहीं विपक्ष की तरफ से आरजेडी के मनोज झा उम्मीदवार घोषित किए गए थे. राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हरिवंश को राज्यसभा का डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) चुना गया है. ध्वनि मत से उन्हें चुना गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं हरिवंशजी जो दूसरी बार इस सदन का उपसभापति चुने जाने पर बधाई देता हूं. सामाजिक कार्यों और पत्रकारिता के जरिए हरिवंशजी ने एक ईमानदार पहचान बनाई है. इसके लिए मेरे मन में उनक प्रति काफी सम्मान है.”

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, “यह दूसरी बार है जब उन्हें सदन के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. मैं उन्हें बधाई देता हूं.”

हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं. हरिवंश राजनीति में जयप्रकाश नारायण के आदर्शों से भी प्रेरित हैं. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गांव में 30 जून, 1956 को जन्मे हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया.

उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही मुंबई में उनका ‘टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में 1977-78 में चयन हुआ. वह टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग में 1981 तक उपसंपादक रहे. हरिवंश 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की. 1984 में उन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और 1989 अक्तूबर तक आनंद बाजार पत्रिका समूह से प्रकाशित ‘रविवार साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे.

हरिवंश ने वर्ष 1990-91 के कुछ महीनों तक तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम किया. ढाई दशक से अधिक समय तक ‘प्रभात खबर के प्रधान संपादक रहे हरिवंश को नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने राज्यसभा में भेजा. उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है.

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