करवा चौथ के दिन महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम..

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-अक्षत सरोत्री

इस साल करवा चौथ का व्रत बुधवार यानी 4 नवंबर को रखा जाएगा. करवा चौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए ये व्रत रखती हैं। इस दिन घर की बड़ी महिलाएं अपनी बहू को सरगी (फैनी, मट्ठी आदि), साड़ी सवेरे देती हैं। और सूर्यउदय से पहले सरगी खाकर व्रत को शुरू किया जाता है। इस व्रत में पूरे दिन निर्जला रहा जाता है। व्रत में पूरा श्रृंगार किया जाता है। महिलाएं दोपहर में या शाम को कथा सुनती हैं। कथा के लिए पटरे पर चौकी में जलभरकर रख लें। थाली में रोली, गेंहू, चावल, मिट्टी का करवा, मिठाई, बायना का सामान आदि रखते हैं। प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा से व्रत की शुरुआत की जाती है। गणेश जी विघ्नहर्ता हैं इसलिए हर पूजा में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। इस बात का ध्यान रखें कि सभी करवों में रौली से सतियां बना लें। अंदर पानी और ऊपर ढ़क्कन में चावल या गेहूं भरें।

 

क्या न करें

करवा चौथ पर सभी सुहागन स्त्रियां नया श्रृंगार का सामान खरीदती हैं। इस दिन नए सामान से ही श्रृंगार किया जाता है। महिला को चूड़ी और कपड़े पर खास ध्यान देना चाहिए। इस दिन महिलाओं के हाथ चूड़ियों से भरे हुए होने चाहिए। महिलाओं को किसी ओर की चूड़ी अपने हाथों में नहीं पहननी चाहुए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में दरार आ सकती है। इस के साथ ही चूड़ियों के रंग को लेकर भी महिलाओं को खास ध्यान देना चाहिए। पीले हरे और लाल रंग को बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन गुलाबी, लाल, हरी या पीली चूड़ियां पहने। चूड़ियों में सफेद रंग बिलकुल भी न हो। इसके साथ ही चूड़िया विषम संख्या यानी 1, 3, 13 ऐसे नहीं होनी चाहिए। कांच की चूड़ियां पहनना बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए अपने हाथों में कांच की चूड़ियां जरुर पहने।

 

पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को नहीं माना जाता है शुभ 

बात अगर कपड़ों की करें तो पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग को शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा आप पीले वस्त्र भी पहन सकते हैं. इस करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सूर्योदय के साथ होती है इसलिए महिलाएं देर तक न सोएं, और दिन के समय भी नींद लेने से बचें. स्नान के बाद पूजा करें, कथा सुनें और शाम के वक्त चांद देखने के बाद भोजन ग्रहण करें. इस दिन खुद न सोने के अलावा महिलाओं को घर के किसी सोते हुए सदस्य को भी नहीं उठाना चाहिए. हिंदू शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन किसी सोते हुए व्यक्ति को नींद से उठाना अशुभ होता है. इसके साथ ही करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को नुकीली चीजों जैसे सुई-धागे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. करवा चौथ पर 16 श्रृंगार करने का विधान है. इस दिन अपने सुहाग और श्रृंगार का सामान किसी दूसरी महिला को न दें. आप चाहें तो सुहाग की नई चीजें किसी को दान कर सकती है, जिससे पुण्य मिलता है.

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