नए लेबर कोड के तहत जानिए कितने घंटे करना पड़ सकता है काम

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-कशिश राजपूत

 

यूनियन मिनिस्टरी ऑफ लेबर (Union Ministry of Labour) द्वारा एक दिन में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह प्रावधान प्रोफेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड 2020 के तहत बनाए गए नियमों के ड्राफ्ट में पेश किया गया है, जिसमें काम के दौरान लिए गए इंटरवल को भी काम के घंटों का हिस्सा माना गया है। OSH कोड को इस वर्ष संसद द्वारा एप्रूव्ड (Approved)  किया गया था।

 

 

ऑक्यूपेशनल सुरक्षा (Occupational Safety) , स्वास्थ्य और कार्य की शर्तें के तहत कोड, 2020 एक इस्टैब्लिशमेंट में वर्किंग प्रोफेशनल्स (Working Profesionals)  की सुरक्षा और स्वास्थ्य और कामकाजी परिस्थितियों को रेगुलेट करने वाले कानूनों को कंसोलिडेट (Consolidate) और मॉडिफाई (Modify) करने के लिए एक कोड है। साथ ही एक्ट में 13 पुराने सेंट्रल लेबर कानूनों की जगह है।

 

 

देश में लेबर कानूनों को आर्गनाइज्ड (Organise) बनाने के लिए नए कोड एक प्रैक्टिस हैं। हालाँकि OSH कोड में एक दिन में कामकाज के अधिकतम 8 घंटे तय किए गए थे और आने वाले दिनों में नए लेबर कोड के जरिए  12 घंटो के वर्किंग ऑवर (Hour)  को लेकर विरोध देखने को मिल सकता है।

 

 

OSH कोड के तहत मुख्य परिभाषाएँ (Main Definitions Under OSH Code )

– कॉन्ट्रैक्ट लेबर (Contract Labour )
– एम्प्लोयी (Employee )
– एम्प्लायर (Employer )
– इस्टैब्लिशमेंट (Establishment )

 

 

Duties ऑफ एम्प्लायर (Duties Of Employer)

– यह सुनिश्चित करना कि वर्कप्लेस खतरों से मुक्त हो।
– कर्मचारियों के कुछ क्लासेस के लिए नि: शुल्क एनुअल स्वास्थ्य परीक्षण या परीक्षण प्रदान करें।
– कर्मचारियों के लिए अपॉइंटमेंट लेटर इशू करना

 

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