जानिए मकर संक्रांति पर करना चाहिए किन कामों से परहेज

रवि श्रीवास्तव

 

जब सूर्य किसी खास राशि यानि मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है, और इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2021 को है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है औऱ इस समय किए गए जप और दान का फल दोगुना होकर मिलता है। सूर्य और शनि का सम्बन्ध इस त्यौहार से होने के कारण इसे काफी खास माना गया है। लेकिन मकर संक्रांति के दिन जहां कुछ कामों को करना शुभ माना गया है तो वहीं कुछ कामों को वर्जित भी किया गया है। तो आज की इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि मकर संक्रांति के दिन क्या काम करना शुभ होता है और कौन से काम भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

 

1.मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान करने का खास महत्व है। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन दान करने से उसका फल कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। कहते हैं कि यही वो समय है जब सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने आते हैं। इस समय को किसी भी शुभ काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना गया है। इसलिए इस दिन मांस- मछली और लहसुन प्याज खाना निषेध बताया गया है। इसके अलावा ध्यान रहे अगर मकर संक्रांति के दिन कोई भी आपके घर पर भिखारी, साधु या बुजुर्ग आए तो उसे खाली हाथ ना लौटने दें, अपने सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ दान ज़रूर करें। क्योंकि ये त्योहार दान का त्योहार है, जो लोग कभी दान नहीं करते हैं औऱ केवल मकर संक्रांति के दिन करते हैं तो उनका दान सबसे ऊपर माना जाता है।

 

2.मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन पेड़ पौधों को काटना निषेध माना गया है। इसके अलावा पेड़ के आसपास बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए। साथ ही अगर घर में पौधे लगे हैं तो सुबह सुबह सभी पौधों में पानी डालें। मकर संक्रांति प्रकृति और हरियाली का उत्सव माना जाता है इसलिए इस दिन फसल काटने के काम को भी टाल देना चाहिए।

 

3.मकर संक्रांति के दिन महिलाओं को बाल धोने से बचना चाहिए। साथ ही पुण्यकाल में दांत साफ नहीं करने चाहिए। मकर संक्रांति के दिन सुबह उठकर ही नहा लेना चाहिए, क्योंकि मुहर्त के बाद का स्नान राक्षसी स्नान माना जाता है, इससे घर में कलह और दरिद्रता का वास होता है।

 

4.मकर संक्रांति के दिन किसी भी तरह के नशे जैसे सिगरेट, शराब, गुटका आदि से खुद को दूर रखना चाहिए। इसके अलावा मसालेदार भोजन का सेवन भी न करें। इस दिन तिल और मूंग दाल की खिचड़ी का सेवन करना अच्छा और शुभ माना जाता है।

 

5.अगर आपने अपने घर में गाय भैंस पाला है तो मकर संक्रांति के दिन उनका दूध नहीं दुहना चाहिए। शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है। इसके अलावा इस दिन गलती से भी लहसुन, प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए। और अपनी वाणी को भी पवित्र रखना चाहिए, किसी से भी प्यार और स्नेह से बात करना आपके शरीर में सकारात्मक ऊर्जा को जन्म देता है, इसलिए पूरा दिन किसी को अपशब्द न कहें और न ही गुस्सा करें। सभी के साथ मधुरता से पेश आएं।

 

6.हर 10 में से 9 लोग ऐसे होते हैं जो रोज़ाना बहुत सुबह उठकर बिस्तर पर ही चाय पीना पसंद करते हैं। अगर आप उन लोगों में से एक हैं तो कम से कम मकर संक्रांति के दिन ऐसा बिल्कुल न करें। वैसे तो इस दिन गंगा या किसी अन्य नदी में स्नान और दान करके ही कुछ खाना चाहिए, लेकिन अगर आपके आस-पास कोई नदी नहीं है तो आप घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें और फिर कुछ दान करें। संक्रांति के दिन आपको पूरे परिवार के साथ बैठकर खिचड़ी ज़रूर खानी चाहिए और तिल से बनी हुई चीजों का सेवन करना चाहिए। अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन संध्या काल यानी सूरज ढलने के बाद अन्न का सेवन न करें।

 

7.मकर संक्रांति के दिन घर के बड़ों का अपमान बिल्कुल भी न करें खासकर पिता को भूलकर भी अपशब्द ना कहें। ऐसा करने से सूर्यदेव के साथ- साथ शनि देव के क्रोध का भी सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा इस दिन झाडू का दान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको दरिद्रता का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही संक्रांति के दिन काले रंग के कपड़े बिल्कुल भी नहीं पनना चाहिए, क्योंकि इस दिन काले रंग के वस्त्र धारण करना वर्जित माना गया है।

 

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *