जानिए सूर्यदेव की उपासना के फायदे, रोगों से मुक्ति दिलाते हैं भगवान सूर्य

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-नीलम रावत, संवाददाता

भारत विभिन्नताओं का देश है. यह हर राज्य में अलग भगवान को पूजा जाता है. कुछ शिव को मानने वाले होते है तो कुछ वैष्णव संप्रदाय के होते हैं जो भगवान विष्णु की उपासना करते हैं. लेकिन, एक भगवान जो हमारे समक्ष प्रत्यक्ष रुप से मौजूद है और जिनकी उपासना समस्त संसार करता है वो है सूर्यदेव.
सूर्यदेव साक्षात हमारे सामने मौजूद होते है और सूर्योदय के रुप में हमें अपने दर्शन देते है. हर कोई सूर्य भगवान की उपासना करता है. रविवार के दिन सूर्य भगवान की पूजा का दिन माना जाता है. मान्यता है कि रविवार के दिन नियमित रूप से सूर्यदेव के नाम का उपवास कर उनकी आराधना की जाए तो उपासक की सारी द्ररिद्रता दूर हो जाती है.

हिन्दू धर्म में पौराणिक कथाओं में सूर्य को ब्रह्मांड का केंद्र माना गया है. आदि काल से सूर्य की पूजा उपासना का प्रचलन है इसलिए सूर्य को आदिदेव के नाम से भी जाना जाता है. रोज सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करने को बहुत ही पावन माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि सूर्य उपासना करने से व्यक्ति के भीतर सूर्य जैसा तेज उत्पन्न होता है.

सूर्य की उपासना करने से दिनभर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और मन में ताजगी रहती है. इतना ही नहीं सूर्य को शिक्षा और ज्ञान का स्वामी भी कहा जाता है.

सूर्य देव और शिक्षा का सम्बन्ध

  • सूर्य शिक्षा और ज्ञान का स्वाभाविक स्वामी है
  • कुंडली में सूर्य शिक्षा की स्थिति को स्पष्ट करता है
  •  सूर्य ये भी बताता है कि आप शिक्षा के प्रति कितने गंभीर हैं
  • सूर्य व्यक्ति को शिक्षा ग्रहण करने योग्य भी बनाता है
  •  सूर्य के कमजोर होने से शिक्षा प्राप्त करने में समस्याएं आती हैं

शिक्षा के लिए सूर्य देव की उपासना सर्वोत्तम मानी गई है लेकिन सूर्य से शिक्षा का आशीर्वाद के लिए सुबह जल्दी उठकर सूर्य की उपासना करनी चाहिए. सूर्य उपासना में आपकी शिक्षा और करियर से जुड़ी हर समस्या का समाधान छुपा है.

सूर्य पूजा के फायदे

  •  भगवान सूर्य का उपासक कठिन से कठिन कार्य में सफलता प्राप्त करता है
  • सूर्य की उपासना करने से आत्मबल में भी वृद्धि होती है
  •  नियमित सूर्य पूजा करने से मनुष्य निडर और बलशाली बनता है
  •  सूर्य पूजा मनुष्य को बुद्धिमान और विद्वान बनाती है
  • सूर्य पूजा से करने से अहंकार, क्रोध, लोभ और कपट जैसे विचारों का नाश होता है

भगवान सूर्य साक्षात हमारे सामने मौजूद है. उन्हें खुश करने के लिए केवल जल की काफी है. सूर्य पर जल अर्पित करने से ही मनुष्य के दुखों का नाश हो जाता है. बुरे विचारों का सर्वनाश होता है और मनुष्य का मन सूर्य के समान चमकने लगता है.

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