जानिए लोकसभा में कृषि कानून को लेकर क्या क्या बोले PM मोदी

PM MODI AT LOKSABHA

 

– कशिश राजपूत

 

पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का एक-एक शब्द देश के प्रत्येक नागरिक में प्रेरणा पैदा करने वाला है |

 

जानिए लोकसभा में क्या बोले PM मोदी-

 

. आजादी के 75 वर्ष पूरा करने वाला है | ये 75 वर्ष प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व के भी हैं, आगे बढ़ने के भी हैं

 

 

. कोरोना के दौरान भारत ने जिस तरह से खुद को संभाला और दुनिया को संभाला वो सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे भवन्तु सुखिन पर आधारित है |  उन्होंने कहा कि डॉक्टर और नर्स भगवान का ही रूप है | एंबुलेंस का ड्राइवर भगवान का रूप बनकर आया | पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से दुनिया को कल्याण होगा

 

 

. PM मोदी ने कहा यह हंगामा जो किए जा रहा है, यह सोची समझी रणनीति है। यह सब सच को रोकने के लिए किए जा रहा है। उन्होंने किसानों से पुछा की उनका कौन सा हक छीना जा रहा है। कहा नया कृषि कानून किसी के लिए भी बंधन नहीं है

 

 

. उन्होंने कहा किसानों का आंदोलन ‘अंदोलंजी’ ने संभाल लिया है

 

 

. लोकसभा में PM मोदी के बोलने पर विपक्षी पार्टी का बवाल जारी है, जिसपर PM मोदी भी भड़के हुए हैं और इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी को कंफ्यूज पार्टी बताया, जिसके चलते कांग्रेस पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया

 

 

. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में संबोधित करते हुए नए कृषि कानूनों का बचाव किया था। उन्होने कहा था कि MSP जारी था, MSP जारी है और MSP जारी रहेगा
. उन्होंने संसद को बताया 2014 से हमने किसान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि क्षेत्र में बदलाव शुरू किया है। फसल बीमा योजना को अधिक किसान-हितैषी बनाने के लिए बदल दिया गया। पीएम-किसान योजना भी लाई गई
. पीएम मोदी ने किसान रेल को ठंडे बस्ते में डालने का आह्वान किया और उदाहरणों का उल्लेख किया
. पीएम का कहना है कि खेत कानून किसानों का समर्थन करने के लिए एक उपाय है। “हम नहीं चाहते कि हमारे किसान सरकारी डोल पर निर्भर रहें”
. पीएम ने कृषि कानूनों को “वैकल्पिक” कहा क्योंकि इससे किसानों को यह चुनने का विकल्प मिलता है कि वे अपनी उपज को कहां बेचना चाहते हैं
. खेत कानूनों और किसानों के विरोध के बारे में बोलते हुए, पीएम ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि सुधार आवश्यक हैं। “यही कारण है कि हमारे अधिकारी किसानों के साथ चर्चा कर रहे हैं”

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *