प्रसाद के बगैर अधूरी है आपकी पूजा, जानें किस देवता को कौन सा चढ़ाएं प्रसाद

 

-Ayushi Pradhan

 

सनातन परंपरा में ईश्वर की पूजा में प्रसाद का बहुत महत्व है. फल, मिष्ठान, बताशे आदि चढ़ाया जाने वाले प्रसाद को नैवेद्य भी कहते हैं. अक्सर लोग अपने देवी-देवता से शीघ्र फल पाने की इच्छा से फल और प्रसाद चढ़ाते हैं लेकिन कई लोग इस बात को भूल जाते हैं कि किस देवी या देवता को कौन सा प्रसाद चढ़ाना चाहिए. आइए जानते हैं कि आखिर किस देवता को कौन सा प्रसाद चढ़ाया जाना चाहिए.

 

भगवान गणेश

 

गणपति की पूजा में मोदक या लड्डू का प्रसाद सबसे उत्तम माना गया है. गणपति को चढ़ाए जाने वाला मोदक प्रसाद कई तरह का बनता है. वैसे आप चाहें तो गणपति को मोतीचूर का लड्डू भी चढ़ा सकते हैं क्योंकि गणपति को यह अत्यंत प्रिय है.

 

मां दुर्गा

शक्ति की साधना करते समय माता दुर्गा को खीर, मालपुए, मीठा हलुआ, नारियल और मिठाई चढ़ाना चाहिए. शुक्रवार के दिन माता की पूजा करने के बाद प्रसाद में हलुवा चढ़ाने शीघ्र ही देवी कृपा मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

 

मां सरस्वती

ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा में दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लडू तथा धान का प्रसाद विशेष रूप से चढ़ाया जाता है. माता को यह प्रसाद चढ़ाने पर शिक्षा आदि के क्षेत्र में सफलता मिलती है.

 

भगवान विष्णु

भगवान विष्णु की पूजा में खीर या सूजी का हलवा प्रसाद में चढ़ाया जाना चाहिए. प्रसाद में तुलसी अवश्य डालें और लोगों में वितरित करें. गुरुवार के दिर लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर इस प्रसाद को चढ़ाने से शीघ्र ही मनोकामना पूरी होती है.

 

भगवान शिव

भोले भंडारी को भांग और पंचामृत का प्रसाद बहुत पसंद है. ऐसे में शिव की पूजा में दूध, दही, शहद, शक्कर, घी, जलधारा से स्नान कराने के बाद प्रसाद में भांग अवश्य चढ़ाएं.

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