शिवजी की जटाओं में क्यों कैद हुई गंगा, जानिए घर में कैसे रखें गंगाजल

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-नीलम रावत, संवाददाता

गंगा नदी को जीवनदायनी गंगा कहा जाता है. गंगा ना केवल एक नदी है बल्कि भारत में इसे देवी की तरह पूजा जाता है और इस नदी के जल को अत्यंत की पवित्र माना जाता है. गंगा को आपने महादेव की जटाओं से निकलते देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर इसके पीछे कौन सा रहस्य छुपा हुआ है.

गंगा को शास्त्रों में देव नदी कहा गया है. इस नदी को पृथ्वी पर लाने का काम महाराज भगीरथ ने किया था. महाराज भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने भगवान विष्णु के चरण से निकलने वाली गंगा को अपने सिर पर धारण करके पृथ्वी पर उतारने का वरदान दिया.

जब धरती पर आई गंगा

भागीरथ एक प्रतापी राजा थे. उन्होंने अपने पूर्वजों को जीवन-मरण के दोष से मुक्त करने के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाने की ठानी थी. जिसके लिए उन्होंने कठोर तपस्या की. गंगा उनकी तपस्या से प्रसन्न हुईं तथा स्वर्ग से पृथ्वी पर गिरेंगीं तो पृथ्वी उनका वेग सहन नहीं कर पाएगी. गंगा को अहंकार था कि कोई भी उसका वेग सहन नहीं कर पाया.जिसके बाद राजा भगीरथ ने महादेव की उपासना शुरु की. संसार के दुखों को हरने वाले शिव शंभू भगीरथ की प्रार्थना से प्रसन्न हुए और भागीरथ से वर मांगने को कहा. जिसके बाद राजा भगीरथ ने महादेव से गंगा के वेग को काबू करने का वरदान मांगा. भागीरथ ने अपना सब मनोरथ उनसे कह दिया.

गंगा जैसे ही स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरने लगी तो गंगा के अहंकार को चूर करने के लिए शिव ने उन्हें जटाओं में कैद कर लिया. जिसके बाद गंगा ने शिव से माफी मांगी. तब भोलेनाथ ने उसे जटा से एक छोटे से पोखर में छोड़ दिया, जहां से गंगा सात धाराओं में प्रवाहित हुईं.

गंगा का जल अत्यंत ही पवित्र माना जाता है. गंगाजल से महादेव का अभिषेक सबसे उत्तम माना जाता है. गंगाजल को घर पर कैसे रखना चाहिए इस का भी आपको ध्यान रखना चाहिए.

घर पर कैसे रखें गंगाजल

 

  • इस पवित्र जल को हमेशा तांबे या चांदी के बर्तन में रखना चाहिए
  • घर में जहां गंगाजल रखा जाता है, वहां साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए
  • गंगाजल को कभी भी अंधेरे वाले स्थान पर नहीं रखना चाहिए
  • गंगाजल का उपयोग करने से पहले हाथों को साफ कर लेना चाहिए
  • घर में गंगाजल रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है
  • गंगाजल का सेवन करने से कई बीमारियों दूर हो जाती हैं

हिंदू धर्म में पवित्र नदी गंगा का काफी महत्व है. मान्यता है कि गंगा नदी में स्नान करने मात्र से आपके सारे पाप धुल जाते हैं. शिव के साथ गंगा के जुड़े होने से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है और इसलिए जब भी भक्त शिव प्रसन्न करना चाहते हैं तो गंगाजल से ही महादेव का जलाभिषेक करते हैं.

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