अगर आप भी धारण करते हैं रुद्राक्ष, तो जान लें इसका धार्मिक महत्व, पूजा और फायदे!

करिश्मा राय

 

रुद्राक्ष को जन कल्याण के लिए भगवान शंकर ने अपने अश्रुओं से उत्पन्न किया है.कहा जाता है कि रूद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है. जो व्यक्ति किसी भी रूप में रूद्राक्ष धारण कर लेता है वह समस्त प्रकार के संकटों एवं नकारात्मक शक्तियों से बचा रहता है. रुद्राक्ष एक मात्र ऐसा फल है जो अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष प्रदान करने में कारगर माना जाता है.

 

मुख के अनुसार महत्व

  • रुद्राक्ष यूं तो कोई भी हो वह लाभकारी होता है लेकिन मुख के अनुसार इसका महत्व अलग-अगल होता है.
  • प्रत्येक रुद्राक्ष के ऊपर धारियां बनी रहती हैं, इन धारियों को रुद्राक्ष का मुख कहते हैं.
  • इन धारियों की संख्या 1 से लेकर 21 तक हो सकती है्, इन्हीं धारियों को गिनकर रुद्राक्ष का वर्गीकरण 1 से 21 मुखी तक किया जाता है यानी रुद्राक्ष में जितनी धारियां होंगी, वह उतना ही मुखी रुद्राक्ष कह लाएगा.

 

रुद्राक्ष की नियमित पूजा

  • जिस घर में रुद्राक्ष की नियमित पूजा होती है वहां अन्न, वस्त्र, धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती.
  • ऐसे घर में लक्ष्मी का सैदव वास रहता है.
  • रुद्राक्ष को हमेशा धारण करने वाला और इसकी पूजा करने वाला अंत काल में शरीर को त्यागकर शिवलोक में स्थान प्राप्त करता है.
  • पौराणिक कथाओं में उल्लेख किया गया है कि सती के देह त्याग पर शिव जी को बहुत दुख हुआ था और उनके आंसू अनेक स्थानों पर गिरे जिससे रुद्राक्ष उत्पन्न हुआ.
  • इसलिए रुद्राक्ष धारण करने वाले के सभी कष्ट भगवान हर लेते हैं.

 

रुद्राक्ष धारण करने बड़े फायदे

  • ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मनुष्य के बीमार होने का बड़ा कारण ग्रहों की प्रतिकूलता होती है.
  • रुद्राक्ष धारण करने से ग्रहों की प्रतिकूलता दूर होती है.
  • चाहे व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती से पीड़ित हो या शनि ने चन्द्रमा को पीड़ित करके आपके जीवन में कष्ट भर दिया हो रुद्राक्ष हर हाल में फायदेमंद होता है.

 

रुद्राक्ष को सिर पर रखकर करें भगवान शिव का ध्यान

अगर कालसर्प के कारण जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो रुद्राक्ष धारण करने से अनुकूल फल की प्राप्ति होती है. अगर आप किसी शुभ दिन पर गंगा स्नान करने की चाहत रखते हैं और गंगा तट पर नहीं पहुंच पाते हैं तब रुद्राक्ष को सिर पर रखकर भगवान शिव का ध्यान करने से गंगा स्नान का फल प्राप्त हो जाता है.

Share