लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट का हुआ निजीकरण, अगले 50 सालों तक अडानी ग्रुप देगा एयरपोर्ट पर सेवा

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रवि श्रीवास्तव

आखिरकार  लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का भी निजीकरण हो गया, सरकार और अडानी ग्रुप के बीच हुए करार के मुताबिक अगले 50 तक एयरपोर्ट का सारा काम-काज अडानी ग्रुप देखेगा, इसके आलावा अडाणी ग्रुप ही एयरपोर्ट के  विकास, प्रबंधन और वित्तीय मामलों के फैसले लेगा।

 

तीन साल मिलकर करना होगा काम 

जानकारी के मुताबिक अडानी ग्रुप आज से ही हवाई अड्डे पर सभी सुविधाओँ की समीक्षा करेगा।हवाई अड्डे को संभालने के बाद अडानी ग्रुप आज से अगले तीन साल तक सरकार के साथ ही संयुक्त रूप से काम करेगा, जिसमें एयरपोर्ट निदेशक को छोड़कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 124 एक्जीक्यूटिव और नॉन एक्जीक्यूटिव अधिकारी व कर्मचारी पहले की तरह ही काम करेंगे, लेकिन निर्देशन अडाणी ग्रुप के अधिकारियों का रहेगा।  यह एक तरह से संयुक्त प्रबंधन का समझौता है, जो एक साल तक चलेगा। इसके बाद दो साल के लिए यही कर्मचारी डीम्ड डेपुटेशन पर अडाणी ग्रुप के लिए काम करेंगे

 

सरकार के हाथों में ही होगी सुरक्षा व्यवस्था 

एयरपोर्ट के प्राइवेट  हाथों में जाने के बाद सवाल सुरक्षा का भी है, जिसकों लेकर बताया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था की कमान पहले की ही तरह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जवान संभालते रहेंगे। फायर फाइटिंग सिस्टम और इंजीनियरिंग सेवाएं भी अडानू समूह के अधिकारी संभालेंगे

 

यात्री शुल्क पर पड़ेगा कोई असर ?

एयरपोर्ट के निजी हाथों में जाने से करोड़ों की योजनाओं को गति मिलेगी। इसमें 1400 करोड़ से नए टर्मिनल टी3 का निर्माण होना है। वहीं, आठ एप्रन बन रहे हैं। फायर फाइटिंग सिस्टम अपग्रेड होना है। रनवे का विस्तार 2700 से 3500 मीटर करना है। जहां तक यात्री शुल्क का सवाल है जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट पर फिलहाल किसी सुविधा का शुल्क नहीं बढ़ेगा। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट की तर्ज पर यहां भी सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। इसमें यात्रियों के बैठने से लेकर एसी लाउंज को बेहतर बनाया जाएगा। पिक एंड ड्रॉप को निशुल्क किया जा सकता है।

 

 

 

 

 

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