नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार, अप्रूवल के लिए शासन को भेजा गया प्लान

 

Haider Ali

 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास का खाका शासन को भेजा गया। इसी मास्टर प्लान के तहत एयरपोर्ट का निर्माण होगा। ज्यूरिख की सहयोगी कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने एक परियोजना का डेवलपमेंट प्लान प्रस्तुत किया है और इसी प्लान का परीक्षण चल रहा है। परीक्षण के पश्चात प्लान को अनुमोदित किया जाएगा। गौरतलब है कि 1095 दिन में एयरपोर्ट के पहले फेज़ का निर्माण पूरा होना है। यानी 30 सितंबर, 2024 में पहली उड़ान भरना तय है। यमुना अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मास्टर प्लान शासन को सौंपा है। मास्टर प्लान के तहत ही एयरपोर्ट का  निर्माण होगा।

 

ज्यूरिख एयरपोर्ट की सहयोगी कंपनी NIAL (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) ने बनाया मास्टर प्लान है।

फिलहाल इस प्लान का परीक्षण चल रहा है। डेवलपमेंट प्लान का परीक्षण इंडिपेंडेंट इंजीनियर करेगा। इंडिपेंडेंट इंजीनियर चुनने की प्रक्रिया चल रही है। इंडिपेंडेंट इंजीनियर के लिए टेंडर जारी किया गया था लेकिन कंपनियां सक्षम नहीं पाया गया। ऐसे में सरकारी एजेंसी को अब चुना जाएगा जिसके लिए सरकार को पत्र लिखकर मंजूरी दी जाएगी। बता दें इंडिपेंडेंट इंजीनियर मास्टर प्लान के एक- एक बिंदु को चेक करके अपनी रिपोर्ट देगा। इंडिपेंडेंट इंजीनियर की रिपोर्ट के बाद नियाल मास्टर प्लान को अप्रूव करेगा। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का निर्माण मास्टर प्लान के तहत ही किया जाएगा उसमें कोई बदलाव नहीं है। एयरपोर्ट निर्माण के लिए सभी तरह के क्लीयरेंस मिल चुके हैं।

 

आपको बता दें कि पहले चरण में चार सब-फेज़ हैं। 1334 हेक्टयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। जिसमें 2 रनवे बनने हैं। इसके अलावा 1365 हेक्टयर का अधिग्रहण जारी है। एयरपोर्ट में 5 रनवे होंगे। जिसमें MRO (मेंटिनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहालिंग) की सुविधा होगी। 40 एकड़ में MRO बनाया जाएगा। आकंड़ों के मुताबिक देश के तकरीबन 85% हवाई जहाज़ रिपेयर होने विदेश में बनें MRO जाते हैं। जिसमें तकरीबन 10 हज़ार करोड़ का खर्च हर साल होता है। शिलान्यास के बाद से ही एयरपोर्ट के काम में तेजी देखी जा रही है। और मास्टर प्लान अप्रूव होने के बाद एयरपोर्ट निर्माण में और तेजी लाई जाएगी।