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बिहार में जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के खिलाफ रविवार को विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाई गई। पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आधे घंटे तक जब 4.27 करोड़ से अधिक लोग एक-दूसरे का हाथ थामेे खड़े हुए तो विश्‍व रिकार्ड तो बनना ही था। एक-दूसरे के हाथ थामे इन लोगों की संख्या कानाडा व आस्‍ट्रेलिया सहित विश्‍व के 192 देशों की आबादी से बड़ी थी। मानव श्रृंखला का मुख्‍य कार्यक्रम पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में इसका आरंभ किया गया।

अब राज्य सरकार मानव श्रृंखला का डाक्यूमेंटेशन करा प्रमाण स्वरूप वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सौंपेेेगी। इसके लिए 15 हेलीकॉप्टर एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में लगाए गए। मानव श्रृंखला के अवलोकन के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स के  प्रतिनिधि  भी आमंत्रित किए गए।

बिहार ने तोड़े अपने ही पुराने वर्ल्‍ड रिकार्ड

इसके साथ बिहार ने 2018 का अपना ही पुराना विश्‍व रिकार्ड तोड़ दिया है। इसके पहले 2017 में शराबबंदी अभियान को सफल बनाने के लिए बिहार में 11292 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी, जिसके रिकार्ड को बिहार वासियों ने दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर तोड़ा था।

साईं बाबा के समर्थकों ने महाराष्ट्र सरकार के एक फैसले के खिलाफ जंग छेड़ दी है. मुद्दा साईं बाबा के जन्म स्थान को लेकर है और साईं समर्थक इसे आस्था का सवाल मानकर लड़ाई लड़ने को तैयार हो गए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि क्या रोजाना शिरडी पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को पिसना पड़ेगा या आस्था के आगे उद्धव सरकार को झुकना पड़ेगा.

दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील के बावजूद शिरडी ग्राम सभा ने रविवार को बंद करने का फैसला किया है. सीएम की ओर से साई जन्मभूमि पाथरी शहर के लिए विकास निधि के ऐलान के बाद उठा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री के बयान से शिरडी के लोग नाराज हैं.

19 जनवरी से शिरडी में अनिश्चितकालीन बंद बुलाया गया है. साईं भक्तों का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार आस्था से खिलवाड़ कर रही है. शिरडी में ग्रामीणों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद ये फैसला किया गया है कि रविवार यानि 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा.

पैकेज का ऐलान

साईं के जन्म स्थान को लेकर पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन बीती 9 जनवरी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परभणी जिले के पाथरी को साईं के जन्म स्थान की हैसियत से विकसित करने के लिए 100 करोड़ के पैकेज का ऐलान कर दिया. इसके बाद से ही ये विवाद भड़क गया है.

 उद्धव से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पाथरी को लेकर ऐसा ही ऐलान किया था. 2018 में साईं समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा था, 'पाथरी साईं बाबा का जन्म स्थान है. मैं पाथरी के विकास के लिए काम करूंगा.'

देश में पिछले एक महीनों से CAA और NRC को लेकर देश के हर राज्यों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सबसे ज्यादा कोई जगह कोई आकर्षण का केंद्र रहा तो वो है देश की राजधानी दिल्ली का शाहीन बाग इलाका, जहां पिछले 35 दिनों से पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी CAA के विरोध में लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है, लकिन इसी बीच कांग्रेस के राज्यसभा के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के एक बयान के बाद देश में CAA के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की बोलती बंद होती हुई नजर आ रही है।

दरअसल कांग्रेस नेता कपिल सिब्ल्ल ने कहा कि कोई भी राज्य नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने से इनकार नहीं कर सकता। केरल लिट्रेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को कोझिकोड में उन्होंने कहा कि संसद में पास होने के बाद राज्य अगर कानून लागू करने से इनकार करते हैं, तो यह असंवैधानिक होगा।

आपको बताते चलें कि ससे पहले बंगाल, राजस्थान, केरल, पुड्डुचेरी, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सरकार ने कहा था कि वे इस कानून को लागू नहीं करेंगे। इन 8 राज्यों में देश की 35% आबादी रहती है।

पूर्व कानून मंत्री सिब्बल ने कहा- अगर सीएए को संसद की मंजूरी मिल चुकी है, तो कोई राज्य यह नहीं कह सकता कि वह इसे लागू नहीं करेगा। यह संभव नहीं है और ऐसा करना असंवैधानिक है। हालांकि राज्य इसका विरोध कर सकते हैं और विधानसभा में इसके खिलाफ संकल्प पारित कर सकते हैं। राज्य केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग भी कर सकते हैं, लेकिन किसी का यह कहना कि मैं इस कानून को लागू नहीं करूंगा, ज्यादा बड़ी समस्या पैदा करेगा। जब कोई राज्य ऐसा कहता है कि वो इसे लागू नहीं करेगा, तो माना जाना चाहिए कि उसकी इच्छा इस कानून को लागू करने की नहीं है। हालांकि उसके हाथ बंधे हुए हैं।

 

गुजरात का नाम जब कभी भी ज़ुबान पर आता हैं, तो सबसे पहले देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की छवि सहसा सामने आ जाती हैं। यहीं नहीं गुजरात की पहचान अब विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति STATUE OF UNITY  के रुप में भी जानी जाती हैं, जिसकी ऊंचाई 182 मीटर हैं।

जहां इन शख्शियतों के कारण देश-विदेश में गुजरात की एक अलग पहचान हैं, तो दूसरी ओर गुजरात ने अपने यहां शराब को पूर्ण रुप से प्रतिबन्धित किया हुआ हैं। गुजरात देश का पहला राज्य हैं, जिसने सर्वप्रथम शराब पर पूरी तरह से बैन लगाया हुआ हैं। गुजरात में शराब उसके महाराष्ट्र से अलग होने पर और एक नया राज्य 1960 में बनने से ही लागू हैं।

अंबाजी गुजरात का सबसे बड़ा शक्तिपीठ है, इस शहर में मातारानी के भक्त को तांता हमेशा लगा ही रहता हैं। माता के दरबार में क्या नेता क्या पुलिस ऑफिसर सभी यहां अपनी हाजिरी लगाने आते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रुपाणी भी माता के दरबार में आते ही रहते हैं, लेकिन इतने पवित्र स्थान पर शराब को यूं खुले-आम बेचने का वीडियो जब से वायरल हुआ है, पुलिस के आला-अधिकारी सकते में आ गये हैं और सरकार के पास कहने के लिए कुछ बन नहीं पा रहा हैं। लोगों का ये आरोप हैं, पुलिस की मिली-भगत के कारण ही ये हो सका है। 

गुजरात के पड़ोसी राज्य राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ समय पहले कहा था की  गुजरात के गांव-गांव में शराब पी जाती है ,इसी बयान  के बाद बड़ी खेप में शराब तस्करी को पकड़ा गया था। आज अंबाजी में शराब माफिया का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।

8 फरवरी को आने में समय हैं, लेकिन जिस तरह से इसकी तैयारी देश की राजधानी दिल्ली में बड़े ही ज़ोर-शोर से कि जा रही है, उससे तो यही लगता हैं कि इस तारीख का अपना ही एक महत्व है।

जी नहीं इस दिन बॉलीवुड के दंबग सलमान की शादी नहीं है बल्कि इस दिन तो देश कि राजधानी दिल्ली में विधानसभा का चुनाव होना तय हुआ है, तो इसी के चक्कर में सभी राजनीतिक पार्टियां कोई भी कौताही नहीं बरतना चाहती हैं।

जनता को लुभाने के नए पेतरे...

इस चुनाव कि क्या महत्ता है, इसकी बानगी इसी से समझी जा सकती हैं, हर राजनीतिक दल अपने अनुसार लोगों को अपने तरफ लामबन्ध करने के लिए किस्म-किस्म के पेंतरे-बाजी अपना रहे हैं।

सबसे पहले तो AAP ने ये करतब दिखाया, भोजपुरी फिल्म जगत के बड़े स्टार और दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के फिल्मों के गाने का इस्तेमाल करके चुनाव के विज्ञापन की तैयारी करने लगे, लेकिन कहते हैं, कभी-कभी ज्यादा समझदारी भी परेशानी का सबब बन जाती हैं। मनोज तिवारी ने केजरीवाल पर 5,00 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक दिया। अब देखना ये है आम आदमी पार्टी इससे कैसे बाहर आ पाती हैं।

बीजेपी का पलटवार...

वो कहते है, न अगर आप किसी को चोट पहुंचाते हो तो सामने वाला आप पर पलटवार ज़रुर करेगा। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को उसके ही अंदाज में उसको जवाब दिया हैं। कुछ समय पहले केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि हम हर दिन आप पार्टी के खिलाफ़ उसके नाकामी को उजागर करेंगे।

समय भी आजकल रैप सॉन्ग का चल रहा हैं, जो काफी पसन्द किया जाता हैं, उसी के मद्देनज़र बीजेपी ने आप पार्टी के करतूतों को दिल्ली की जनता के सामने उजागर करने के लिए रैप सॉन्ग से केजरीवाल को जवाब, 'पलटूराम ने जनता को बनाया..।

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