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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कश्मीर मुद्दे पर अपनी तरफ से सहायता करने को लेकर अपनी बात रखी है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (WEF) की एक बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रंप से मुलाकत की तो ट्रंप ने इस बात को साफ किया कि वो पाकिस्तान और भारत के बीच चल रहे कश्मीर मुद्दे को लेकर बात करना चाहते है, लेकिन यह तभी हो सकता है जब भारत इस को लेकर बात करने के लिए तैयार हो।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी इसको लेकर कई बात अपनी बात रख चुके है कि लेकिन भारत ने भी साफ-साफ शब्दों में अपनी बात रखते हुए हर बार एक ही बात कही है कि कश्मीर हमारा आंतरिक मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे देश की दखलअंदाजी का कोई मतलब नहीं है।

कश्मीर मुद्दे को लेकर व्हाइट हाउस ने अपने बयान में साफ किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत तभी हो सकती है जब पाकिस्तान अपने आतंकवादियों के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाएगा। पाकिस्तान में चल रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत हमेशा से बोलता रहा है।

इसी बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश की आर्थिक गति के बारे में भी बताया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय एक ऐसी आर्थिक गति पर पहुंच चुका है, जो विश्व ने पहले कभी नहीं देखा है। अमेरिका पहले की अपेक्षा अब और आगे बड़ रहा है और इसकी गति और भी तेज हो रही है।

पिछले करीब एक महीने से ज्यादा समय से लगातार चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन से जुड़े करीब 143 याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी थी। हालांकि अब इस पर एक अहम फासला लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अभी इस पर कोई रोक नहीं लगाया जा सकता और साथ ही साथ केंद्र को 4 हफ्ते का समय भी दिया गया है जिसमें उनसे जवाब मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सुनवाई करते हुए कहा सभी याचिकाओं का देखने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है।

नागरिकता बिल के विरोध और समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में कई व्यक्तियों और कई संस्थानओं ने याचिका दायर की है। तीन जजों की बेंच जिनमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबड़े, जस्टिस अब्दुल नज़ीर और संजीव खन्ना, इन याचिकाओं पर सुनवाई कर ये फैसले लिए गए है। 

इन याचिकाओं में कई नेता भी शामिल है जिन्होनें सीएए का विरोध करते हुए कहा है कि यह कानून देश में अशांति फैलाने के लिए लाया गया है। ये कानून भारत के पड़ोसी देशों से हिंदू, बौद्ध, ईसाई, पारसी, सिख और जैन धर्म के लोगों के साथ हो रहे धर्म के नाम पर भेदभाव के चलते इन्हीं लोगों को नागरिकता देने की मंजूरी देता है। इस कानून में मुसलमानों को बाहर रखा गया है, जिस वजह से हिंसा भड़काने जैसी कोशिश की गई है। इनमें से लोगों का कहना है कि यह जानबूझकर किया है और धर्म के नाम पर भेदभाव करने को लेकर भारतीय संविधान कभी भी मंजूरी नहीं देता। 

आपको बता दें कि इस नए कानून के अनुसार धार्म के आधार पर भेदभाव का शिकार होने वाले लोग जो 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को बाहर का नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी। इस कानून के पास होने के बाद देश में कई जगहों पर इसके विरोध में हिंसाएं भी हुई थी, जिसमें यह विरोध किया जा रहा था कि इस कानून में मुसलमानों को क्यों जगह नहीं दी गई है।

कहा जाता है मकर संक्रांति के बाद भारत में ठंड कम होने लगती है, लेकिन देश की राजधानी के हालात को देखते हुए ऐसा लग नहीं रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण दिल्ली NCR में पारा एक बार फिर लुढ़क गया। जिसके कारण पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में ठंड पड़ रही हैं और सर्द हवाएं चल रही हैं।

बुधवार को दिल्ली का पारा लुढ़कर 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि उसस सटे नोएडा में तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। बुधवार की सुबह देश की राजधानी पूरी तरह से कोहरे में लिपटी हुई नजर आई। दिल्ली में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है।

 

 

वहीं अगर बात करें यातायात की तो कोहरे के कारण यातायात भी काफी प्रभावित हुआ है। विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़कों पर गाड़ियां चलाने में भी लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है. वहीं घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाले ट्रेनें देरी से चल रही है. कोहरे के कारण दिल्ली आने वाले 22 ट्रेन फिलहाल लेट हैं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 26 जनवरी तक दिल्ली और उसे सटे राज्यों में हालात ऐसे ही बने रहेंगे।

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने ऋषभ पंत के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है और साथ ही साथ लोकेश राहुल की तारीफ की है। गंभीर ने कहा कि के.एल राहुल एक शानदार खिलाड़ी है उनके पास वो सबकुछ जो उनको एक बेहतरीन बल्लेबाज बनाता है।

आपको बता दें कि राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में चोट के चलते बाहर होने वाले विकेटकीपर ऋषभ पंत की जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। पंत को चोट लगने के बाद वो दूसरे और तीसरे मैच से भी बाहर हो गए थे, जिसके कारण राहुल ने विकेटकीपर की जिम्मेदारी को संभाला था और बेहतरीन काम करने के अलावा शानदार रन भी बनाए।

गंभीर ने कहा कि राहुल को पंत के चोट लगने के चलते बैकअप के रूप में टीम में रखा गया था, जिसके चलते उन्होंने इस बात को साबित भी किया हैं। आगे उन्होंने कहा कि मुझे लगता टीम अब इसी मेल के साथ आगे जाएगी।

आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 से वनडे सीरीज जीतने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी इस बात को सामने रखा था कि के.एल राहुल टीम में विकेटकीपर के तौर पर टीम का अच्छे से संतुलन बनाते है, जिससे साफ हो गया था कि कोहली भी इसी बदलाव के साथ आगे जाएंगे।

पूर्व सलामी बल्लेबाज ने पंत के भविष्य को लेकर भी बड़ी बात कही और कहा कि मुझे लगता है कि इन सबके चलते उनके अंदर आत्मविश्वास और भी कम हो गया है। हालांकि गंभीर ने यह भी कहा कि टीम को उनसे बात करके उन्हें विश्वास दिलाने की जरुरत है।

आजकल इस देश में ये ट्रेंड चल चुका हैं कि कुछ घटना पर भले ही सही जानकारी न हो लेकिन उसपर उल-जुलल बातें करना कुछ बुद्धिजीवियों ने अपना धर्म समझ लिया हैं। ऐसे ही समझदारों की फेहरिस्त में अब प्रसिद्ध अदाकारा आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने अपना नाम लिखवा लिया हैं।

क्या किया सोनी राजदान?

सोनी राजदान अपने ज़माने की बड़ी हीरोइन रह चुकी है, इसके साथ-साथ वह बड़े फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट की पत्नी है। सोनी राजदान ने एक रीट्वीट के जरियें ये कहा कि संसद भवन हमले के मुख्य साजिशकर्ता अफ़जल गुरु को “बलि का बकरा” बनाया गया।

राजदान ने ये इसलिए कहा क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ( देविन्दर सिंह) को उसके ही गाड़ी से आंतकियों के साथ पकड़ा गया है। बड़ा खुलासा ये हुआ कि देविन्दर के तार शायद संसद हमले से भी जुड़े हुए है।

एक पत्र में अफ़जल ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बारे में कहा था, तो कयास यहीं लगाए जा रहे है कि देविन्दर सिंह ही तो वह शख्स नहीं है?

सोनी राजदान का रीट्वीटः

 

क्या था संसद हमलाः

13 दिसंबर 2001 को एक सफेद एंबेसडर कार में सवार होकर संसद परिसर में घुसे पांच आतंकवादियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी कर पूरे हिंदुस्तान को झकझोर दिया था। उस हमले में दिल्ली पुलिस के पांच कर्मियों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला अधिकारी, संसद भवन के दो वॉच और वार्ड कर्मचारी, एक माली और एक कैमरामैन की मौत हो गई थी।

दिल्ली में 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। वहीं बात करें आम आदमी पार्टी की तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज नई दिल्ली सीट से अपना नामांकन दाखिल कर अपनी ओर से चुनावी बिगुल बजा दिया है।

नामांकन करने पहुंचे केजरीवाल को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। भीड़ में लोगों ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की और साथ ही साथ उनके नामांकन को लेकर भी भारी मात्रा में विरोध किया। जानकारी के अनुसार विरोध करने वाले लोग वहां बहुत देर से केजरीवाल के आने का इंतजार कर रहे थे।

आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल सोमवार को ही नामांकन के लिए पहुंचे थे, लेकिन रोड शो के चलते उन्हें देरी होने का कारण वे ऐसा नहीं कर सके और आज नांमकन दाखिल किया।

जनता की राय जाने तो अधिकतर लोगों का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव अरविंद केजरीवाल और अन्य पार्टियों के बीच की लड़ाई है।

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