Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

अगर कुल्फी खाने का है शौक, यहाँ कि जरूर खाएं

दिल्ली के चांदनी चौक की बात करें तो खान-पान के लिए बहुत मशूहर है। लोग दूर-दूर से यहा खाना खाने आते है। बता दें कि चांदनी चोक के सीताराम बाज़ार में एक आइसक्रीम पार्लर है, जो कुल्फी में कई प्रकार के स्वाद परोसता है। न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही यह होम डिलीवरी प्रदान करता है। जायके पूरी तरह से मनमौजी हैं और हर कुल्फी रसदार और स्वाद है। जामुन और इमली कुल्फी पूरी तरह से बकाया हैं।

इस कुल्फी की खासयित ये है कि फलों का स्वाद भरपूर्ण है। जो और कुल्फीयोंं से अलग है जिन लोगों को खाने का शौक है वो जरुर इस कुल्फी को खाए

Image result for kuremal kulfi

कौन-कौन से फल की कुल्फी मिलती है यहाः

आम,संतरा,सेब और कही अन्य फल की कुल्फी मिलती है। अगर एक बार खाली तो खाते ही रह जाऐगें।

Image result for kuremal kulfiImage result for kuremal kulfi

Image result for kuremal kulfi

कुरेमल कुल्फी वाला’ नाम ऐसे ही पड़ा

दूध और घी की खरीद फरोख्त से रूबरू थे ही, लगभग 4-6 साल 1910 तक यही काम किया. पहले रबड़ी बनानी शुरू की. बाद में कुल्फी. दिल्ली आते. सिर पर लकड़ी की पेटी में कुल्फी भरकर ढोते. चांदनी चौक में कभी सदर बाजार तो कभी नई सड़क पर कुल्फी बेचते थे।

जाने कौन थे कुरेमल:

1906 में ‘स्व. करोड़ीमल’ दूध और देसी घी बेचते थे। फिरंगी, इनसे एक या दो किलो दूध, देसी घी गांव से ला देने को कहते। करोड़ीमल ने ऐसा 4-5 सालों तक किया. हफ्ते, 15 दिन में दिल्ली आते. उन्हें सामान देकर अपने गांव पलड़ा (झज्जर/हरियाणा) वापस चले जाते. काम में करोड़ीमल का साथ उनके चाचा, माईराम देते. दिल्ली में करोड़ीमल को ‘कुरे’ के नाम से जाना गया।

Rate this item
(0 votes)
Last modified on Thursday, 17 October 2019 15:43