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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) के चीफ के सिवन ने चंद्रयाण-3 के प्रोजेक्ट को लेकर बात की। के सिवन ने बताया कि आने वाले समय में भविष्य में चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री को भेजने का मिशन किया जाएगा लेकिन इस मिशन को लेकर उन्होंने इस बात को भी साफ किया कि यह उनका भविष्य का कार्य है। ISRO के चीफ ने बताया कि अभी जिस मिशन पर काम चल रहा है वह गगनयान मिशन है। आगे उन्होंने बताया कि इसके लिए 4 अंतरिक्ष यात्रियों को इस महीने के अंत तक ट्रेनिंग के लिए रूस भेजा जा रहा है और इसके लिए सारी तरह की तैयारियां की जा रही है।

चंद्रयाण-3 को लेकर के सिवन ने बताया कि इसको लेकर भी सभी तैयारियां शुरु हो चुकी है और तेजी से चल रही है।

आपको बता दें कि गगनयान मिशन को 2022 में भेजा जाना है और साथ ही साथ इस मिशन में 4 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भी भेजा जाएगा। इसकी ट्रेनिंग के लिए चारों अंतरिक्ष यात्रियों को महीने के आखिरि तक रुस भेजा जाएगा। गगनयान मिशन भारत के बड़े मिशनों में से एक है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कश्मीर मुद्दे पर अपनी तरफ से सहायता करने को लेकर अपनी बात रखी है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (WEF) की एक बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रंप से मुलाकत की तो ट्रंप ने इस बात को साफ किया कि वो पाकिस्तान और भारत के बीच चल रहे कश्मीर मुद्दे को लेकर बात करना चाहते है, लेकिन यह तभी हो सकता है जब भारत इस को लेकर बात करने के लिए तैयार हो।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी इसको लेकर कई बात अपनी बात रख चुके है कि लेकिन भारत ने भी साफ-साफ शब्दों में अपनी बात रखते हुए हर बार एक ही बात कही है कि कश्मीर हमारा आंतरिक मुद्दा है और इसमें किसी तीसरे देश की दखलअंदाजी का कोई मतलब नहीं है।

कश्मीर मुद्दे को लेकर व्हाइट हाउस ने अपने बयान में साफ किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत तभी हो सकती है जब पाकिस्तान अपने आतंकवादियों के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाएगा। पाकिस्तान में चल रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत हमेशा से बोलता रहा है।

इसी बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश की आर्थिक गति के बारे में भी बताया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय एक ऐसी आर्थिक गति पर पहुंच चुका है, जो विश्व ने पहले कभी नहीं देखा है। अमेरिका पहले की अपेक्षा अब और आगे बड़ रहा है और इसकी गति और भी तेज हो रही है।

आजकल इस देश में ये ट्रेंड चल चुका हैं कि कुछ घटना पर भले ही सही जानकारी न हो लेकिन उसपर उल-जुलल बातें करना कुछ बुद्धिजीवियों ने अपना धर्म समझ लिया हैं। ऐसे ही समझदारों की फेहरिस्त में अब प्रसिद्ध अदाकारा आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने अपना नाम लिखवा लिया हैं।

क्या किया सोनी राजदान?

सोनी राजदान अपने ज़माने की बड़ी हीरोइन रह चुकी है, इसके साथ-साथ वह बड़े फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट की पत्नी है। सोनी राजदान ने एक रीट्वीट के जरियें ये कहा कि संसद भवन हमले के मुख्य साजिशकर्ता अफ़जल गुरु को “बलि का बकरा” बनाया गया।

राजदान ने ये इसलिए कहा क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ( देविन्दर सिंह) को उसके ही गाड़ी से आंतकियों के साथ पकड़ा गया है। बड़ा खुलासा ये हुआ कि देविन्दर के तार शायद संसद हमले से भी जुड़े हुए है।

एक पत्र में अफ़जल ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बारे में कहा था, तो कयास यहीं लगाए जा रहे है कि देविन्दर सिंह ही तो वह शख्स नहीं है?

सोनी राजदान का रीट्वीटः

 

क्या था संसद हमलाः

13 दिसंबर 2001 को एक सफेद एंबेसडर कार में सवार होकर संसद परिसर में घुसे पांच आतंकवादियों ने 45 मिनट में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी कर पूरे हिंदुस्तान को झकझोर दिया था। उस हमले में दिल्ली पुलिस के पांच कर्मियों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला अधिकारी, संसद भवन के दो वॉच और वार्ड कर्मचारी, एक माली और एक कैमरामैन की मौत हो गई थी।

दिल्ली में 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। वहीं बात करें आम आदमी पार्टी की तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज नई दिल्ली सीट से अपना नामांकन दाखिल कर अपनी ओर से चुनावी बिगुल बजा दिया है।

नामांकन करने पहुंचे केजरीवाल को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। भीड़ में लोगों ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की और साथ ही साथ उनके नामांकन को लेकर भी भारी मात्रा में विरोध किया। जानकारी के अनुसार विरोध करने वाले लोग वहां बहुत देर से केजरीवाल के आने का इंतजार कर रहे थे।

आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल सोमवार को ही नामांकन के लिए पहुंचे थे, लेकिन रोड शो के चलते उन्हें देरी होने का कारण वे ऐसा नहीं कर सके और आज नांमकन दाखिल किया।

जनता की राय जाने तो अधिकतर लोगों का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव अरविंद केजरीवाल और अन्य पार्टियों के बीच की लड़ाई है।

हमारे देश में नारियों को सम्मान देने कि परंपरा बहुत ही प्राचीन है। इसलिए शक्ति कि उपासना कि जाती है।  इसी वजह से हमारे मुनियों ने नारी के समान में ये श्लोक कहा (यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः) जहां नारियों का सम्मान होता है, उसी जगह देवता भी वास करना पसंद करते है। लेकिन लगता है, आज के समय में इस श्लोक कि कोई ज़रुरत ही नहीं रह गई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि पंजाब के अंबाला में कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है।

क्या हुआ अंबाला में?

कुछ लोगों को लगता है, नारी केवल भोगविलास कि वस्तु से बढ़कर और कुछ नहीं है, इसी कारण आए दिन कुछ ऐसे ही लोग नारियों पर अपनी कुदृष्टि डालते रहते है। एक ऐसी ही घटना पंजाब के अंबाला शहर में हुई है, जहां एक वासना के पुजारी ने स्कूल जाते हुई बच्चियों पर अपनी घिनौनी नज़र डाली है। ये व्यक्ति स्कूल जाती हुई बच्चियों पर गलत नज़र डालता और उनको गन्दे-गन्दे इशारे भी करता था।

इस व्यक्ति का ख़ौफ कुछ लड़कियों के मन में इतना बैठ गया कि कुछ ने तो विद्यालय जाना ही बन्द कर दिया।

जब माता-पिता ने इसकी वजह पूछी तो उन लड़कियों ने सारा किस्सा सुना दिया।

 

मम्मियों ने दिखाया रौद्र रुपः

जब मोहल्ले की माताओं को यह पता चला की उनकी बेटियों के साथ ये व्यवहार हो रहा है, तो सबने मिलकर उस व्यक्ति की तो पहले जमकर पिटाई कि फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया। बताया ये जा रहा है कि आरोपी पास के मोहल्ले में ही किसी दूकान पर काम करता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने की बात कहीं है।

 

क्या है पॉक्सो एक्ट ?

पॉक्सो एक्ट का पूरा नाम (प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट)  पोक्सो एक्ट-2012; को बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न और यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बनाया था।

अंबाला थाने ने क्या कहाः

अंबाला में महिला थाना की एसएचओ सुनीता के अनुसार, स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने वाले युवक के परिजन भी पुलिस थाने पहुंचे जहां उनसे बातचीत की गई। आरोपी के परिजनों ने बताया कि युवक मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक है। एक दुकान पर नौकरी करता है। युवक के भाई ने कहा कि इसे अपने अपराध की सज़ा मिलनी चाहिए।

दिल्ली में 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने इस बात की घोषणा की है कि वे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अपने प्रत्याशी सुनील यादव को ही उतारेगी। दिल्ली बीजेपी के मुख्य श्याम जाजू ने इस बात को साफ करते हुए बताया है कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सुनील यादव को ही खड़ा किया जाएगा।

हालांकि अटकलें लगाई जा रही थी कि बीजेपी केजरीवाल के खिलाफ किसी दूसरे प्रत्याशी को खड़ा करेगी। आपको बता दें कि नामांकन के लिए मंगलवार का आखिरी दिन तय किया गया है, जिससे बीजेपी यदि चाहे तो अपने प्रत्याशी को बदल सकती है।

बीजेपी के उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी करने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ सुनील कुमार को उतारने का एलान किया थ। इसके बाद आप पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी की सूची को देखते हुए लग रह है कि उन्होंने पहले ही हार मान ली है और साथ ही साथ 70 सीटें जीतने का भी दावा किया।

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने है और वहीं 11 फरवरी को इसका परिणाम आना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तालकटोरा स्टेडियम में 'परीक्षा पे चर्चा 2020' कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को संबोधित किया। पीएम मोदी ने स्टूडेंट को ध्यान में रखते हुए कहा कि मैं आपका दोस्त और मददगार के आधार पर ये कार्यक्रम कर रहा हूं।

आगे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आप लोगों से ठीक वैसे ही बात करुंगा जैसे आप अपने दोस्तों के बीच करते हैं, मेरी और आपकी बातचीत 'हैशटैग विदाउट फिल्टर' के जैसी होगी। जैसे-जैसे संबोधन आगे बड़ा, वैसे ही कार्यक्रम में आए स्टूडेंट्स और पीएम मोदी के बीच सवाल और जवाब का सेशन शुरू हुआ।

इसी सेशन के दौरान एक छात्र यश श्री ने पीएम मोदी से पहला सवाल किया और कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान मूड ऑफ हो जाता है कैसे मैं अपने आप को इससे बाहर कर के खुद को प्रेरित करूं? वहीं इसी पर पीएम मोदी ने कहा कि मूड खराब होना गलत सोचने की वजह से होता है और यह एक आम बात है और मूड ऑफ के और बाहर के कारण भी हो सकते है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी पर आगे उदाहरण देते हुए हा कि यदि आपने अपनी माता से 6 बजे चाय मांगी और उन्हें चाय लाने में थोड़ी देर हो जाती है तो आप मन में सोचेंगे कि आपकी मां को शायद आपकी परवाह नहीं है। उन्हें नहीं पता कि मेरी बोर्ड परीक्षा है और ऐसा सोच लेने से आपका मूड खराब हो सकता है।

हालांकि इसी में यदि आप यह सोचे की मां शायद कोई जरुरी काम कर रही होगी जिसके चलते चाय लाने में उन्हें देरी हो रही है। उन्होंने कहा मूड इसलिए बिगड़ता है, क्योंकि आपने अपेक्षा को अपने साथ जोड़ लिया है। हर व्यक्ति को मोटिवेशन या डिमोटिवेशन से गुजरना पड़ता है और यह इसी कड़ी का हिस्सा है।

पीएम मोदी ने चंद्रयान 2 के उदाहरण से भी लोगों को अवगत करवाया और कहा कि चंद्रयान 2 पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई थी, लेकिन फिर इससे पूरे देश का मूड खराब हो गया था। असफल होने के बाद भी चंद्रयान 2 को मिलने वाली सफलता को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी विफलताओं में भी सफलता को हासिल कर सकते है और एक नया उदाहरण सामने रख सकते है।

नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर लगातार राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। साथ ही साथ इसको लेकर कई तरह के पक्ष और विपक्ष भी अपनी राय रख रहे है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन के नागरिकता कानून और एनआरसी पर बयान देने के बाद अब इसी कड़ी में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी भारत के नए नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर बड़ा बयान दिया है।

शेख हसीना ने एक न्यूज को दिए इंटरव्यू में भारत के नए नागरिकता कानून और एनआरसी को एक आंतरिक मामला बताया और साथ ही साथ यह भी कहा कि इस फैसले की कोई भी जरुरत नहीं थी।

आपको बता दें कि भारत के नए नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। इसमें गैर-मुस्लिम लोगों को धर्म के नाम पर भेदभाव होने से बचाने को अधिक महत्व दिया गया है।

भारत और बांग्लादेश के संबंध को लेकर हसीना ने कहा कि इस समय दोनों ही देशों के संबंध सबसे अच्छे दौर में है, जिसके चलते दोनों ही देश एक-दूसरे को कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।

पीएम हसीना ने अक्टूबर में किए भारत दौरे को लेकर यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस बात को साफ किया था कि एनआरसी भारत का आंतरिक मामला है।

साईं बाबा के समर्थकों ने महाराष्ट्र सरकार के एक फैसले के खिलाफ जंग छेड़ दी है. मुद्दा साईं बाबा के जन्म स्थान को लेकर है और साईं समर्थक इसे आस्था का सवाल मानकर लड़ाई लड़ने को तैयार हो गए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि क्या रोजाना शिरडी पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को पिसना पड़ेगा या आस्था के आगे उद्धव सरकार को झुकना पड़ेगा.

दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील के बावजूद शिरडी ग्राम सभा ने रविवार को बंद करने का फैसला किया है. सीएम की ओर से साई जन्मभूमि पाथरी शहर के लिए विकास निधि के ऐलान के बाद उठा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री के बयान से शिरडी के लोग नाराज हैं.

19 जनवरी से शिरडी में अनिश्चितकालीन बंद बुलाया गया है. साईं भक्तों का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार आस्था से खिलवाड़ कर रही है. शिरडी में ग्रामीणों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद ये फैसला किया गया है कि रविवार यानि 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा.

पैकेज का ऐलान

साईं के जन्म स्थान को लेकर पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन बीती 9 जनवरी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परभणी जिले के पाथरी को साईं के जन्म स्थान की हैसियत से विकसित करने के लिए 100 करोड़ के पैकेज का ऐलान कर दिया. इसके बाद से ही ये विवाद भड़क गया है.

 उद्धव से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पाथरी को लेकर ऐसा ही ऐलान किया था. 2018 में साईं समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा था, 'पाथरी साईं बाबा का जन्म स्थान है. मैं पाथरी के विकास के लिए काम करूंगा.'

 

गुजरात का नाम जब कभी भी ज़ुबान पर आता हैं, तो सबसे पहले देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की छवि सहसा सामने आ जाती हैं। यहीं नहीं गुजरात की पहचान अब विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति STATUE OF UNITY  के रुप में भी जानी जाती हैं, जिसकी ऊंचाई 182 मीटर हैं।

जहां इन शख्शियतों के कारण देश-विदेश में गुजरात की एक अलग पहचान हैं, तो दूसरी ओर गुजरात ने अपने यहां शराब को पूर्ण रुप से प्रतिबन्धित किया हुआ हैं। गुजरात देश का पहला राज्य हैं, जिसने सर्वप्रथम शराब पर पूरी तरह से बैन लगाया हुआ हैं। गुजरात में शराब उसके महाराष्ट्र से अलग होने पर और एक नया राज्य 1960 में बनने से ही लागू हैं।

अंबाजी गुजरात का सबसे बड़ा शक्तिपीठ है, इस शहर में मातारानी के भक्त को तांता हमेशा लगा ही रहता हैं। माता के दरबार में क्या नेता क्या पुलिस ऑफिसर सभी यहां अपनी हाजिरी लगाने आते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रुपाणी भी माता के दरबार में आते ही रहते हैं, लेकिन इतने पवित्र स्थान पर शराब को यूं खुले-आम बेचने का वीडियो जब से वायरल हुआ है, पुलिस के आला-अधिकारी सकते में आ गये हैं और सरकार के पास कहने के लिए कुछ बन नहीं पा रहा हैं। लोगों का ये आरोप हैं, पुलिस की मिली-भगत के कारण ही ये हो सका है। 

गुजरात के पड़ोसी राज्य राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ समय पहले कहा था की  गुजरात के गांव-गांव में शराब पी जाती है ,इसी बयान  के बाद बड़ी खेप में शराब तस्करी को पकड़ा गया था। आज अंबाजी में शराब माफिया का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।

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