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SC ने बुद्धिस्ट सभा की दलील सुनने से किया इनकार

By Aniket Gupta October 16, 2019

LIVE UPDATE:

 

14:30 PM

SC ने बुद्धिस्ट सभा की दलील सुनने से किया इनकार

लंच के बाद सुप्रीम कोर्ट में बुद्धिस्ट सभा की ओर से वकील रणजीत थॉमस ने दलील देने की कोशिश की जिसे कोर्ट ने सुनने से इनकार किया और कहा कि हमने आपको डीटैग कर दिया है। यानी जिन्होंने इस मामले में सिविल अपील दाखिल नहीं की है उनको किसी भी सूरत में नहीं सुना जाएगा।

13:30 PM

निर्मोही अखाड़ा की बहस हुई पूरी, अदालत में हुआ लंच...

निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुशील जैन ने कहा कि हमारा दावा मंदिर की भूमि, स्थाई संपत्ति पर मालिकाना अधिकार को अधिकार है। मुस्लिम पक्षकारों के इस दावे में भी दम नहीं है कि 22/23 दिसंबर 1949 की रात बैरागी साधु जबरन इमारत में घुसकर देवता को रख गए थे। उन्होंने कहा कि ये मुमकिन ही नहीं कि मुसलमानों के रहते इतनी आसानी से वो घुस गए जबकि 23 दिसंबर को शुक्रवार था। इसी के साथ निर्मोही अखाड़ा की दलील पूरी हुई।

अब शिया वक्फ बोर्ड की ओर से दलील शुरू हुई। शिया बोर्ड की ओर से कहा गया कि हमारा विवाद शिया बनाम सुन्नी बोर्ड को लेकर है, इस पर सुन्नियों का दावा नहीं बनता है। शिया वक्फ बोर्ड की ओर से एमसी धींगड़ा ने कहा कि वहां पर शिया मस्जिद थी, 1966 में आए फैसले से हमें बेदखल किया गया था। 1946 में दो जजमेंट आए थे एक हमारे पक्ष में और दूसरा सुन्नी के पक्ष में, 20 साल बाद 1966 में कोर्ट ने हमारा दावा खारिज कर दिया।

इसी के साथ अदालत लंच के लिए उठ गई है. लंच के बाद 45 मिनट पीएन मिश्रा को और उसके बाद डेढ़ घंटा मुस्लिम पक्षकारों को दिया जाएगा।

13:00 PM

निर्मोही अखाड़ा ने रामजन्मभूमि न्यास का विरोध किया..

निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुशील जैन ने कहा कि उन्होंने 1961 का एक नक्शा दिखाया, जो गलत था। उन्होंने बिना किसी सबूत के सूट फाइल कर दिया। वहां की इमारत हमेशा से ही मंदिर थी। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मस्जिद बाबर ने बनाई थी।

निर्मोही अखाड़ा ने रामजन्मभूमि न्यास की दलील का विरोध किया और कहा कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि बाबर ने मंदिर गिराया और मस्जिद बनाई। हमने हमेशा कहा है कि वो मंदिर ही था. हमने कभी मुस्लिमों को जमीन का हक ही नहीं दिया।

इस पर जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि जो सूट दायर किया गया है वह टाइटल का है, इसमें एक्सेस की कोई बात नहीं है।

12:45 PM 

सुप्रीम कोर्ट में हिंदू महासभा के वकील विकास ने कहा कि अदालत में डॉक्यूमेंट के आधार पर कब्जे की बात कही गई। जिस जमीन पर बहस हुई वहां पर जन्मस्थान है। उन्होंने इस दौरान अन्य मंदिरों का भी हवाला दिया.  इसी के साथ हिंदू महासभा की बहस खत्म हुई।

अब निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुशील जैन अपनी दलील रख रहे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारा समय मत खराब करिए और आगे की बहस शुरू करें। निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि मुस्लिम पक्ष अपना दावा स्थापित करने में फेल रहा है, साबित उन्हें करना है हमें नहीं।

12:30 PM 

कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने नक्शे का कागज़ फाड़ा, CJI हुए नाराज

 अयोध्या बाबरी विवाद के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में हिन्दू और मुस्लिम पक्षकारों में तीखी बहस हुई है। मुस्लिम पक्षकार के नक्शे का कागज फाड़ दिया, जिससे CJI रंजन गोगोई नाराज हो गए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमारी तरफ से दोनों ओर से बहस पूरी हो चुकी है हम सिर्फ इस इसलिए सुन रहे हैं कि कोई कुछ कहना चाहता है तो कह दे। हम अभी उठ कर जा भी सकते हैं।

12:15 PM 

SC में शुरू हुई हिंदू महासभा की आखिरी दलील...

सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया हिन्दू महासभा की ओर से विकास सिंह ने एडिशनल डॉक्यूमेंट के तौर पर पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल की किताब बेंच को दी गई। इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने ज़ोरदार आपत्ति जताई। राजीव धवन ने कहा कि इसे ऑन रिकॉर्ड ना लिया जाए, ये बिल्कुल नई चीज है। कोर्ट इसे वापस कर दें, इसपर अदालत की ओर से कहा गया कि ये किताब वो बाद में पढ़ेंगे। इसी के साथ किताब वापस दे दी गई है। हिंदू महासभा की ओर से विकास सिंह ने अब बहस शुरू कर दी है। जब विकास सिंह ने किताब दी तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि क्या वह इसे रख सकते हैं? मैं इसे बाद में पढ़ूंगा। राजीव धवन के विरोध पर हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने कहा कि कोर्ट ने किसी नए कागजातों को लाने पर मनाही की है, लेकिन कोई पार्टी किसी तरह का सबूत या किताब दे सकती है।

12:10 PM

निर्वाणी अखाड़ा की ओर से कहा गया है कि रामलला जन्मस्थान की सेवा का अधिकार उनका है। इसपर जस्टिस भूषण ने कहा कि लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा को सेवायायी माना है। इसपर जयदीप गुप्ता ने कहा कि वो दावा गलत है। इसी के साथ जयदीप गुप्ता की दलील खत्म हो गई।

12:05 PM 

निर्वाणी अखाड़ा की ओर से महंत धर्मदास के वकील के जयदीप ने कहा...

महंत धर्मदास की ओर से वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि टाइटल पर हमारा विवाद नहीं है, हिंदुओं को जो रामलला का अधिकार मिलेगा उससे हम ही सेवायत होंगे। सेवायत का दावा निर्मोही अखाड़े का भी है, हमने सूट फाइल नहीं किया है हम तो डिफेंडेन्ट हैं।

12:00 PM

गोपाल सिंह विशारद की दलील पूरी, निर्वाणी अखाड़ा की ओर से रखी जा रही है दलील...

गोपाल सिंह विशारद की दलील पूरी हो गई है। उनके बाद अब महंत धर्मदास की ओर से दलील रखी जा रही है। बता दें कि निर्वाणी अखाड़ा की ओर से जयदीप गुप्ता दलील रख रहे हैं।

11:55 AM

गोपाल सिंह विशारद की ओर से SC में दलील हुई शुरू...

गोपाल सिंह विशारद की ओर से रंजीत कुमार ने कहा कि हिंदुओं की ओर से पूजा का अधिकार पहले मांगा गया था, लेकिन मुस्लिम रूल में हिंदुओं को पूजा के अधिकार मिलने में दिक्कत आई थी। हालांकि, जब ब्रिटिश रूल आया तो इस मामले में कुछ राहत जरुर मिली।

11: 50 AM

अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है । दोनों पक्षकारों के वकील अपनी दलीलें पेश करने में जुटे हैं । अदालत ने वकीलों के अलावा इस सुनवाई के दौरान किसी को भी बोलने से साफ मना कर दिया है । फिलहाल सभी पक्षकार अपने लिखित सबूत पेश कर रहे हैं । इस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि अब बहुत हुआ, शाम 5 बजे तक इस मामले में पूरी सुनवाई पूरी होगी ।

सुनवाई शुरू

इस सुनवाई के शुरू होते ही हिंदू पक्षकार के वकील ने कहा कि, 1885 तक हिंदू-मुस्लिम उस जमीन पर पूजा का दावा करते थे, लेकिन बाद में ब्रिटिश सरकार ने वहां पर रेलिंग करवा दी. अब मुस्लिम पक्ष बाहरी और आंतरिक आहते पर विवाद कर रहा है, वो छोटी-सी जगह को बांटना चाहते हैं ।

हिंदू पक्षकार के वकील सीएस वैद्यनाथन ने इस वक्त मुस्लिम पक्षकार के वकीलों की दलील का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि, विवादित स्थल में 1949 तक अंदर मूर्ति नहीं थी और साप्ताहिक नमाज़ होती थी ।

हाईकोर्ट के फैसले के हवाले से सीएस वैद्यनाथन ने सुन्नी बोर्ड के दावे को काटते हुए कहा कि, जब ज़मीन की मालिक तत्कालीन हुकूमत थी और उन्हीं की देखरेख में मस्जिद बनाई गई तो सुन्नी बोर्ड ने उसे कैसे डेडिकेट किया? इस पर जस्टिस नज़ीर ने कहा कि, तभी तो उन्होंने कहा है कि ये वक्फ बाई यूजर है ।

आपको बता दें कि, हिंदू पक्षकारों को अपनी दलील पेश करने के लिए सिर्फ 45 मिनट दिए गए हैं । वहीं सीजेआई रंजन गोगोई ने हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन को कहा कि अब आपका समय पूरा हो गया है, बैठ जाइए । इसपर वैद्यनाथन ने आपत्ती जताते हुए कहा कि, सर कुछ मिनट और। तभी गोपाल सिंह विशारद के वकील रंजीत कुमार खड़े हुए तो CJI ने उन्हें कहा कि आपको सिर्फ 2 मिनट ही मिलेंगे। क्योंकि कल आपने दो ही मिनट मांगे थे. इसपर रंजीत कुमार ने कहा कि सर, वो तो कल के लिए दो मिनट थे. अब कैसे बहस पूरी होगी?

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Last modified on Wednesday, 16 October 2019 17:01