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जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से लगातार सीमा पर पाक सीजफायर का उल्लंघन कर रहे हैं । जिससे जम्मू-कश्मीर के हालात और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं । इन्हीं हालातों की जानकारी देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि, 370 हटने के बाद से किसी भी शख्‍स की पुलिस फायरिंग में जान नहीं गई। हालात लगातार सुधार रहे हैं ।

अमित शाह ने कहा कि, किसी भी थाने में कर्फ्यू नहीं है। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। सभी स्‍कूल खुले हैं। सभी अस्‍पताल खुले हुए हैं। इंटरनेट सेवा जल्‍द बहाल होनी चाहिए लेकिन इसका फैसला स्‍थानीय प्रशासन को लेना है। कश्‍मीर के सभी दफ्तर खुले हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल पत्‍थरबाजी में कमी आई है।

कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि 5 अगस्‍त के बाद स्‍कूल और कॉलेज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। स्‍कूल खुले हैं लेकिन उपस्थिति कम है। स्‍वास्‍थ्‍य दूसरी सबसे बड़ी समस्‍या है, इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि आजाद साहब से मैं सहमत हूं कि इंटरनेट जरूरी है। अमित शाह ने कहा कि, जहां तक देश की सुरक्षा का सवाल है, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का सवाल है तब हमें कहीं न कहीं प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। जब उचित लगेगा तो इंटरनेट चालू कर दिया जाएगा ।

महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद अब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होंगे । दरअसल इसकी जानकारी जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने दी है । उन्होंने कहा है कि, केंद्र शासित प्रदेश में जल्‍द ही विधानसभा चुनाव होंगे। उन्‍होंने रियासी जिले के तलवाड़ा में पासिंग आउट परेड के दौरान यह जानकारी दी ।

जीसी मुर्मू ने ये भी कहा कि, जम्मू-कश्मीर में जल्द ही विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। पासिंग आउट परेड के बाद 1155 जवान जम्‍मू-कश्‍मीर की अलग-अलग विंग में शामिल हुए ।

आपको बता दें कि, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद से मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्यपाल के तौर पर जीसी मुर्मू को पद सौंपा गया । वहीं दूसरी तरफ लद्दाख के राधाकृष्ण माथुर को पहला उपराज्यपाल (एलजी) बनाया गया ।

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से आतंकियों की एक और कायराना हरकत सामने आई है । दरअसल आतंकियों ने सुरक्षाबलों निशाना बनाते हुए श्रीनगर के गोनीखन इलाके मेंम में ग्रेनेड फेंका । जिससे 15 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए ।

कश्मीर में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए ये आतंकियों की कोई पहली साजिश नहीं है । ये दूसरी बार है जो 15 दिनों में आतंकियों ने दूसरी बार ग्रेनेड अटैक किया है । फिलहाल, घटना के बाद  घायलों को समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है । जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है ।

पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका लेकिन वह सड़क के एक किनारे जाकर गिरा। ग्रेनेड विस्फोट की चपेट में आम नागरिक आ गए जिसमें 15 लोग घायल हो गए। पुलिस और सुरक्षाबल जांच-पड़ताल में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि श्रीनगर स्थित हरि सिंह स्ट्रीट भीड़भाड़ वाला इलाका है ।

जम्मू-कश्मीर में सेना के ऑपरेशन ऑल आउट के मद्दे नजर बारामुला के सोपोर में सेना को बड़ी सफलता मिली है। यहां सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आतंकी का नाम दानिश चन्ना है। दानिश के पास से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं और उससे पूछताछ जारी है।

इस मामले पुलिस के अधिकारी ने बताया कि सोपोर का रहने वाला दानिश चन्ना कुछ महीने पहले ही लश्कर-ए-ताईबा का हिस्सा बना था। उसने ही बीते माह बारामुला में बंद का उल्लंघन कर दुकान खोलने वाले सुनार की हत्या का प्रयास किया था। 

उन्होंने बताया कि दानिश चन्ना चार आतंकियों के एक गुट की अगुआई कर रहा था। इस गुट को बारामुला, सोपोर और पटटन के इलाके में पुलिसकर्मियों, एसपीओ और पंच-सरपंचों को निशाना बनाने का जिम्मा सरहद पार बैठे आतंकी सरगनाओं ने सौंपा था। दानिश चन्ना और उसके साथी बारामुला और सोपोर में कई व्यापारियों को भी उनके घर जाकर , अपने सभी कारोबार बंद रखने काफरमान सुना चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से आतंकी किस कदर बौखलाए हुए हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर अपनी कायराना हरकत को अंजाम दिया है।

आतंकियों ने शुक्रवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में 2 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। हांलाकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। बता दें कि, ये गाड़ी भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता आदिल अहमद गनी की बताई जा रही है। इसके अलावा एक और शख्स की गाड़ी में आग लगा दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ये कोई पहला मौका नहीं है जब आतंकियों ने लोगों को अपना निशाना बनाया था। इससे पहले इन आतंकियों ने कुलगाम में 5 गैर कश्मीरी मजदूरों को गोलियों से भूनकर अपना निशाना बनाया था।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से जबसे अनुच्छेद 370 हटाया गया है। तबसे पाक परस्त आतंकी पूरी तरह बौखलाए हुए हैं और पिछले 86 दिनों में 11 लोगों की हत्या कर दी है, जिनमें 10 गैर कश्मीरी और 1 व्यक्ति जम्मू का रहने वाला था।

आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गया है । जिसके बाद से अब दोनों राज्यों में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे । आपको बता दें कि, गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में शपथ ले ली है ।  गिरीश चंद्र मुर्मू गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी थे और वह पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद लोगों  से एक है ।

बता दें कि, राधा कृष्ण माथुर (आर के माथुर) ने गुरुवार को केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली। जम्मू कश्मीर के विभाजन के बाद लद्दाख अलग केंद्र शासित क्षेत्र बना है। जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने लेह में एक सादे समारोह में माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

बता दें कि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए कई कर्मचारियों की कमी बनी है, जिससे जम्मू-कश्मीर से कर्मचारियों को भेजा जाएगा। इसके अलावा पर्यटन, विद्युत ऊर्जा, बागवानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

31 अक्टूबर 2019 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। जी हां ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज 72 साल से चले आ रहे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को मिले विशेष राज्य के दर्जे का आज अंत हो गया। बुधवार की रात 12 बजे से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के बाद अब कुल राज्य 28 रह जाएंगे, जबकि कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है। यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है।
अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।
आज से जम्मू-कश्मीर में क्या बदल गया?

1. अब तक पूर्ण राज्य रहा जम्मू-कश्मीर गुरुवार यानी 31 अक्टूबर से दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बदल गया। जम्मू-कश्मीर का इलाका अलग और लद्दाख का इलाका अलग-अलग दो केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं।

2. जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन कानून के तहत लद्दाख अब बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर विधानसभा सहित केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।

3. अब तक जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल पद था लेकिन अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उप-राज्यपाल होंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए गिरीश चंद्र मुर्मू तो लद्दाख के लिए राधा कृष्ण माथुर को उपराज्यपाल बनाया गया है।

4. अभी दोनों राज्यों का एक ही हाईकोर्ट होगा लेकिन दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल अलग होंगे। सरकारी कर्मचारियों के सामने दोनों केंद्र शासित राज्यों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।

5. राज्य में अधिकतर केंद्रीय कानून लागू नहीं होते थे, अब केंद्र शासित राज्य बन जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों राज्यों में कम से कम 106 केंद्रीय कानून लागू हो पाएंगे।

6. इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का कानून, सूचना अधिकार कानून, एनमी प्रॉपर्टी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाला कानून शामिल है।

7. जमीन और सरकारी नौकरी पर सिर्फ राज्य के स्थाई निवासियों के अधिकार वाले 35-ए के हटने के बाद केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में जमीन से जुड़े कम से कम 7 कानूनों में बदलाव होगा।

8. राज्य पुनर्गठन कानून के तहत जम्मू-कश्मीर के करीब 153 ऐसे कानून खत्म हो जाएंगे, जिन्हें राज्य के स्तर पर बनाया गया था। हालांकि 166 कानून अब भी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लागू रहेंगे।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने EU सांसदों के कश्मीरी दौरे को लेकर निशाना साधा है । दरअसल महबूबा मुफ्ती का ट्वीटर उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती हैंडल करती है । ऐसे में इल्तिजा मुफ्ती ने इस दौरे को लेकर विपक्ष से ट्विटर के जरिए गुहार लगाई है कि, वह भी घाटी का दौरा करें ।

दरअसल इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट कर लिखा है कि, यूरोपीयन यूनियन के सांसदों की पिकनिक खत्म हो गई है। अब मैं अनुरोध करती हूं कि विपक्ष के राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, शरद यादव, तेजस्वी यादव और यशवंत सिन्हा जैसे नेता घाटी का दौरा करें । इसके साथ ही इस ट्वीट में विपक्ष से अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार के उस दावे को खारिज करें जिसमें कहा गया है कि कश्मीर में हर कोई जा सकता है ।

आपको बता दें कि, EU सांसदों की बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी । इस मौके पर उन्होंने कहा कि, वह उनके इस दौरे को राजनीतिक तौर पर देखा जा रहा है जो कि गलत है । उन्होंने कहा कि, हम सिर्फ यहां के हालातों की जानकारी लेने आए थे जिसे सभी पार्टियां भारत और पाक का अंतरिक मसला बता रहे हैं । उन्होंने कहा कि, हम आंतकवाद की इस लड़ाई में भारत के साथ हैं ।

जम्मू-कश्मीर में EU सांसदों के दौरे को लेकर उठाए गए सवालों का बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूरोपीय सांसदों के दल ने करारा जवाब दिया । उन्होंने कहा कि, हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है। हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे।

EU सांसदों ने कहा कि, अनुच्छेद 370 को इन सांसदों ने भारत का आंतरिक मसला बताया और कहा कि भारत-पाकिस्तान को आपस में बात करनी चाहिए । इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं, आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। इस दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया ।

अपने घाटी के दौरे के बारे में EU सांसदों ने कहा कि हमें वहां रहने का ज्यादा वक्त नहीं मिला, हम अधिक लोगों से नहीं मिला था। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वहां ना जाने से बेहतर थोड़े समय के लिए जाना ही रहा है ।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा की सहयोगी शिवसेना का चुनाव जीतने के बाद से भाजपा को लेकर लगातार रूख बदलते हुए नज़र आ रहा है । दरअसल आए दिन विपक्ष जम्मू-कश्मीर को लेकर भाजपा के खिलाफ तंज कसता रहता है । वहीं अब शिवसेना ने भी यूरोपीय संघ के सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं ।

शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि कश्मीर देश का आंतरिक मामला, अंतरराष्ट्रीय नहीं। सबकुछ ठीक है तो यूरोपीय दल को लाने का क्या मक़सद? संपादकीय में लिखा है, 'इस दौरे से अब विरोधियों को बेकार शक का मुद्दा मिलेगा। नेहरू कश्मीर मसले को यूएन ले गए, ये आज भी बहस का मुद्दा। कश्मीर मसले पर यूएन का दख़ल आपको मंज़ूर नहीं है। फिर यूरोपीय समुदाय की फ़ौजदारी की आवश्यकता कैसे मंज़ूर? ये देश की सार्वभौमिकता और आज़ादी पर हमला नहीं है क्या?' साथ ही लिखा है, 'कश्मीर में आज भी नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी है ।

इसके अलावा अगर बात करें विपक्ष की तो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का इस मामले में कहना है कि, भाजपा का राष्ट्रवाद अजीब है। वह यूरोपीय सांसदों को दौरा करने और कश्मीर में हस्तक्षेप करने की अनुमति देती है, जबकि भारतीय सांसदों को हवाईअड्डे से लौटा दिया जाता है ।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से एक दिन पहले ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी । जिसके पीछे मुख्य कारण आतंकवाद को रोकना था । अब इस पर पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है । दरअसल उन्होंने कहा कि, राज्य में इंटरनेट सेवा बंद होने से कई बड़े आतंकी हमले रोके गए हैं ।

जितेंद्र सिंह ने कहा है कि, आतंकवाद में इंटरनेट का दुरुपयोग किया जा रहा था। आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इंटरनेट बंद रखा गया है। इससे आतंक विरोधी अभियानों में कई बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि परिहार बंधुओं और चंद्रकांत, के हत्यारों की शिनाख्त करने में सफलता मिली, यह इंटरनेट बंद होने से मुमकिन हो पाया।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद रहने से बटोत में आतंकियों की शिनाख्त की गई थी, क्योंकि वे इंटरनेट बंद रहने से अपनी सही लोकेशन का पता नहीं लगा पाए थे। बार्डर पर घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम बनाया गया है। राज्य में इंटरनेट सेवा बंद रहने से आतंकी घुसपैठ के रास्तों की लोकेशन का पता नहीं लगा पाए हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद रहने के बावजूद आयुष्मान भारत योजना में देश में जम्मू-कश्मीर उच्च प्रतिशत हासिल करने में पहला राज्य बना है।

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन और भारत का विरोध करने वाले मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने इस मुद्दे को लेकर एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि मैंने कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ (UNGA) की बैठक में जो भी बात बोली थी मैं उस पर अभी भी कायम हूं। साथ ही साथ आगे यह भी कहा कि  हम बिना डर के अपनी बात को रखते है और उसके बाद पीछे नहीं हटते।

आपको बता दें कि मलेशिया के पीएम ने भारत के खिलाफ UNGA में बोलते हुए यह कहा था कि जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बावजूद इस पर चढ़ाई की गई और कब्जा कर लिया गया, इस कार्रवाई के भले ही कई कारण हो सकते हैं, लेकिन यह गलत है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत को इस समस्या के समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र को नजरअंदाज करना संयुक्त राष्ट्र और कानून के नियम के अनादर के दूसरे रूपों को बढ़ावा देना है।

भारत के साथ अपने संबंधों में उतार-चढ़ाव के मुद्दे पर महाथिर ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर बोलना जरूरी होता है, भले ही इसे कुछ लोग नापसंद करें।

गौरतलब है कि तुर्की और चीन के साथ मलेशिया ने भी पाकिस्तान को फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की हुई बैठक द्वारा ब्लैकलिस्ट होने से बचाने के लिए अपना समर्थन दिया था और साथ ही साथ पाकिस्तान द्वारा अपनाई जा रही नीतियों को भी सही ठहराया था।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में लगातार जगह-जगह हो रहे आजादी को लेकर धरने और प्रदर्शन के चलते पाकिस्तान सेना और पुलिस कई तरह के कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हाल ही में जोर पकड़े विरोध और आजादी के नारों के चलते पाकिस्तान की सेना ने मुजफ्फराबाद में आपातकाल लगा दिया है। धरने-प्रदर्शन को रोकने के लिए पाक सेना ने प्रेस क्लब में आंसू गैस के गोलों का भी प्रयोग किया।

बता दें कि मंगलवार को इमरान खान की सरकार के नेता पीओके गए थे, लेकिन इसी दौरान मुजफ्फराबाद में स्थानीय लोगों ने भीड़ जमा करके बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इन सभी लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध का कारण पाकिस्तान द्वारा पीओके पर अवैध रुप से कब्जा करना था। इसके बाद यहां कि पुलिस हरकत में आ गई और विरोध कर रहे लोगों को शांत करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लगातार फायरिंग भी की, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

आपको बता दें कि हर साल 22 अक्टूबर के दिन POK में ब्लैक डे के रुप में मनाया जाता है, जिसका कारण 22 अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर पर हमला करना था।

पाकिस्तान में मौजूदा सरकार के इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के पक्ष मार्च और धरने-प्रदर्शन किया जा रहा है। कई जगहों पर जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (JUI-F) की आजादी नाम पर और सरकार को हटाने को लेकर धरने-प्रदर्शन किए जा रहे है। इसी कड़ी में लोगों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा हर तरह की कोशिश की जा रही है, जिसके चलते धरना देने वालों लोगों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने और इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए बनवाए गए पोस्टर वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कराची शहर में में भी जेयूआई-एफ के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पार्टी सदस्यों पर फैसलाबाद में भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

विरोध के बढ़ने के बाद सरकार हरतक में आई, जिसमें संघीय सरकार ने गृह मंत्रालय में कंट्रोल रूम बनाने और जरूरत पड़ने पर मोबाइल फोन सेवा के संचालन को बंद करने का फैसला कर लिया है। साथ ही साथ प्रशासन को और भी कड़े आदेश दिए गए है।

इन सभी धरनों और मार्चों को रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। और रिपोर्ट के अनुसार जेयूआई-एफ की लाठियों से लैस मिलीशिया अंसार उल इस्लाम को गृह मंत्रालय द्वारा देश की सत्ता के प्राधिकार को चुनौती देने के आरोप में बैन कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं । लेकिन अब अपने बयानों को लेकर सफाई देते हुए नज़र आ रहे हैं । दरअसल उन्होंने कहा था कि, अपने बयानों पर सफाई भी देनी पड़ती है इतना कहने के 24 घंटे बाद ही उनके इस बयान पर खूब चर्चा होने लगी ।

दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान सत्यपाल मलिक ने कहा कि, इंटेलिजेंस एजेंसी सच नहीं बताती हैं, ना यहां और ना दिल्ली को. मैंने यहां आकर इंटेलिजेंस एजेंसी नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के बच्चों से बात की थी । उन्होंने कहा कि, मैंने आने के बाद जो इंटेलिजेंस एजेंसी हैं उनसे कोई इनपुट नहीं लिया, वो सच नहीं बताते ना दिल्ली को और ना हमको, मैंने 150-200 बच्चे, ये पता किया कि यूनिवर्सिटी में कौन राष्ट्रगान पर खड़े होते हैं। उनको बुलवाया, उनसे बात की और उन्होंने बता दिया’ ।

सत्यपाल मलिक ने कहा कि, ‘सारी दिक्कत 13-30 उम्र तक के बच्चों की है, जिनके सपने तोड़े गए हैं जिनको नाराज किया गया है। उन्होंने कहा कि, ना हमें हुर्रियत चाहिए, ना दिल्ली चाहिए, हमको ये कहा जा रहा है कि जन्नत मिलेगी, शहीद होगे तो जन्नत मिलेगी’ । आपको बता दें कि, इससे पहले भी कई बार सत्यपाल मलिक अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहे हैं । इतना ही नहीं उन्होंने कई बार ऐसे भी बयान दिए हैं जिससे उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं ।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाक परस्त आतंकी घाटी में लगातार अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना के सामने वे टिक नहीं पा रहे हैं। इसी के मद्दे नजर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है।

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा के राजपुरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरु हो गई। इस एनकाउंटर में सेना ने अलकायदा के जुड़े आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat Ul Hind ) के चीफ आतंकी हमीद ललहारी समेत 2 आतंकियों को ढेर कर दिया है। 

आपको बता दें कि ललहारी को जाकिर मूसा (Zakir Musa) के मारे जाने के बाद से गजवत-उल-हिंद का प्रमुख बनाया गया था। मारे गाए आतंकी के पास से सुरक्षा बलों को AK 72 राइफल बरामद की है, जो अक्सर आतंकी कमांडरों के पास होते हैं।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने एक और बड़ा फैसला लिया है । दरअसल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए अमित शाह ने सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिश को मंजूरी दे दी है । इसे अमित शाह की तरफ सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली तोहफे के तौर पर माना जा रहा है ।

आपको बता दें कि, 31 अक्टूबर से ये नया नियम लागू होगा । आपको बता दें कि, सरकार के इस बड़े फैसले से साढ़े चार लाख कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा । गृह मंत्री ने 31 अक्‍टूबर से अस्तित्‍व में आने वाले जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख संघ क्षेत्रों के सभी सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अंगीकृत सभी भत्‍ते प्रदान करने के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृत कर दिया है।

4.5 लाख सरकारी कर्मचरियों को सातवें वेतन आयोग की अंगीकृत सिफारिशों के अनुरूप सभी भत्‍ते जैसे चिल्‍ड्रेन एजूकेशन अलाउयन्‍स, हॉस्‍टल अलाउयन्‍स, ट्रान्‍सपोर्ट अलाउयन्‍स, लीव ट्रेवल कन्‍सेशन (LTC), फिक्‍सड मेडिकल अलाउयन्‍स आदि दिए जाने पर सालाना अनुमानित खर्च लगभग 4800 करोड़ रुपये आएगा ।

पाकिस्तान के लगातार सीजफायर का उल्लंघन करने को लेकर भारतीय सेना ने रविवार को करारा जवाब दिया, जिसमें भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की नीलम घाटी में चल रहे पाक आतंकी ठिकानों पर निशाना बनाया और आतंकियों के चार लॉन्चिंग पैड्स तबाह कर दिए और साथ ही साथ भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के 4-5 सैनिक भी मारे गए। 

जवाबी कार्रवाई की बात मानते हुए पाकिस्तान ने भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले की बात को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी माना है कि भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले में उसके कुछ सैनिकों की भी मौत हो हुई हैं।

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से कल रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक गोलीबारी होती रही, और इसी गोलीबारी में भारतीय सेना के दो सैनिक शहीद हो गए और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई। इसी के जवाब में भारतीय सैनिकों ने जवाब देते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर तोप से हमले किए और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिए।

पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के उल्लंघन में भारी बढ़ोतरी हुई और इसी को देखते हुए भारतीय सेना ने ये बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान पर ऐसी कार्रवाई की।  

पाकिस्तान के लगातार सीजफायर के उल्लंघन करने को लेकर भारत ने करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर (POK) की एक घाटी में चल रहे आतंकी ठिकानों पर एक बार फिर से ताबड़तोड़ हमले किए है। इन हमलों भारतीय सेना ने पाकिस्तान को बुरी तरह चौट पहुंचाई है, जिसमें करीब 10 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है और साथ ही साथ भारतीय सेना ने पाकिस्तान के चार लॉन्चिंग पैड भी पूरी तरह से तबाह कर दिए हैं।

आपको बता दें कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सीजफायर के उल्लंघन करने को लेकर जवाब देते हुए रविवार को जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर के पास POK घाटी में चल रहे आतंकी कैंपों पर आर्टिलरी गन, तोप और गोले से फायरिंग से लगातार फायरिंग की। भारतीय सेना ने यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे सीजफार उल्लंघन और आतंकी घुसपैठ के जवाब में की है।

इस साल पाकिस्तान पर भारतीय सेना द्वारा यह एक और बड़ी कार्रवाही है। हाल फिलहाल भारतीय सेना के द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है।

भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है।  

पाकिस्तान की बढ़ती नापाक हरकतों को देख आखिरकार भारतीय सेना ने ये बड़ी कार्रवाई कर उन्हें एक बार फिर बालाकोट एयरस्ट्राइक की तरह करारा जवाब दिया है । दरअसल जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से लगातार पाकिस्तान की तरफ हो रही सीजफायर के बाद भारतीय सेना ने जवाबी पाकिस्तान के खिलाफ ये जवाबी कार्रवाई कर उनके पीओके (Pok) में स्थित कई आतंकी कैंपों को उड़ा दिया ।

आपको बता दें कि, इस हमले को अंजाम देने के लिए सेना ने आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया है। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने कई आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई में कई लॉन्चिंग पैड तबाह हो गए हैं। आपको बता दें कि, ये भारतीय सेना की पाकिस्तान के खिलाफ एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक की तीसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

इस हमले के दौरान पाकिस्तान के 15 सैनिक भी मारे गए हैं । पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही सीजफायर के उल्लंघन के बाद अब पाकिस्तान ने कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर में सीजफायर तोड़ा है। इसमें दो जवान शहीद हो गए हैं। इसके अलावा एक नागरिक की भी मौत हो गई है । इसी के चलते भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई कर POK स्थित उनके कई आतंकी कैंपो को नष्ट कर दिया ।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जारी है । लगातार पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है । दरअसल पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लघंन किया है । बता दें कि, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में देर रात 10 बजे पाकिस्तान के तरफ से लगातार गोलीबारी हुई । जिसमें 2 जवान शहीद हो गए हैं जबकि एक नागरिक की मौत हुई है।

आपको बता दें कि, पाकिस्तान के तरफ से अचानक देर रात से लगातार गोलीबारी शुरू हुई जिसमें भारत के दो जवान शहीद हुए । इतना ही नहीं एक नागरिक की भी मौके पर मौत हो गई । ये फायरिंग पाकिस्तान की तरफ से सुबह 4 बजे तक लगातार जारी रही । इस फायरिंग के दौरान आसपास के कई लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा । वहीं दूसरी इस फायरिंग के दौरान भारतीय सुरक्षाबलों ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया ।

वहीं जम्मू (Jammu) में कठुआ (Kathua) के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तान (Pakistan) रात से ही गोलीबारी कर रहा है। भारतीय सुरक्षा बल (Indian Security Forces) पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं । इससे पहले 15 अक्टूबर को भी पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। गोलीबारी की घटना पुंछ जिले के कस्बा और किरणी सेक्टरों में रिपोर्ट की गई थी ।

पेरिस में 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चल रही फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में पाकिस्तान को लेकर बड़ा फैसला ले ना था। हालांकि अब रिपोर्ट की माने तो पाकिस्तान के ऊपर अब FATF द्वारा ब्लैकलिस्ट होने का खतरा मंडराने लगा है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान द्वारा एक बार फिर से कश्मीर मुद्दे को लेकर तीसरे पक्ष को शामिल करने जैसी नाकाम कोशिश की गई थी। इसी पर FATF की चल रही बैठक में किसी भी देश ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया, और इतना ही नहीं पाकिस्तान को आतंकवादियों को पनाह देने और उन्हें फंडिंग करने को लकेर FATF ने चेतावनी देते हुए सुधरने का आखिरी मौका दिया था।

जांच के बाद सबके सामने ये साबित हो गया है कि पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया और साथ ही साथ दुनिया में शांति को लेकर झूठा खेल खेला है। इन्हीं सबके चलते पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडराने लगा है। बता दें कि पाकिस्तान को पहले से ही ग्रे लिस्ट में रखा गया है, पाकिस्तान द्वारा इससे बाहर निकलने के हर तरह के प्रयास किए जा रहे है। इसकी को देखते हुए एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 4 महीने का समय दिया है, और अगर दिए गए समय भी पाकिस्तान नहीं सुधरता है वो ब्लैकलिस्ट हो जाएगा।

पाकिस्तान से हर कोई देश दूरी बनाए हुए है तो ठीक वहीं दूसरी ओर चीन, तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान के समर्थन में आगे बढ़ते हुए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। हालांकि भारत ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को चलाने वाले हाफिज सईद को अपने खातों से फंडिंग की अनुमति देने को लेकर FATF से पाक को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है।

इन तीन देशों के चलते बचा पाकिस्तान

पाकिस्तान को चीन, तुर्की और मलेशिया द्वारा एक साथ दिए गए समर्थन के आधार पर एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट जैसा निर्णय नहीं लिया। आपको बता दें कि FATF द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक 36 देशों वाले इस संगठन में यदि किसी भी देश को ब्लैकलिस्ट करने जैसा स्थिति आती है तो उसे कम से कम तीन देशों के समर्थन मिलने पर छोड़ा जा सकता है, ठीक ऐसा पाकिस्तान के साथ भी हुआ।

हालांकि पाकिस्तान को FATF की तरफ से कड़ी चेतावनी दी गई है, जिसमें उसे जल्द से जल्द कई जगहों पर सुधार करने का आदेश दिया गया है।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग के बिजबेहारा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई है। इस मुठभेड़ में सेना ने 3 आतंकियों को मार गिराया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों को बिजबेहारा में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुबह से ही सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसाई ।

इससे पहले हाल ही में जम्मू-कश्मीर के गांदरबल से दो आतंकवादी गिरफ्तार किए गए हैं। इन आतंकियों की सुरक्षाबलों को काफी लंबे समय से तलाश थी। गांदरबल में छिपे होने के इनपुट के बाद पिछले करीब दो हफ्तों से आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। करीब दो हफ्तों की मशक्कत के बाद सुरक्षाबलों ने सोमवार को नारंग में दो आतंकियों को पकड़ा।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में जबसे 370 हटा है तबसे घाटी में आतंकी पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं और घाटी में अशांति फैलाने के लिए कोई न कोई हरकत कर ही रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है । दरअसल गांदरबल के नारानाग इलाके से सुरक्षाबलों ने आतंकियों को गिरफ्तार किया है । आपको बता दें कि, सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से एके 47 की मैगजीन और कुछ हैंड ग्रेनेड बरामद किया है ।

आपको बता दें कि, सुरक्षाबलों ने इस इलाके में 13 दिन से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी किया है । जिसके बाद आखिरकार सुरक्षाबलों ये बड़ी सफलता हाथ लगी है । पकड़े गए दोनों आतंकी जम्मू कश्मीर के राजौरी के रहने वाले बताए जा रहे हैं । जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि, ये दोनों आतंकी लश्कर ए तैयबा के गाइड के रूप में काम करते थे ।

बताया जा रहा है कि, हाल ही में ये दोनों आतंकी गुरेज सेक्टर पार करके यहां आए थे। लेकिन सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को इनके नारानाग के जंगलों में छिपे होने की जानकारी मिली। यहां से ये आतंकी मध्य और दक्षिण कश्मीर की तरफ जा रहे थे। पुलिस का कहना ये भी है कि, अभी उस इलाके और भी आतंकी छिपे होने की आशंका है ।

कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से सभी नेटवर्क पर सरकार ने पाबंदियां लगा दी है । लेकिन आज धारा 370 हटाए हुए 70 दिन पूरे हो चुके हैं । अब इन नेटवर्क की पाबंदियों के बाद सभी नेटवर्क पर पोस्ट पेड मोबाइल फोन सेवा सोमवार दोपहर बाद बहाल हो जाएगी। इससे करीब 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल धारकों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कश्मीर घाटी पर सभी लैंडलाइन फोन काम कर रहे हैं । हालाकि, नेट सुविधा पर पाबंदी अभी भी जारी है । वहीं कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में फोन भी काम कर रहे हैं । राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शनिवार को यह सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, 20 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन तथा अन्य इंटरनेट सेवाएं फिलहाल बंद रहेंगी। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा था कि यह फैसला कश्मीर के सभी 10 जिलों के लिए है।

आपको बता दें कि, घाटी में आंशिक रूप से 17 अगस्त को लैंडलाइन सेवाएं बहाल की गई थीं और चार सितम्बर को इसे पूरी तरह बहाल कर दिया गया था। इसके साथ ही करीब 50,000 लैंडलाइन सेवाएं बहाल हो गई थीं। कहा जा रहा है कि, पहले शनिवार को इन सेवाओं को बहाल किया जा रहा था लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण इन्हें रोक दिया गया ।

साल 2019 में फिर चुनावी बिगुल फूकने की तैयारी में है पक्ष-विपक्ष । जिसके लिए आज पीएम मोदी खुद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र के जलगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे । इस दौरान पीएम मोदी ने बीते वर्षों की उपलब्धियां गिनाई और कहा कि, 'बीते 5 वर्षों के हमारे काम से यहां विपक्षी भी हैरान और परेशान हैं। हमारे विरोधी भी आज ये मान रहे हैं कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन का नेतृत्व कर्मशील भी है और ऊर्जावान भी है' ।

वहीं पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 मामले में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा । '5 अगस्त को आपकी भावना के अनुरूप भाजपा- NDA सरकार ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया। जिसके बारे में सोचना तक पहले असंभव लगता था'।  पीएम मोदी ने कहा, 'एक ऐसी स्थिति जिसमें जम्मू कश्मीर के गरीब की, बहन-बेटियों की, दलितों और शोषितों के विकास की संभावनाएं नहीं के बराबर थी'।  नरेंद्र मोदी ने कहा, 'जम्मू कश्मीर और लद्दाख सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, वे मां भारती का शीष है, वहां का कण-कण भारत की शक्ति को मजबूत करता है' ।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ महीनों में कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बयान देख लीजिए। जम्मू-कश्मीर को लेकर जो पूरा देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी सोच दिखती है।इनका तालमेल पड़ोसी देश के साथ मिलता जुलता है। पीएम ने कहा कि, 'आज मैं विरोधियों को चुनौती देता हूं कि आपमें अगर हिम्मत है तो इस चुनाव में भी और आने वाले चुनावों में भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये ऐलान करें कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे । 5 अगस्त के निर्णय को हम बदल देंगे, नहीं तो ये घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें' ।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर के हरि सिंह पर रोड पर हुआ ग्रेनेड से हमला। कड़ी सुरक्षा के बावजूद हरि सिंह हाइट स्ट्रीट के पास आतंकियों ने खतरनाक ग्रेनेड फेंका है। ग्रेनेड हमले में कई गाड़ियों के शीशें टूट गए। इस हमले में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हमले को अंजाम तब दिया गया जब घाटी में सुरक्षा को लेकर लगातार व्यवस्था के इंतजाम बहुत ही सख्त हैं और हर जगह जवानों की तैनाती की गई है।

श्रीनगर के हाई सिक्योरिटी जोन में इस हमले को अंजाम दिया गया है। वहीं हमले के बाद से ही स्थानीय पुलिस ने इसकी जांच शुरु कर दी है। ग्रेनेड हमले से करीब 5 से 7 लोग घायल हो गए है।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकी हमले को लेकर खबर आ रही है और इससे पहले भी श्रीनगर में डीजी ऑफिस के पास में एक और आतंकी हमले को अंजाम दिया गया था, जिसमें 4 से 5 लोग घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचीव रोहित कंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि राज्य में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार से बहाल कर दी जाएंगी और साथ ही साथ आने जाने पर भी पूरी तरह से पाबंदी हटा ली गई हैं। सोमवार दोपहर 12 बजे से मोबाइल सेवाओं पर लगी पाबंदी को हटा लिया जाएगा।

इस बात की जानकारी देते हुए रोहित कंसल ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में हालात ठीक हो रहे हैं, और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल करने का फैसला लिया है। कंसल ने आगे कहा कि हिरासत में बंद नेताओं को एक प्रक्रिया के तहत रिहा किया जा रहा हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष राज्य का दर्जे को खत्म दिया था। केंद्र सरकार ने इस पर कहा था कि इस फैसले से राज्य की जनता की स्थिति और बेहतर होगी साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।

इस फैसले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने साथ ही कई अहम अन्य कदम भी उठाए थे, जिसमें भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई, मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी और राज्य के नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था।

ये सभी कदम उठाने के पीछे सरकार ने कारण बताते हुए कहा था कि ऐसे हालातों में नेताओं की बयानबाजी से स्थिति और भी बिगड़ सकती है, साथ ही साथ फोन सेवाओं और इंटरनेट सेवाओं का आतंकवादी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे ये कदम उठाने जरुरी है। सुरक्षा के चलते राज्य में स्कूल और कॉलेजों को भी बंद कर दिया गया था।

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से पाकिस्तान लगातार इस मसले में कई देशों से मदद मांग रहा है । जिसमें पाकिस्तान को सिर्फ मुंह की खानी पड़ी है । वहीं दूसरी तरफ बात अगर  चीन की करें तो इन दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस मसले पर बातचीत करने के लिए चीन के दौरे पर हैं । लेकिन चीन ने भारत आने से पहले कश्मीर मुद्दे पर एक बड़ा यू-टर्न ले लिया ।

चीन का कहना है कि, जम्मू-कश्मीर के मसले पर वह नजर बनाए हुए है और भारत-पाकिस्तान को इस मसले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के हिसाब से सुलझाना चाहिए । हालाकि, चीन के इस बड़े बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है । आपको बता दें कि, इमरान खान अपने चीन के दौरे पर हैं और उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और चीनी प्रीमियर से भी मिले ।

आपको बता दें कि, चीन के तरफ से ये बयान उस वक्त जारी किया गया है, जब 11 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग महाबलीपुरम में पहुंच रहे हैं, जहां पर उन्हें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इन्फॉर्मल बैठक में हिस्सा लेना है । चीन ने अपने इस बयान में कहा कि पाकिस्तान की ओर से उसे जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात के बारे में बताया गया है, चीन इस मामले में नज़र बनाए हुए है ।

जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिशों में पाकिस्तान को एक बार फिर से बड़ा झटका मिला है। यह झटका किसी और देश ने नहीं बल्कि खुद उसी के मित्र देश चीन ने दिया है। कश्मीर मुद्दे को लेकर बीजिंग पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान  को चीन ने जोरदार झटका देते हुए पीठ दिखा दी है।

लगातार कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दे रहे चीन ने अपने स्टैंड से यू-टर्न लेते हुए कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच दो देशों का मुद्दा माना है। बता दें कि कश्मीर का एजेंडा फैलाने वाले पाकिसतान को हर जगह से आपसी बातचीत की नसीहत दी गई है, ठीक ऐसा चीन ने भी कहा कि दोनों देशों को आपसी बातचीत से इसको सुलझाने की जरुरत है। चीन के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले ये बड़ा ही चौंकाने वाला बयान दिया है। 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि गेंग शुआंग ने मंगलवार को कश्मीर मुद्दे को लेकर कहा कि चीन ने भारत और पाकिस्तान से आपसी विश्वास बढ़ाने और संबंधों को सुधारने के लिए कश्मीर सहित सभी विवादों पर बातचीत को मजबूत करने की मांग की है। यह भारत और पाकिस्तान दोनों के साझा हितों के तहत है और देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की अपेक्षा है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री  चीन के दौरे के लिए मंगलवार को बीजिंग पहुंचे थे। इमरान खान के साथ उनके प्रतिनिधिमंडल के मंत्री भी मौजूद थे। वे यहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अपने समकक्ष ली क्यांग के साथ क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ कश्मीर मुद्दे को लेकर बातचीत करने पहुंचे है।

गौरतलब है कि अगस्त 2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान की यह तीसरी अधिकारिक चीन यात्रा थी। इससे पहले वे इसी साल अप्रैल में दूसरी बेल्ट एंड रोड फोरम में शामिल होने और चीन के नेतृत्व से सीपीईसी के विस्तार पर चर्चा करने के लिए गए थे। उनकी पहली आधिकारिक चीन यात्रा नवंबर 2018 में हुई थी।

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ  रहा है । जहां भारत के हर राज्य में आज विजयदश्मी मनाई जा रहा है, तो वहीं पाकिस्तान एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकी साजिश रचने की फिराक में है । दरअसल हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की तरफ से बिना उकसावे की फायरिंग करके भारतीय चौकियों को निशाना बनाया गया । जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है ।

बता दें कि, सोमवार रात 10.30 बजे से पाक सेना लगातार फायरिंग कर रही है । पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना पर रुक रुक कर फायरिंग कर रही है। भारतीय सेना फिलहाल पाक सेना को करारा जवाब दे रही है । बता दें कि, मंगलवार को भारतीय सेना को इस बीच एक बड़ी कामयाबी मिली है। सेना ने दक्षिणी कश्मीर के अवंतीपुरा में मंगलवार को एक आतंकी को मार गिराया ।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी इस इलाके में 2 आतंकी छिपे होने की आशंका जताई जा रही है । अवंतीपुरा में फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है । भारतीय सेना, CRPF और स्‍थानीय पुलिस मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं ।

कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बैखलाहट कम होती हुई नजर नहीं आ रही है । जहां लगातार पाकिस्तान भारतीय सेना पर हमला कर रहा है, तो वहीं अब भारत को सीधे पाकिस्तान युद्ध की धमकी दे रहा है । जी हां हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ की, जिन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत को युद्ध की बड़ी धमकी दे डाली ।

बता दें कि, मुशर्रफ ने दुबई में ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के स्थापना दिवस पर भारत को धमकी दी है, कि पाकिस्तान और हमारी सेना खून के आखिरी बूंद तक लड़ेगी । दुबई से पार्टी के स्थापना दिवस के संबंध में आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए, मुशर्रफ ने कहा कि, भारत शांति और युद्ध के बाद भी पाकिस्तान को धमकी देता रहा है । वहीं इस मौके पर परवेज़ मुशर्रफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि, ‘अगर भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई गलत काम करते हैं तो, पाकिस्तान भारत को सबक सिखाएगा’।

परवेज़ मुशर्रफ ने 1999 कारगिल युद्ध को लेकर भारत पर तंज कसते हुए कहा कि, 'शायद, भारतीय सेना कारगिल युद्ध को भूल गई है, भारत को कारगिल से पाकिस्तानी सेना को हटाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की मदद लेनी पड़ी थी' । मुशर्रफ ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध करते हुए अलगाववादियों के खुले समर्थन का ऐलान किया ।  

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार में विदेश मंत्री रहे ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार को झूठी सरकार बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने इमरान खान सरकार को लकर कई बड़ी बाते कही और साथ ही साथ नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि इनको अपनी गलती पर बिल्कुल पछतावा नहीं होता।

ख्वाजा ने कहा कि पिछले करीब एख साल में पाक प्रधानमंत्री ने बहुत सारे बेतुके ट्वीट किए हैं। आगे यह भी कहा कि पीएम ने कई झूठे ट्वीट किए हैं और जब इसको लेकर उनसे पूछा जाता तो वो इस बात से मुकर जाते है।

कश्मीर मुद्दे को लेकर जब उनसे पूछा गया कि इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि हमें करीब 58 देशों के समर्थन मिला हुआ है, तो पाकिस्तान 16 सदस्य देशों को इकट्ठा नहीं क्यों नहीं कर सका? जब प्रस्ताव पेश करने की बारी आई तो पीछे हट गए। इस पर पूर्व विदेश मंत्री आसिफ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् में इमरान सरकार के सारी उम्मीदें पूरी तरह से पानी फिर गया जिसके चलते हमारी कूटनीतिक अलगाव विश्व के सामने आ गया है और दुनिया में अब हमारे साथ कोई नहीं खड़ा है।

ख्वाजा मोहम्मद आसिफ से इमरान खान की सरकार को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि नौकरी करते हुए ट्रेनिंग नहीं की जा सकती, ट्रेनिंग पहले होनी चाहिए थी।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान ने अपनी पार्टी से इतर लोगों को भी सरकार में जगह दी है, लेकिन काम फिर भी नहीं चल रहा है, जो भी इन्होंने कदम उठाए हैं, वो सभी बुरी तरह फेल हुए हैं।

आपको बता दें कि इमरान खान के सभी तरीके फेल होने के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर से सैनिक शासन की तैयारी हो चुकी है।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया । यह हमला अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ऑफिस के बाहर गेट पर हुआ है । आतंकियों ने मौके का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका जिसमें 10 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं । घटना को अंजाम देने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए ।  

मिली जानकारी के मुताबिक, घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था । इसके साथ ही एक 12 साल की बच्ची भी शामिल थी । हमले के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. वहीं आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है । आपको बता दें कि, आज जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए हुए पूरे 2 महीने हो चुके हैं। लगातार आतंकियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ की खबर लगातार सामने आ रही है ।

इस घटना के बाद से सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है । बता दें कि, इससे पहले पिछले हफ्ते ही जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ मुठभेड़ की घटना सामने आई थी। इस घटना में 6 आतंकवादी मारे गए थे। जिनमें से तीन पाकिस्तानी नागरिक थे। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे ।

आज जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को हटाए हुए पूरे 2 महीने हो गए हैं । लेकिन पाकिस्तान की बौखलाहट लगातार बढ़ती जा रही है । लगातार धारा 370 को लेकर सुर्खियों में बने इमरान खान ने एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर ट्विटर पर बेतुक्का बयान दिया । दरअसल इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा कि, कश्मीरियों के संघर्ष को इस्लामिक आंतकवाद करार दिया जा रहा है ।

इमरान खान ने ट्विट कर लिखा कि, 'जम्मू कश्मीर में कश्मीरियों को 2 महीनों से ज्यादा समय तक कर्फ्यू में देख रहे आजाद कश्मीर के लोगों का गुस्सा मैं समझ सकता हूं। लेकिन अगर कोई भी एलओसी पार करेगा और कश्मीरी संघर्ष में मानवीय मदद देगा तो वह भारत (India) के नैरेटिव में उलझ जाएगा' । इमरान ने कहा, 'यह नैरेटिव कश्मीरियों के संघर्ष से ध्यान हटा रह है और कश्मीरियों के संघर्ष को पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित इस्लामिक आतंकवाद करार दे रहा है' ।

बता दें कि, हाल ही में इमरान खान ने अमेरिका में अमेरिकी प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की थी । जहां उन्हें सारेआम डोनाल्ड ट्रंप ने करारा जवाब दिया और इमरान खान की जमकर बेइज्जती की । वहीं दूसरी तरफ यूएनजीए में भी इमरान खान के भाषण का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत पर निशाना साधने से संबंधित रहा था जिसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई थी। अपने देश और इसकी समस्या को नजरअंदाज करते हुए, इमरान खान ने अपना ध्यान पूरी तरह से कश्मीर पर दिया था । जिसके बाद से इमरान खान लगातार जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर ट्रोल हो रहे हैं ।

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट अब तक कश्मीर की घाटी तक सीमीत थी । लेकिन अब इनकी बौखलाहट देश की राजधानी दिल्ली तक आ पहुंची है । बता दें कि, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 3-4 आतंकी राजधानी दिल्ली में घूस आए हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह आतंकी दशहरा से पहले किसी बड़ी आतंकी हमले की साजिश को अंजाम देने की फिराक में है ।

बताया जा रहा है कि, करीब 5-6 दिन पहले आतंकी अबु उस्मान ने बांदीपोर जिले के पीएस हाजिन सेक्टर के मीर मोहल्ला स्थित एक सेब के बाग में अपने कारिंदों के साथ एक बैठक की। इसमें उस्मान ने जम्मू के लोगों को यह धमकी दी है कि, कश्मीर के लोग जल्द ही जम्मू और दिल्ली में एक बड़े हमले की खुशखबरी सुनेंगे। उस्मान ने दावा करते हुए कहा कि, 'हमारे पांच भाई पहले ही इन स्थानों (जम्मू और दिल्ली) पर पहुंच चुके हैं' ।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जैश के आतंकी जम्मू के साथ-साथ दिल्ली में भी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है । जिसमें एक विदेशी और दो कश्मीरी आतंकवादी शामिल हैं । जैश की इस बड़ी साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना ने पूरी तैयारी कर ली है । दिल्ली में हर जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं ।     

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान लगातार बौखलाया हुआ है। घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाक कोई न कोई पैंतरा आजमाता ही रहता है। फिर चाहे वो रास्ता आतंकवाद का हो या कुछ और हमेशा ही भारत में घुसपैठ करने की कोशिश करता रहता है।

आज पाक सेना ने भारत-पाक सीमा पर अशांति फैलाने के लिए नया पैंतरा चला है। इस बार कश्मीर के नागरिकों के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर निकालने की योजना बनाई है। भारतीय सेना ने इस बात की पुष्टि की है। हालांकि, भारतीय सेना भी पाकिस्तानी सेना के कार्यक्रम को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

आपको बता दें कि बुधवार को जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक घुसपैठिए को पकड़ा गया। सुरक्षा बलों ने उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उस वक्त पकड़ा जब वो भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था। अखनूर सेक्टर से बीएसएफ ने इस घुसपैठिए को पकड़ा है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (बापू) की 150वीं जयंती पर जम्मू-कश्मीर में विपक्षी नेताओं को प्रशासन की तरफ से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही घाटी की स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए विपक्षी नेताओं को नजरबंदी कर दी थी, जो अब हटा दी गई है।

आपको बता दें कि जम्मू में जिन नेताओं की नजरबंदी हटाई गई है, उसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, पैंथर्स पार्टी के नेता शामिल हैं। डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह के अलावा जिन नेताओं से नजरबंदी हटाई गई है, उसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के देवेंद्र राणा और एसएस सालाथिया, कांग्रेस रमन भल्ला और पैंथर्स पार्टी के हर्षदेव सिंह के नाम शामिल हैं। इन नेताओं को 5 अगस्त से नजरबंद कर लिया गया था।

बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर पर बड़ा फैसला लेते हुए घाटी से विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था और राज्य को 2 हिस्सों में बांट दिया था। सरकार ने इस फैसले के साथ ही राज्य के कई विपक्षी नेताओं को नजरबंद भी कर लिया था।

जम्मू कश्मीर में एक बड़े आतंकी हमले के नाकाम होने की खबर सामने आई है। जम्मू में के.सी मोड़ बस स्टैंड के पास एक बस में रखे एक बैग में 15 किलो का विस्फोट मिला है। यह बस यहां कैसे आई और विस्फोटक इतनी मात्रा में यहां कैसे आया, इसको लेकर अभी पूरी जानकारी के लिए मौके पर पहुंची पुलिस की टीम इसकी जाँच कर रही है।

आपको बता दें कि मंगलवार सुबह जम्मू कश्मीर के पुंछ में बोखलाए पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय क्षेत्रों पर गोलीबारी की है। वहीं कल रात को भी कठुआ जिले के हीरानगर इलाके में अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर पाकिस्तान ने खतरनाक गोलीबारी की थी जिसमें BSF का एक जवान भी घायल हो गया, जिसके बाद भारतीय जवानों द्वारा पुंछ और कठुआ में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही है।

3 दिन पहले 28 सितंबर को जम्मू कश्मीर में तीन आतंकी हमले हुए थे। गांदरबल में जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को मार गिराया था। श्रीनगर और डोडा में आतंकियों ने ग्रेनेड से बड़ा हमला किया। आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए डोडा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और वहीं सुरक्षाबलों की टीमों द्वारा आतंकियों की तलाशी की जा रही है। जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के बटोत किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग इलाके में 28 सितंबर की सुबह गश्ती दल पर हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी अभियान चलाते हुए हमलावर आंतकियों को घेर लिया था, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई थी।

LOC पर लगातार हो रही सीजफायर पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए  'प्रॉक्सी वॉर' पर लताड़ लगाई है। आर्मी चीफ ने कहा कि, अब लुका-छिपी का खेल नहीं चलेगा। अब अगर भारत एलओसी पार करेगा, तो वायु, जमीन या दोनों के रास्ते करेगा।'

एक मीडिया संस्थान को दिए एक इंटरव्यू में सेना प्रमुख ने कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) से एक कड़ा संदेश गया है कि लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर तबतक शांति रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं करता। अगर पाकिस्तान ने ऐसी कोई हिमाकत की, तो भारतीय सेना एक बार फिर बॉर्डर पार कर सकती है।

बता दें कि उरी अटैक के बाद भारतीय सेना ने 28 सितंबर 2016 को एलओसी पार कर पाकिस्तान में चल रहे आतंकी बेस कैंप को तबाह कर दिया था। इसके बाद इसी साल पुलवामा हमले के बाद भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट और पीओके में एयर स्ट्राइक की थी।

जनरल रावत ने आतंकवाद का समर्थन और आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह देने को लेकर भी पाकिस्तान को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को कमजोर किया, तब हमारे पड़ोसी मुल्क ने इसके खिलाफ खासतौर पर 'जिहाद' की शुरुआत की। जनरल रावत ने कहा कि भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर पाकिस्तान की पॉलिसी का हिस्सा है।

कश्मीर विवाद के लिए कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अनुच्छेद 370 हटने की आलोचना करने वालों को लताड़ लगाई है। अमित शाह ने सालों से चली आ रही जम्मू कश्मीर की समस्या को लेकर एक बार फिर से जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा है। अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में लेकर जाना नेहरू की सबसे बड़ी भूल थी।

शाह ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू द्वारा चार्टर 35 को UN मे लेकर जाना सबसे बड़ी गलती थी और गलत प्रचार के चलते अनुच्छेद 370 कई सालों तक चला। उन्होंने आगे कहा कि नेहरू को संयुक्त राष्ट्र में इसके साथ नहीं बल्कि घुसपैठ चार्टर के साथ जाना चाहिए था। अपने दावों को बताते हुए शाह ने आगे कहा कि चार्टर 35 ने इसे दो देशों के बीच एक संघर्ष बना दिया, जबकि चार्टर 51 ने हमें हमारी भूमि पर कब्जा करने वाले विदेशी राष्ट्र के मामले को लेकर काफी मदद की।

शाह ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि कश्मीर के इतिहास की सच्चाई को भी छिपाया गया है, जिसके चलते हमें आज तक इसके सही-सही तथ्य नहीं मिल पाए है क्योंकि इसका इतिहास लिखने वाले वहीं लोग है जिन्होंने इसकी समस्या पैदा की थी। सरदार पटेल ने कितनी आसानी से 565 से ज्यादा रियासतों को भारत में शामिल किया था, लेकिन कश्मीर का भार नेहरू के हाथ में था, जिससे समस्याएं पैदा हुई।

अमित शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि इतिहास लिखा जाए और लोगों तक पहुंचाया जाए।

जम्मू-कश्मीर के रामबन में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को ढेर कर दिया, जबकि सेना का एक जवान शहीद हो गया था। मुठभेड़ के खत्म होने के बाद सेना की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया।

इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सेना और आतंकियों से हुई मुठभेड़ से पहले एसएसपी अनिता शर्मा ने आतंकियों को सरेंडर के लिए कह रही हैं।

इस वीडियो में वो कहती हैः 'ओसामा... ओसामा तुम्हारी सबसे बात करवा देंगे, तुम बाहर आ जाओ। हमारे होते हुए तुम्हें कोई फिक्र की जरूरत नहीं है। तुम्हें कोई नहीं छुएगा। आ जाओ बाहर। सिविलियन को पहले बाहर भेज दो. हथियार के साथ, सारे हथियार उसके साथ बाहर भेज दो।'

इसके बाद वो कहती हैं, 'ओसामा, तुम्हें 15 मिनट दिए गए थे, तुम्हारा टाइम खत्म हो चुका है, बाहर आ जाओ अब। ओसामा हमने आपको पहले ही कहा है कि 15 मिनट का टाइम दिया है, वो टाइम पूरा हो चुका है, अब बाहर आ जाओ।'

इसके बाद आतंकी के बाहर नहीं आने पर सेना ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया। बता दें कि जम्मू क्षेत्र के रामबन जिले में तीन आतंकी मारे गए। दरअसल, आतंकी यहां एक घर में घुस गए और वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया। बाद में बंधकों को छुड़ा लिया गया, लेकिन इस दौरान गोलीबारी में एक जवान शहीद हो गया वहीं दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मारे गए आतंकवादी हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी थे। उनके पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि उन्होंने चिनाब घाटी में एक बार फिर से आतंकवाद को पुन: जीवित करने के उद्देश्य से घुसपैठ की थी।

जम्मू-कश्मीर में जबसे अनुच्छेद 370 हटा है तबसे पाकिस्तान इस कदर बौखलाया हुआ है कि दुनिया के शीर्ष मंच UNGA में भारत (India) के खिलाफ कुछ भी अनाप शनाप बयानबाजी किए जा रहा है।

इमरान खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की सीजेएम कोर्ट में प्रकीर्ण वाद दायर किया गया है। यह केस सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर दर्ज कराया है।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने केस की अगली सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर की तारीख मुकर्रर की है। महराजगंज जिले के नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 10 इंदिरा नगर निवासी अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने बताया कि यह वाद राष्ट्रद्रोह और दो वर्गों के बीच वैमनस्यता फैलाने के तहत दाखिल किया गया है।  

उन्होंने इमरान पर आरोप लगाया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने बयानों से भारत में हमेशा राष्ट्रद्रोह और दो वर्गों के बीच वैमनस्यता फैलाने का काम करते हैं, जिससे वह काफी दुखी होकर उनकी तरफ से सीजेएम कोर्ट में विनय कुमार पांडेय बनाम इमरान खान प्रधानमंत्री पाकिस्ताफन प्रकीर्ण वाद दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सुनवाई के बाद सीजेएम ने इस मामले में सदर कोतवाल से आख्या मांगी है।

 

जम्मू-कश्मीर में आतंकी अपनी कायराना हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं । बता दें कि, गांदरबल में सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई जिसमें सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और 3 आतंकियों को मार गिराया। वहीं जम्मू के श्रीनगर हाईवे रामबन के बटोत इलाके में आतंकियों ने एक परिवार को बंधक बना लिया है। इसी के चलते सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर के कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है ।

बताया जा रहा है कि, जम्मू-कश्मीर के बटोत इलाके में आतंकियों ने एक परिवार के घर घूस कर उन्हें बंधक बना दिया । जिसके बाद से सुरक्षाबलों ने आतंकियों का घेराव किया हुआ है । इससे पहले आतंकी ग्रेनेड हमला करने के बाद घर में घुसे और सुरक्षाबलों ने उनका पीछा करते हुए घेर लिया है। आतंकवादी लगातार घर में रह कर सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहे हैं । जिसके जवाब में सेना और पुलिस ने भी जमकर फायरिंग की ।

सूत्रों के मुताबिक ये तीनों आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा हैं, जो डोडा-बटोत रोड पर हलडानू एनकाउंटर साइड से फरार हुए थे। ये आतंकवादी घने जंगलों में 9 किलोमीटर तक पैदल चलते हुए विजय कुमार के घर पहुंचे। उनका घर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर स्थित बटोत बस अड्डे से महज 300 मीटर दूर है ।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से पाक परस्त आतंकी पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं। घाटी का माहौल बिगाड़ने के लिए पाक लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर कश्मीर में आतंकियों को बार्डर पार करा रहे हैं। इसी बीच शनिवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के रामबन में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरु हो गई है। सेना ने 2 आतंकियों को घेर रखा है। 

बता दें कि रामबन में आतंकियों ने पहले सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आतंकियों को घेर लिया है। आतंकियों द्वारा किए गए इस ग्रेनेड हमले में किसी भी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

शनिवार को अलीगढ़ में पढ़ रहे करीब 70 कश्मीरी छात्रों से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मुलाकात की । इस मुलाकात के दौरान कश्मीरी छात्रों ने सीएम योगी के सामने अपनी कई मांगो को रखा और उन्होंने उनकी मांगे भी सुनी । इस संवाद के दौरान सीएम योगी ने छात्रों से वादा किया कि, आज हो संवाद में मैं आपको आश्वासन देता हूँ कि, आप सभी की बातें गोपनीय रहेंगी ।

आपको बता दें कि, कश्मीरी छात्रों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने उनसे कहा कि, आज हो रहे संवाद में जो बात निकलेगी, उसको हम जम्मू कश्मीर के शासन से बात कर समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। संवाद होना जरूरी है। सीएम योगी ने कहा कि, आज आप पढ़ाई कर रहे हैं, कल आप प्रशासनिक नौकरी के लिए भी आ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि उत्तर प्रदेश को आप जानें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर पहल के लिए आज यह प्रयास किया जा रहा है। राज्य स्तर की जो समस्या होगी उसे हम सुलझाने का प्रयास करेंगे। साथ ही अन्य स्तर पर भी प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बच्चे हैं, उनके साथ समय-समय पर मैं संवाद करूंगा। सभी लोग अपनी बात रखने में कोई संकोच न करें।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने UNGA को संबोधन करने के बाद लगातार 50 मिनट भारत पर जमकर निशाना साधा । इमरान खान ने अपने इस भाषण के दौरान साथ ही कई ऐसी बातें भी कह डाली जिससे पूरी दुनिया के सामने उनकी छवि को ठेस पहुंची है । जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से यह मामला अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है । इसी मुद्दे को लेकर एक बार फिर इमरान खान बयान देते हुए नजर आए ।

इमरान खान ने अपने भाषण के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाते हुए परमाणु युद्ध की धमकी दे डाली । इमरान खान ने कहा कि, "मैं सोचता हूं कि मैं कश्मीर में होता और 55 दिनों से बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता" । इमरान खान ने परमाणु युद्ध की धमकी देते हुए कहा कि, "मैं सोचता हूं कि मैं कश्मीर में होता और 55 दिनों से बंद होता, तो मैं भी बंदूक उठा लेता। आप ऐसा करके लोगों को कट्टर बना रहे हैं। मैं फिर कहना चाहता हूं कि यह बहुत मुश्किल समय है। इससे पहले कि परमाणु युद्ध हो, संयुक्त राष्ट्र की कुछ करने की जिम्मेदारी है। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। अगर दो देशों के बीच युद्ध हुआ तो कुछ भी हो सकता है" ।

इमरान खान ने कहा कि, "कश्मीर में लोगों को क्यों बंद कर दिया गया है, वे इंसान हैं। कर्फ्यू उठ जाएगा तो क्या होगा, तब मोदी क्या करेंगे ? उन्हें लगता है कि कश्मीर के लोग इस स्थिति को स्वीकार कर लेंगे? कर्फ्यू उठने के बाद कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लोग बाहर आएंगे। क्या पीएम मोदी ने सोचा कि तब क्या होगा?"

LOC के पास कुपवाड़ा सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है । बता दें कि, यह वीडियो 30 जुलाई की है जिसमें 7 घुसपैठियों LOC के पास घुसपैठ करते पाया गया । लेकिन भारतीय सेना को आतंकियों की इस हरकत का अंदाजा लग गया जिसके बाद लगातार भारतीय सेना ने गोलीबारी शुरू कर दी और घुसपैठ कर रहे आतंकियों को मार गिराया ।

वायरल हो रही इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, आतंकियों की इस नापाक हरकत का भारतीय सेना किस तरह जवाब देती हुई नजर आ रही है । जिसके बाद आखिर उन्हें वापसी करने में मजबूर होना पड़ा । बता दें कि, इससे पहले भारतीय सेना ने 12 और 13 सितंबर की मध्यरात्रि पाकिस्तान की ओर से एलओसी के समीप घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था और इसके अलावा सेना ने एक संदिग्ध बैट कमांडो को घुसपैठ की कोशिश के दौरान मार गिराया था। सेना ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया था, जिसे एक हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर के जरिए कैद किया गया था ।

इस माह की शुरुआत में सेना ने हाजीपीर सेक्टर के पास दो पाकिस्तानी जवानों को ढेर कर दिया था। शवों को पाकिस्तानी सेना सफेद झंडे दिखाकर अपने साथ ले गई थी। बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से लगातार पाकिस्तान बौखलाया हुआ है । लगातार बॉर्डर पर  पाकिस्तान की तरफ से हो रही फायरिंग का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है । लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है ।

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद से आतंकी बाज नहीं आ रहे हैं । लगातार आतंकी सीमा पर गोलीबारी कर रहे हैं । आशंका जताई जा रही है कि, यह आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है । दरअसल जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर में दो से तीन आतंकियों की घुसपैठ की आशंका के चलते देर रात सर्च ऑपरेशन चलाया गया । जिसके बाद प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को हीरानगर सेक्टर में जीरो से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 52 स्कूलों को बंद कर दिया गया ।

इससे पहले भी कठुआ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली थी । जहां सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया था । साथ ही पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद ले जा रहे एक ट्रक को बरामद किया था। बता दें कि, आतंकियों के पास से चार एके-56, दो एके-47 और छह मैग्जीन बरामद की गईं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इन आतंकियों को पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के लखनपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आतंकियों में उबैद-उल-इस्लाम निवासी पुलवामा, जहांगीर अहमद पर्रे निवासी बड़गाम,  सबील अहमद बाबा निवासी पुलवामा हैं। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से आतंकी संगठन घाटी का माहौल खराब करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 हफ्ते के अमेरिकी की दौरे पर हैं । इस दौरान उन्होंने दुनिया के सामने भारत-पाकिस्तान के सामने कई बड़े ऐलान भी किए । वहीं शुक्रवार की शाम  को होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को पीएम संबोधित करेंगे । उम्मीद जताई जा रही है कि, पीएम मोदी आतंकवाद के खिलाफ भाषण देंगे और पूरी दुनिया को एकजूट होने का संदेश देंगे । बता दें कि, पीएम मोदी का यह कार्यक्रम शाम 7.50 बजे शुरू होगा ।

पिछले दिनों ह्यूस्टन में हुए 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े बयान दिए थे । जिसके बाद खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीरी मुद्दे पर बातचीत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की । जहां उन्हें एक बार फिर सारी दुनिया के सामने मुंह की खानी पड़ी । बता दें कि, शाम को पीएम मोदी के भाषण के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भाषण होगा ।

आज बतौर पीएम मोदी एक बड़ा मुद्दा आतंकवाद होगा जिसमे पीएम मोदी सभी से पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद से लड़ने की अपील करेंगे साथ ही आतंकवाद को लेकर भाषण भी देंगे । जिसके बाद इमरान खान अपना अपना भाषण देंगे । दिलचस्प बात यह होगी कि, आज भारत और पाकिस्तान का सारी दुनिया के सामने आतंकवाद को लेकर जबरदस्त आमना-सामना देखने को मिलेगा ।

मंगलवार को POK में और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में 6.3 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जिसके बाद गुरूवार को भी POK और जम्‍मू–कश्‍मीर में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए । मौसम विभाग के मुताबिक, भूकंप के झटके 12.30 बजे महसूस किए गए । बता दें कि, इस बार भूकंप की तीव्रता 4.8 थी ।

बता दें कि, मंगलवार को 6.8 तीव्रता से आए भूकंप में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है । वहीं घायल लोगों की संख्या 500 तक पहुंच गई है । यह भूकंप इतना खतरनाक था कि इसका असर दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, चंडीगढ़ समेत पूरे उत्तरी भारत में पड़ा था । लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू-कश्मीर में देखने को मिला ।

बात अगर करें गुरूवार की 4.8 की तीव्रता से आए भूकंप से अब तक किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई है । मौसम विभाग ने कहा है कि भूकंप का केंद्र पाकिस्‍तान-भारत (जम्‍मू-कश्‍मीर) बॉर्डर पर रहा. हालांकि इस भूकंप में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है ।

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले को अंजाम देने के प्लान को लेकर बाहरी इनपुट मिलने के बाद भारतीय वायुसेना ने अपने श्रीनगर, अवंतीपोरा, जम्मू, पठानकोट और हिंडन एयरबेस को हाई अलर्ट कर दिया है। ऐसे में हमले को नाकाम करने और सुरक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी 24x7 सुरक्षा व्यवस्था की छानबीन कर रहे हैं। एजेंसियों ने जैश के आतंकी हमले के गतिविधियों पर नजर रखने के बाद अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों ने 8-10 जैश-ए-मोहम्मद के एक मॉड्यूल के खिलाफ चेतावनी जारी की है, जो जम्मू और कश्मीर के आसपास और वायुसेना के ठिकानों के खिलाफ आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश करेंगे।

आपको बता दें कि इससे पहले खबर आई थी की पाकिस्तान की देख-रेख वाला आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा के सलाहकार अजित डोभाल पर हमले की पूरी तैयारी कर ली है और इसको जल्द ही अंजाम भी देने वाले है। इसी खबर को पक्का करते हुए एक विदेशी खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट के अनुसार यह पता चला था कि इस हमले को सफल बनाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एक मेजर इसमें जैश की पूरी मदद कर रहा है।

जम्मू-कश्मीर से भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान की तरफ कई तरह की नाकाम कोशिशें देखने को मिल रही है और इसके विरोध में आतंक को पनाह देने वाला पाकिस्तान हर दिन किसी अन्य देश के सामने हाथ फैला कर कश्मीर मुद्दे को लेकर मदद की भीख मांग रहा है। हालांकि पाकिस्तान को अभी तक हर जगह से मुँह की खानी पड़ी है।

विदेशी खुफिया इनपुट है कि जैश आतंकी संगठन में पाकिस्तानी आतंकवादी शमशेर वानी और सरगना के बीच हमले को अंजाम देने को लेकर बातचीत हुई है। वहीं खबरों के अनुसार ये आतंकी सितंबर में भारत में एक बड़े हमले की तैयारी कर रहे है।

एजेंसियों द्वारा जो भी तथ्य मिले है उसके मुताबिक जिन शहरों में आतंकी हमले होने का खतरा है उन शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और साथ ही साथ जाँच पड़ताल की जा रही है।

मंगलवार को दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए । इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत पूरी उत्तरी भारत में झटके महसूस किए गए हैं । बता दें कि, भूकंप 6.3 की स्पीड से भूकंप आया था । भूकंप का 4.32 बजे महसूस किया गया था । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र भारत-पाकिस्तान की सीमा बताई जा रही है ।

मिली जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा झटके जम्मू-कश्मीर कश्मीर में महसूस किए गए । लोगों का कहना है कि, जम्मू-कश्मीर में काफी तेजी से भूकंप आया था । सूचना के मुताबकि इसका केंद्र लाहौर से 173 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। वहीं यह जगह रावलपिंडी से 81 किलोमीटर दूर है । सामने आ रही खबरों के मुताबिक, POK में तेज गती से भूकंप आने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 50 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

भूकंप इतना खतरनाक था कि, सड़के फट गई और गाड़ियां पलट गई। भूकंप के झटके महसूस करने के बाद सभी लोग अपने घरों और दूकानों से बाहर आ गए । भूकंप के झटके  पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, गुरदासपुर में भी महसूस किए गए हैं। वहीं भूकंप के झटके हरियाणा गुरुग्राम में भी महसूस किए गए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और मेरठ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं ।

अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर खड़े होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेइज्जती की । इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने सबके सामने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की साथ ही उन्होंने कहा कि, हमारे भारत से अच्छे संबंध हैं । डोनाल्ड ट्रंप ने ‘हाउडी मोदी’ में दिए गए नरेंद्र मोदी के बयान को काफी एग्रेसिव बताया और कहा कि वहां बैठे लोगों को ये काफी पसंद आया ।

दरअसल सोमवार को न्यूयॉर्क इमरान खान और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कश्मीर मुद्दे पर हुई बातचीत को लेकर जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता का सवाल हुआ तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं, लेकिन तभी जब दोनों पक्ष राजी हों। अभी पाकिस्तान इसके लिए तैयार है, पर जबतक भारत नहीं मानता है तो कुछ नहीं होगा । वहीं जब डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया गया कि हाउडी मोदी में पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बोल रहे थे तो क्या आप उनसे सहमत हैं ? इस पर जवाब देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, कि ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में काफी एग्रेसिव बयान दिए गए, प्रधानमंत्री ने भी काफी आक्रामक बयान दिया है ।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, मुझे उम्मीद नहीं थी कि इस तरह का बयान आएगा, लेकिन मैं वहां बैठा था और जब वो बयान आया तो मैदान में बैठे लोग काफी उत्साहित थे। वहां करीब 59 हजार लोग थे, जो उस बयान से सहमत लग रहे थे। लेकिन ये मानना होगा कि प्रधानमंत्री का बयान काफी आक्रामक था, उन्हें उम्मीद है कि दोनों देश जल्द ही आपस में बात करेंगे ।

जम्मू-कश्मीर में जबसे अनुच्छेद 370 हटाया गया है तबसे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है । पाकिस्तान की यह बौखलाहट अब इतनी बढ़ गई है कि, सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले । वहीं जब न्यूयॉर्क में इमरान खान के सामने डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐसे बयान दिए जिससे इमरान खान को बड़ा झटका लगा ।

दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, भारत से हमारे संबंध अच्छे हैं, उम्मीद है कि दोनों देश साथ आएंगे। मुझे पाकिस्तान पर भरोसा है कि वह सही करेगा, लेकिन सामने बैठे लोगों (पाकिस्तानी मीडिया) को ही उनपर भरोसा नहीं है । ट्रंप ने कहा कि, अनुच्छेद 370 पर नरेंद्र मोदी ने आक्रामक भाषण दिया, लोगों ने भी उसे काफी पसंद किया है। वहां बैठे लोग काफी ध्यान से उन्हें सुन रहे थे । प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पाकिस्तानी पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर पर सवाल किया तो डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप ऐसे रिपोर्टर कहां से लाते हैं? डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी रिपोर्टर से कहा कि आप इमरान की टीम में हैं, ऐसे में आपकी बात सवाल नहीं बल्कि एक बयान है ।

आपको बता दें कि, इमरान खान ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मामले में मध्यस्थता की अपील की है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ इंकार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, वह जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता को राजी हैं, लेकिन अगर दोनों पक्ष राजी हो तो। ट्रंप ने कहा कि, इस मसले पर भारत का मानना भी जरूरी है । इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने हाउडी मोदी कार्यक्रम में कहा था कि, हमें इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा, वह इस लड़ाई में भारत के साथ हैं। साथ ही बॉर्डर की समस्या पर भी वह भारत के साथ हैं।

जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकी घुसपैठ करने की फिराक में लगे हुए हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, किश्तवाड़ा में सोमवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है । दरअसल सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया है । जिसके बाद से लगातार आतंकी हमले होने की आशंका जताई जा रही है ।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, LoC पर 450-500 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में हैं । खुफिया एजेंसियों को त्योहार में आतंकी हमले की आशंका है । बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी थी। दरअसल कठुआ में सोमवार को सुरक्षाबलों ने 40 किलो RDX बरामद किया था । जिसके बाद सुरक्षाबलों के मुताबिक यह आशंका जताई जा रही थी कि, आतंकी किसी बड़ी साजिश की फिराक में थे । वहीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना ने हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था ।

इससे पहले, सोमवार को सेना प्रमुख  जनरल बिपिन रावत  ने बड़ा बयान दिया है। आर्मी चीफ ने कहा है कि बालकोट  में आतंकवादी फिर से सक्रिय हो गए है। बता दें पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 46 सीआरपीएफ जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर एयर स्ट्राइक  की थी ।

बालाकोट में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों आर्मी चीफ बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है । बता दें कि, सोमवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान आर्मी चीफ ने कहा कि, भारत के एयरस्ट्राइक में बालाकोट को ध्वस्त कर दिया गया था। लेकिन पिछले आठ महीनों में पाकिस्तान इस जगह पर फिर से आतंकी गतिविधियां करने लगा है । बता दें कि, 26 फरवरी 2019 को बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया था । जिसमें कई आतंकी भी मारे गए थे ।

वहीं एयरस्ट्राइक को लेकर बिपिन रावत ने कहा कि, पाक की बढ़ती आतंकी गतिविधियों को देखते हुए हम एयरस्ट्राइक को ही रिपीट क्यों करेंगे। इससे आगे क्यों नहीं जा सकते हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि, सेना ने सीमा पर पूरी तैयारी की है और नियंत्रण रेखा पर और भी सैनिकों को तैनात किया गया है । आर्मी चीफ ने कहा कि आतंकियों को भारत के अंदर घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता है, लेकिन इन परिस्थितियों से कैसे निपटना है, ये हमें पता है ।

जनरल बिपिन रावत ने कहा कि, हमारी सेना को पता है कि कैसे पॉजिशन लिया जाए और कार्रवाई कैसे की जाए, हमलोगो अलर्ट हैं और हम ये तय करेंगे कि घुसपैठ की ज्यादातर घटनाओं को खत्म कर दिया जाए । सेना प्रमुख ने कहा कि हमारी उत्तर और पश्चिम की सीमाओं पर तनाव है। हमारे पड़ोसियों के साथ संबंध सही नहीं है। ऐसे में हमें सेना का नेतृत्व करने में सक्षम लीडर्स की जरूरत है। सेना प्रमुख ने पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बगैर दोनों देशों पर निशाना साधा ।  

ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' समारोह को पीएम मोदी ने संबोधित किया । जिसके लिए कई खास तैयारियां की गई थी । वहीं इस खास मौके में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पाकिस्तान का बिन नाम लिए आतंकवाद मुद्दे को लेकर जमकर निशाना साधा । पीएम मोदी ने कहा कि, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगाने के बाद से कुछ लोगों को कुछ ज्यादा दिक्कतें होनी शुरू हो गई है । वहीं पीएम मोदी ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि, कुछ ऐसे लोगों को भी दिक्कतें होनी लग गई हैं जिनसे अपना ही देश नहीं संभल रहा है ।

पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'ये वो लोग हैं जो अशांति चाहते हैं, आतंक के समर्थक हैं और आतंक को पालते-पोसते हैं। उनकी पहचान सिर्फ आप ही नहीं, पूरी दुनिया अच्छे से जानती है। अमेरिका में 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो उसके साजिशकर्ता कहां पाए जाते हैं? अब समय आ गया है कि आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए' । पीएम मोदी ने कहा कि, आतंक के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी मजबूती के साथ खड़े हुए हैं ।

 इस मौके पर पीएम मोदी ने धारा 370 के मुद्दे पर कहा कि, 'देश के सामने 70 साल से एक चुनौती थी, जिसे कुछ दिन पहले भारत ने इसे 'फेयरवेल' दे दिया है, ये विषय है अनुच्छेद 370 का‘ । पीएम मोदी ने कहा कि, 'अनुच्छेद 370 ने जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास और समान अधिकार से वंचित रखा था। इस स्थिति का लाभ आतंकवादी और अलगाववादी उठा रहे थे। संविधान ने जो अधिकार भारत को दिए हैं, वही अधिकार अब जम्मू एवं कश्मीर को मिल गया है। वहां की महिलाओं और दलितों के साथ हो रहा भेदभाव अब खत्म हो गया है।

रविवार को पीएम मोदी ने ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' को संबोधित किया । इस कार्यक्रम की प्रस्तूती भारत के समय अनुसार रात 9 बजे से शुरू हुई और 12.30 बजे तक चली । इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पाकिस्तान आतंकवाद पर जमकर निशाना साधा । बता दें कि, पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने को लेकर कहा कि, "देश के सामने 70 साल से एक चुनौती थी, जिसे कुछ दिन पहले भारत ने इसे 'फेयरवेल' दे दिया है, ये विषय है अनुच्छेद 370 का" ।

पीएम मोदी ने कहा कि, धारा 370 ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास और समान अधिकार से वंचित रखा था। इस स्थिति का लाभ आतंकवादी और अलगाववादी उठा रहे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि, संविधान ने जो अधिकार भारत को दिए हैं, वही अधिकार अब जम्मू-कश्मीर में भी लागू होंगे। वहां की महिलाओं और दलितों के साथ हो रहा भेदभाव अब खत्म हो गया है। राज्यसभा में हमारी बहुमत नहीं है, इसके बावजूद हमारे दोनों सदनों ने इस फैसले को दो तिहाई बहुमत से पारित किया है"।

पीएम मोदी ने कहा कि, "मैं यहां जोर देकर कहना चाहूंगा कि इस लड़ाई में राष्ट्रपति ट्रंप पूरी मजबूती के साथ आतंक के खिलाफ खड़े हैं।" उन्होंने कहा कि, "भारत में बहुत कुछ हो रहा है, बहुत कुछ बदल रहा है और बहुत कुछ करने के इरादे से हम चल रहे हैं। हमने नई चुनौतियों को पूरा करने की जिद ठान रखी है" ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को पटना दौरे पर हैं । इस मौके पर बिहार बीजेपी की तरफ कई खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । जिसका नाम "जन-जागरण सभा" रखा गया है । इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह समेत केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ संजय जायसवाल, उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए ।

इस कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि, 'धारा 370 संविधान में नासूर की तरह था जो आए दिन देश के दिल और स्वर्ग कश्मीर को लहूलुहान कर रहा था। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सपने देखते हैं, लोग कहते हैं कि हम सपने देखते हैं लेकिन वो कभी सच नहीं होता। लेकिन हमारे पीएम ने ये कर दिखाया। उन्होंने ये साबित कर दिया कि हम खुले आंखों से सपने देखते हैं इसलिए हमारे सपने सच होते हैं' ।'पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पीओके गए और कहा कि उनके लोग भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर न जाएं। मैं कहता हूं कि ये अच्छा है कि वे बॉर्डर पर न आएं क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं तो पाकिस्तान वापस नहीं जा सकेंगे। उन्हें 1965 और 1971 की गलतियों को नहीं दोहराना चाहिए।

वहीं, रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरदार पटेल की सोच सही थी और नेहरू जी की सोच गलत थी इसे स्वीकार करना पड़ेगा। सरदार पटेल ने 600 देशी रियासत को हैंडल किया कोई समस्या नहीं हुई, नेहरू जी ने एक कश्मीर को हैंडल किया जिसे सुधारने के लिए मोदी जी को आगे आना पड़ा । साथ ही उन्होंने कहा कि, अब देश में एक कानून चलेगा,सभी जगह कानून बराबर होगा देश के 166 कानून जम्मू कश्मीर में लागू होंगे ।

साल 2019 में एक बार फिर वही चुनावी दंगल शुरू हो चुका है । बता दें कि, शनिवार चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र-हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया था । जिसके बाद रविवार को अमित शाह मुंबई में रैली को संबोधित करने पहुंचे । इस दौरान अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने को लेकर फारूक अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार पर जमकर निशाना साधा ।

अमित शाह ने कहा कि, इन्हीं परिवारों की वजह से कश्मीर पिछड़ता चला गया । अमित शाह ने कहा कि जब से अनुच्छेद 370 और 35-A वजूद में आया था तभी से जनसंघ और बीजेपी ने इसका विरोध किया है। 370 देश के साथ कश्मीर के जुड़ाव में बाधा रही है, साथ ही देश की एकता में भी बाधा रही है। शाह ने कहा कि आज पूरा हिन्दुस्तान चाहता है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा बने। बीजेपी अध्यक्ष ने महाराष्ट्र की चुनावी जंग में 370 का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ये नेहरू की गलती थी जिसकी वजह से पीओके बना और आज मौजूद है ।

अमित शाह ने कहा कि, धारा 370 के कारण देश में आतंकवाद आया है। इसके बाद ही कश्मीर से कश्मीरी पंडितों, सूफी-संतों को निकाल दिया गया और आतंकवाद चरम पर पहुंचा। अब तक 370 के कारण करीब 40 हजार लोग मारे गए और कांग्रेस पूछती है कि 370 को क्यों हटाया गया। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के साहस और हौसले की वजह से इस बार संसद के पहले ही सत्र में अनुच्छेद 370 को उखाड़ कर फेंक दिया गया।

जबसे मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया तबसे पाकिस्तान बौखसाया हुआ है। इसी के चलते पाकिस्तान बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर भारतीय सेना पर गोलीबारी कर रहा है । इससे पहले सोमवार को को पाकिस्तान एलओसी पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलीबारी की । लेकिन पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है ।

बता दें कि, धारा 370 हटने के बाद से पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है । वहीं रविवार को भी रात भर पाकिस्तानी सेना भारतीय सेना पर लगातार गोलीबारी करती रही । जिसके चलते भारतीय सेना ने भी पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया । इस तरह बार-बार पाकिस्तान की तरफ से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है ।

इससे पहले भारत ने 15 सितंबर (रविवार) को कहा था कि इस साल पाकिस्तान ने 2,050 बार अकारण संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जिसमें 21 भारतीय मारे गए हैं। एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने और अंतर्राष्ट्रीय सीमा व नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने का आह्वान किया है ।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 से हटने के बाद घाटी के लोगों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ मिलना शुरु हो गया है। कश्मीर की स्थिति में तेजी से सुधार के चलते जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने स्थानीय लोगों को बड़ी संख्या में पुलिस में भर्ती करने के आदेश दिए है। पुलिस ने गुरुवार को कहा है कि जल्द ही वे विभिन्न पदों के लिए लोगों की भर्ती करने वाले है, जिनमें सब-इंस्पेक्टर, महिला कांस्टेबल और स्पेशल पुलिस शामिल है। पुलिस द्वारा इन पदों के लिए भर्ती के लिए भर्ती बोर्ड का निर्माण किया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिर्देशक दिलबाग सिंह ने बड़ी संख्या में भर्ती के आदेश दिए है, साथ ही साथ ही उन्होनें यह भी कहा है कि अलग-अलग रैंकों के लगभग 8500 पद जैसे एसआई, महिला कांस्टेबल, कांस्टेबल और स्पेशल पुलिस जल्द ही भरे जाएगें। डीजीपी ने संबंधित पुलिस प्रबंधकों को निर्देश देते हुए कहा है कि वे इन पदों को कम से कम समय में भरे।

मंगलवार को पुलिस ने कुल 1,350 कांस्टेबलों वाली दो महिला बटालियन जुटाने का फैसला किया था। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार वितरित की गई 2 महिला बटालियनों में जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती जिलों के लिए 60% और दूसरे जिलों के लिए 40%  समान रुप से कुल 3503 पदों पर भर्ती की जाएगी।

आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में सुरक्षा बहुत ही ज्यादा मजबूत है, लेकिन उसके बाद भी वहां के युवा लोगों का जोश बहुत ही ज्यादा हाई है, साथ ही सेना में भर्ती होने के लिए उत्सुक है और देश के लिए कुछ करना चाहते है।

जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय जगत में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान नेअब UNHRC में भी अपनी फजीहत करवा लिया है। आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कश्मीर पर प्रस्ताव पेश करने का आज आखिरी दिन था, लेकिन पाकिस्तान आवश्यक समर्थन हासिल करने में असफल रहा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादातर सदस्यों ने कश्मीर पर प्रस्ताव रखने के लिए पाकिस्तान का समर्थन करने से इनकार कर दिया।

भारत के लिहाज से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कूटनीतिक जीत है। सभी प्रमुख अतंरराष्ट्रीय मंचों पर भारत मजबूती से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को समाप्त किए जाने को आंतरिक मामला बता चुका है।

जम्मू कश्मीर में केंद्र की बहुत सी योजनओं से अनजान लोगो को अनुच्छेद 370 हटने के बाद से भारी मात्रा में लाभ मिल रहा है। अनुच्छेद 370 हटने से पहले राज्य का हेल्थ सेक्टर इन योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने में बहुत ही सुस्त रफ्तार से चल रहा था। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद से ही इसमें कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। प्रधानमंत्री जन दवाई केंद्र के उपाय जो बंद होने की कगार पर आ गए थे अब बहुत ही रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं।

जम्मू कश्मीर के कई अस्पतालों में लागू इस परियोजना के चलते लोगों को बहुत ही सस्तें दामों में दवाईयां उपलब्ध करवाने के केंद्र खुल गए है। साथ ही साथ लद्दाख के कारगिल और लेह राज्य के 22 जिलों के कई अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन दवाई केंद्र खोले जा रहे है। इन सभी केंद्रो में लोगों को कई तरह की दवाईयां सस्ते दामों पर मिलेगी।

प्रधानमंत्री जन दवाई केंद्रों की बढ़ती लोकप्रियता तथा इससे मिल रही राहत के चलते निर्माता कंपनियां सस्ती दवाईयों के लिए लोगों को मरिजों का भ्रामक प्रचार भी कर रही है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जल्द ही जम्मू कश्मीर के कई बड़े अस्पतालों में कैंसर तथा अन्य बड़ी बिमारियों के लिए उपचार तथा दवाईयां उपलब्ध होंगी।

पाकिस्तान लगातार सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है । इससे साफ जाहिर होता है कि पाकिस्तान इस वक्त कितना बौखलाया हुआ है । वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब खबर यह सामने आ रही है कि, पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया है । पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में फायरिंग की गई है ।

बता दें कि, भारतीय सेना की तरफ से लगातार फायरिंग की जा रही है और सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है । इससे पहले बुधवार को भी बालाकोट में पाकिस्तान की ओर से दागे गए 9 जिंदा मोर्टार को नष्ट किया था। बता दें कि, बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तान ने रविवार को रात भर भारतीय सेना पर गोलीबारी की । जिसका भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को करारा जवाब दिया ।

इससे पहले 2 सितंबर को भी LOC के पास पाकिस्तान की ओर से सीजफायर तोड़े के बाद एक भारतीय सैनिक शहीद हो गया था। सीजफायर उल्लंघन की यह घटना पुंछ सेक्टर की है। सेना ने शहीद सैनिक की पहचान ग्रेनेडियर हेमराज जाट (23) के तौर पर की। सीजफायर उल्लंघन के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की, जिसमें जाट गंभीर रूप से घायल हो गए। इस तरह पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन करना साफतौर पर जाहिर करता है कि, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने से वह कितने बौखलाए हुए हैं ।   

5 अगस्त को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाने क फैसला किया था । जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है । वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने जब कश्मीर मुद्दे को लेकर विदेश से मदद मांगी तो उन्हें मूंह की खानी पड़ी है । अब पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से जब मदद मांगी तो एक बार फिर मूंह की खानी पड़ी । संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर मुद्दे को लेकर किसी भी तरह से मध्यस्थता करने से इनकार कर दिया है। यूएन का कहना है कि दोनों देश आप में बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकालें ।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तल्खी पर बयान देते हुए कहा है कि, 'मैं इस बात पर स्पष्ट राय रखता हूं कि कश्मीर में मानवाधिकारों का पूरी तरह से सम्मान होना चाहिए। “मैं इस बात पर स्पष्ट राय रखता हूं कि, कश्मीर समस्या के समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत एक आवश्यक तत्व है' ।  यूएन महासचिव ने साफतौर पर कहा है कि, कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान को आपस में बातचीत करनी चाहिए उसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है ।

पोलैंड ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा है कि, भारत में आतंकी चांद से नहीं पाकिस्तान से आते हैं। पोलैंड ने यह बात EU की संसद में कही है। वहीं इटली ने कहा कि, पाकिस्तान आतंकी यूरोप में हमले की योजना बना रहे हैं। फ्रांस के स्‍ट्रॉसबर्ग में यूरोपीय संघ की संसद ने बुधवार को पिछले 11 सालों में पहली बार कश्‍मीर मुद्दे पर चर्चा की और भारत को अपना समर्थन दिया ।

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है । हर रोज सामने आ रही खबरों से यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि, इस वक्त POK का माहौल गरमाया हुआ है । बता दें कि, पाकिस्तान के लांचिंग पैड से आतंकियों के घुसपैठ का नया वीडियो सामने आया है । जिसमें आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं ।

इस वीडियो में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि, किस तरह पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के समूह 'BAT' के घुसपैठिए भारतीय सेना में घूसने की कोशिश कर रहे हैं । वीडियो में दिख रहा है कि बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) की ओर से घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) कमांडो और आतंकियों पर भारतीय सेना ने ग्रेनेड से हमला किया और उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया ।

इससे पहले 14 सितंबर को भी भारतीय सेना की तरफ एक वीडियो जारी किया गया था । जिसमे 11 और 12 सितंबर को भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना के बीच भारी गोलीबारी हुई थी । बता दें कि, पाकिस्तानी सेना ने लगातार भारतीय सेना पर गोलीबारी की थी । जिसका जवाबी कार्रवाई कर भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया और इस दौरान पाकिस्तानी सेना के दो सैनिकों को मार गिराया । जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना को सफेद झंडा दिखाया और भारतीय सेना इंसानियत दिखाते हुए उन्हें दोनों के शवों को ले जाने दिया ।  

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई । जिसको लेकर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का बड़ा बयान सामने आया है । उन्होंने जम्मू-कश्मीर में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा है कि, अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट जाउंगा । जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, उन्होंने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से एक रिपोर्ट मांगी है । उन्होंने कहा कि, अगर इस रिपोर्ट में किसी भी उन्हें लगता है कि, उन्हें जाना चाहिए तो वह वहां के हाईकोर्ट खुद जाएंगे ।

सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि उच्च न्यायालय में लोगों की पहुंच प्रभावित हुई है, हम मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से जवाब चाहते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो मैं उच्च न्यायालय जाऊंगा और मुख्य न्यायाधीश से बात करूंगा। यदि लोग हाई कोर्ट से संपर्क नहीं कर सकते हैं तो हमें कुछ करना होगा।

बता दें कि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि, कश्मीर स्थित सभी समाचार पत्र चल रहे हैं और सरकार हर तरह से उन्हें मदद देने की हर संभव कोशिश कर रही है। प्रतिबंधित इलाकों में पहुंच के लिए मीडिया को ‘पास' दिए गए हैं और पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया कराई गई है । बता दें कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर में नेट सुविधा बंद कर दी गई है । सुप्रीम कोर्ट ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि, जम्मू-कश्मीर में स्थिति समान्य करने के लिए प्रयास किए जाएं ।

सोमवार को सुप्रीम कोट में जम्मू-कश्मीर मामले में 8 याचिकाओं पर सुनवाई हुई । साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद को आज सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है । इस दौरान गुलाम नबी आजाद चार जिलों का दौरा कर सकते हैं । लेकिन इस दौरान वह सिर्फ अपने घर वालों से ही मिल सकते हैं वह किसी भी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकते । इसके अलावा उन्हें वहां जाने के लिए एक रिपोर्ट जमा करनी होगी ।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट को आजाद ने बताया कि, वह अपने राज्य में जाना चाहते हैं, दो बार श्रीनगर और एक बार जम्मू जाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, “मैं बारापुला, अनन्तनाग, श्रीनगर और जम्मू जाकर लोगों से मिलना चाहता हूं” । साथ ही उन्होंने कहा कि, “मैं कोर्ट को भरोसा देना चाहता हूं कि मैं कोई रैली नही करूंगा”। वहां फलों आदि से जुडे लोगों से मिलना चाहता हूं । इस पर CJI रंजन गोगोई ने कहा कि, आजाद ने कहा कि वो राजनीतिक रैली नहीं करना चाहते, चार जगहों पर जाने की मांग की है ।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लागू होने के बाद गुलाम नबी आजाद जब अपने परिवार से मिलने गए थे तो उन्हें श्रीनगर के एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया था। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को अपने गृह राज्य जम्मू-कश्मीर वापस जाने की सोमवार को अनुमति दे दी है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और एस ए नजीर की पीठ ने कहा कि, अगर एम्स के चिकित्सक उन्हें अनुमति दें तो पूर्व विधायक को घर जाने के लिए किसी की अनुमति आवश्यक नहीं है ।  

मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसे फैसले को लेकर जहां देश की जनता ने इसका दिल से स्वागत किया, तो वहीं विदेश में भी इस फैसले को लेकर मोदी सरकार को लोगों का काफी समर्थन मिला । बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया में रविवार को भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने धारा 370 हटाने को लेकर मोदी सरकार का काफी समर्थन किया । साथ ही कश्मीरी पंडितों के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया गया ।

जी हां हम बात कर रहे हैं मेलबर्न में जुटे लोगों की जिन्होंने रविवार को विक्टोरियन स्टेट पार्लियामेंट से फेडरेशन स्क्वायर तक कश्मीरी पंडितों के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया । वहीं बात अगर पाकिस्तान की करें तो धारा 370 हटने के बाद से इस वक्त पाकिस्तान को लगातार सब जगहों से मुंह की खानी पड़ रही है । जिससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है । इसी बौखलाहट के चलते पाकिस्तान लगातार भारत पर हमले कर रहा है ।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अब पाकिस्‍तान सोशल मीडिया के जरिये लोगों को भड़का रहा है। इसके साथ ही वह नगालैंड के उग्रवादियों तक अपनी पहुंच बना रहा है । बता दें मोदी सरकार ने कश्मीर से 5 अगस्त को धारा 370 हटाने का फैसला लिया । जिसको लेकर आम जनता का मोदी सरकार जहां समर्थन मिला तो वहीं विपक्ष ने जमकर हमला बोला ।  

शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देश की रक्षा करते हुए मोर्चे पर शहीद 122 जवानों के परिजन के सम्मान समारोह में सूरत पहुंचे । इस दौरान राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दे डाली । उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान अगर इसी तरह आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा और वह नहीं सुधरा तो उसके टुकड़े-टुकड़े होने से कोई भी नहीं रोक सकता । साथ ही उन्होंने कहा कि, अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के फैसले के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है ।

राजनाथ सिंह ने कहा कि, भारत के अल्पसंख्यक सुरक्षित थे, सुरक्षित हैं और सुरक्षित ही रहेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत लोगों को धर्म या जाति के आधार पर नहीं बांटता है । साथ ही उन्होंने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के कथन पर यकीन करने का इच्छुक नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि उसे आतंकवाद को रोकना होगा नहीं तो कोई भी उसके टुकड़े होने से नहीं रोक सकता । वहीं इमरान खान के एलओसी बयान को लेकर राजनाथ सिंह ने उन पर जमकर निशाना साधा । उन्होंने कहा कि, मैं इमरान से कहना चाहता हूं कि हमारे सैनिक भी एलओसी पार करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सैनिक वहां से किसी को वापस नहीं जाने देंगे।  

रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ रुख को दोहराया और कहा कि नई दिल्ली अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुद्दे पर इस्लामाबाद के साथ बातचीत करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, "मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता होती है, तो यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर ही होगी" ।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद बुधवार को पहली बार राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रेस कॉन्फेंस की। इस PC में राज्यपाल ने घाटी से जुड़ी जानकारियां दी। सत्यपाल मलिक ने बताया कि राज्य के लिए अब सरकार का पूरा फोकस विकास पर होगा और अगले 2-3 महीनों में 50 हजार नौकरिया दी जाएंगी।

उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद किसी की जान नहीं गई। कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है, केवल कुछ हिंसक घायल हुए हैं, उनको भी कमर से नीचे की चोटें आई हैं। हमारे लिए हर कश्मीरी की जान कीमती है।

मलिक ने कहा, “राज्य में विकास के रास्ते खुले हैं। हमारा उद्देश्य ये है कि हम यहां इतना काम करें कि लोग कहें की ये हमारे फायदे के लिए था। मैं आश्वस्त करता हूं कि अगले 6 महीने में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में इतना काम होगा कि कब्जे वाला जो कश्मीर है, वहां के लोग कहेंगे कि हम उनके जैसा होना चाहते हैं।

गर्वनर ने कहा, 'फोन, इंटरनेट आतंकियों के काम आते हैं। ये उनके लिए हथियार हैं। फोन, इंटरनेट से अफवाह फैलती है। राज्य में हालात सामान्य है। कश्मीर के लिए एक-दो दिन में बड़े ऐलान होंगे। हम कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों (कश्मीर के) में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी खोल रहे हैं, जल्द ही हम अन्य जिलों में भी कनेक्टिविटी खोलेंगे।'

साथ ही उन्होने कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के बाद कड़े प्रतिबंध आम नागरिकों की जान बचाने के लिए लगाए गए। राज्यपाल ने स्वीकार किया कि घाटी में प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, उन्होंने कहा कि लोगों को चोट न पहुंचे, इसके लिए अत्यंत सावधानी बरती गई। राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखा जाएगा।

वहीं नेताओं की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं की हिरासत पर दुखी न हों, यह उनके राजनीतिक करियर में मदद करेगी। जो जितना जेल में रहेगा वो उतना बड़ा नेता बनेगा।

गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर में हैं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी को छावनी में तब्दील कर दिया है। गृहमंत्री के रूप में शाह का राज्य में यह पहला दौरा है। तीन दशक में पहली बार ऐसा हुआ है कि अलगाववादियों ने घाटी में गृहमंत्री के दौरे के दौरान बंद नहीं बुलाया।

शाह राज्य के पार्टी नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा अमरनाथ तीर्थ पर भी जाएंगे। उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में शाह ने सभी एजेंसियों से कहा कि वह उपद्रवियों और आतंकियों के खिलाफ अपने कठोर दृष्टिकोण को बनाए रखें। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि वह एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को हिंसा मुक्त सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।

गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आतंरिक सुरक्षा) एपी माहेश्वरी ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मामले में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। हर हालत में एसओपी का पालन किया जाना चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करें।

दिलचस्प बात यह है कि सैयद अली शाह गिलानी और मिरवाइज अमर फारूक के नेतृत्व वाली हुर्रियत कांफ्रेस ने बुधवार को घाटी में बंद नहीं बुलाया। वहीं किसी भी अलगाववादी नेता ने कोई बयान जारी नहीं किया। ' टाइम्स ऑफ इंडियी का रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन दशकों के दौरान अलगाववादी संगठन ने घाटी में तब-तब बंद बुलाया है जब केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि दौरे पर कश्मीर आया है। 

ज्वाइंट रेसिसटेंस लीडरशिप गिलानी, मिरवाइज और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया यासिन मलिक का एक संयुक्त संगठन है। इस संगठन ने तीन फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घाटी दौरे के दौरान पूरी तरह से बंद बुलाया था। इस संयुक्त संगठन ने 10 सितंबर, 2017 को उस समय हड़ताल का आह्वान किया था। जब तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर दौरे पर आए थे। हालांकि बुधवार को सभी अलगाववादी संगठन चुप्पी साधे रहे।

जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस चेकिंग के दौरान 8 किलो हिरोइन पुलिस ने दब्त किया है। जिस पर पाकिस्तान का मुहर लगा मिला। हिरोइन की कीमत कड़ोरों में बताई जा रही है। दरअसल 20/21 जून की रात को जखानी चौक के पास पुलिस गश्त कर रही थी। उधमपुर के एसएसपी राजीव पांडे ने बताया “गश्त  के दौरान दो कश्मीरी जिसकी पहचान   सिराज अहमद और जावेद अहमद के रूप में हुई है Tata Sumo गाड़ी से गुजर रहा था। गश्त कर कर रही पुलिस ने गाड़ी को रोका और चैकिंग करना शुरु कर दिया। चैक कर रहे इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने गाड़ी से पाकिस्तान का मोहर लगा हिरोइन बरामद किया। हिरोइन को जब्त कर लिया गया है और दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों नारकोटिक महसुमार काजिकुंड जिला कुलगाम का रहने वाला है”।

आपको बता दें की कश्मीर में और भी हिरोइन  मिलने की संभावना जताई जा रही है। जिसकी कीमत करोड़ों में हो सकती है।

 

जम्मू-कश्मीर में लगातार कार्रवाई से बौखलाए आतंकियों ने मंगलवार की शाम दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में पुलवामा पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमला किया। इसमें आठ नागरिक घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर है। घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर सर्च आपरेशन चलाया गया। 

मंगलवार की शाम को आतंकियों ने थाने को निशाना बनाकर ग्रेनेड दागा। ग्रेनेड सड़क पर गिरकर फट गया। इससे वहां से गुजर रहे आठ नागरिक घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर इलाके में भगदड़ मच गई। तत्काल घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया। यहां चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें श्रीनगर रेफर कर दिया गया। 

बीच दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षा बलों की ओर से लगातार आपरेशन चलाया जा रहा है जिसमें कई आतंकी मारे जा चुके हैं। इससे आतंकी संगठनों में बौखलाहट मच गई है।

आपको बता दें कि इसी के चलते सोमवार को भी आतंकियों ने पुलवामा में सेना के पेट्रोलिंग वाहन को IID विस्फोट से उड़ाने की कोशिश की थी। 

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में 24 घंटे में दूसरी बार आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर शुरु हो गया है। सुरक्षाबलों ने वघामा इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराया। इस दौरान एक जवान भी शहीद हो गए हैं।

आपको बता दें कि सुरक्षाबलों की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है।

हमने पूरे इलाके को घेर रखा है। मंगलवार सुबह हमें दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी, तभी से ये ओपरेशन चलाया जा रहा है।

इससे पहले अनंतनाग में सोमवार को आतंकवादियों से मुठभेड़ में सेना के एक मेजर शहीद हुए थे और एक आतंकवादी को भी मार गिराया गया था। मुठभेड़ में एक मेजर समेत तीन सैनिक घायल हो गए थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अनंतनाग के बिदूरा गांव मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गया था और उनके शव को बरामद कर लिया गया था।

राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और राज्य पुलिसकर्मियों के विशेष अभियान समूह (SOG) ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद अचबल क्षेत्र के बिदूरा गांव की घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मुठभेड़ शुरू हो गई। मारे गए आतंकियों के शव को बरामद कर लिया गया है और उसकी पहचान की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों को मिल रहे स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस (SCA) की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर को भी मदद देने की वकालत की है। मलिक ने कहा कि इससे आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में भारी मदद मिलेगी। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले जम्मू-कश्मीर राज्य को सभी प्रकार के सहयोग करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया।

नीति आयोग की बैठक में उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों का समान विकास सरकार के लिए प्राथमिक कार्य है। जम्मू और श्रीनगर में एलिवेटेड हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और दो सेटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। वर्ष 2021 तक पूरे राज्य में 100 प्रतिशत पाइप से पेयजल आपूर्ति के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया है।

यह जम्मू-कश्मीर को देश का पहला राज्य बना देगा जिसमें 100 प्रतिशत पाइप के जरिये जलापूर्ति होगी। इस साल के अंत में पहली बार निवेश शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। इसके लिए दो विश्व स्तरीय आईटी पार्क स्थापित करने की तैयारी जोरों पर है।

दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को आतंकियों के हमले में CRPF के पांच जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने CRPF की पेट्रोलिंग पार्टी पर पहले अंधाधुंध गोलियां बरसाईं फिर ग्रेनेड हमला किया। हमले में अनंतनाग के SHO भी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद एक महिला को भी चोट पहुंची है। जवाबी कार्रवाई में एक पाकिस्तानी हमलावर आतंकी मारा गया। घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन अल उमर मुजाहिदीन ने ली है। हालांकि, कहा जा रहा है कि इसमें जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है।

घटना व्यस्ततम खन्नाबल-पहलगाम रोड पर अनंतनाग बस स्टेशन से एक किलोमीटर दूर महिला कालेज के पास की है। बताते हैं कि मोटरसाइकिल सवार दो आतंकियों ने वहां पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। इससे मौके पर ही एक जवान की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य घायल हो गए। CRPF 116 बटालियन तथा पुलिस की संयुक्त पिकेट भी वहां तैनात रहती है। 

गोलियों की आवाज सुनकर SHO तथा डिवीजनल अफसर रक्षक वाहन से वहां पहुंचे तो आतंकियों ने दोनों गाड़ियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड दागे। SHO की गाड़ी से टकराकर ग्रेनेड फट गया, जिसमें SHO अरशद खान घायल हो गए। डिवीजनल अफसर की गाड़ी को निशाना बनाकर दागा गया ग्रेनेड नहीं फटा। घटना के बाद एक आतंकी मौके से भाग निकला। 

सूत्रों के अनुसार, हमले में घायल जवानों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां पांच ने दम तोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार, हमले में एएसआई रमेश कुमार ( झज्जर, हरियाणा), निरोद शर्मा (नलबारी, असम), कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार (मुजफ्फर नगर, उत्तर प्रदेश), महेश कुमार कुशवाहा (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) व संदीप यादव (देवास, मध्य प्रदेश) शहीद हो गए। घायलों में SRPF के हेड कांस्टेबल राजेंदर, कांस्टेबल प्रेमचंद्र कौशिक, कांस्टेबल केदार नाथ ओझा शामिल हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। SHO को गंभीर अवस्था में सेना के श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल में ले जाया गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। इलाके में व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के पहले अनंतनाग में हुए हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इसी रास्ते से होकर अमरनाथ यात्री पहलगाम जाते हैं। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता अधिक है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नाके लगाकर जगह-जगह चेकिंग की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों की ओर से बस स्टैंड के आस-पास सुरक्षा बलों पर हमले का इनपुट पहले ही दिया गया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा महबूबा मुफ्ती ने हमले की कड़ी निंदा की है। दोनों ने शहीदों के परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि इस प्रकार के बर्बरतापूर्ण हमले की जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 
 

14 फरवरी 2019 : दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में CRPF की कानवाय पर फिदायीन हमला, 40 जवान शहीद।


30 मार्च 2019 : जम्मू संभाग के बनिहाल के पास जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर CPRF की कानवाय पर फिदायीन हमले की कोशिश, नुकसान नहीं।

 

सत्यपाल मलिक ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया गया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की योजना बना रही थी। इस बारे में गृह मंत्रालय से कोई पुष्टि नहीं हुई है। राज्य में परिसीमन एक अफवाह है।    

पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश के ऱाज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए को लेकर फिक्र करने की जरूरत नहीं है। “राज्य में जो चुनाव हमने करवाए वह अच्छे से हुए। विधानसभा चुनाव के लिए जो सुरक्षा चाहिए वह मिलेगी तो हम तैयार है”।

इस बीच मुख्य सचिव ने कहा कि “चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद विधानसभा चुनावों की घोषणा की जाएगी”।

राज्यपाल ने कहा कि कश्मीर में भ्रष्टाचार बाकी जगहों से ज्यादा है। उसकी वजह यह है कि जो सत्ताधारी थे वह खुद ऐसे काम में शामिल थे। बड़ी मछली कोई भी हो वह बचेगी नहीं और कश्मीर को भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा।

राज्य में भ्रष्टाचार के कुछ ऐसे मामले पाए गए हैं जिनमें पूर्व मंत्री तक शामिल रहे हैं। कुछ दिनों में इसका पता चल जाएगा। जेके बैंक पर हमने किसी भ्रष्टाचार के बुनियाद पर नहीं बल्कि आरबीआई के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की है।

पत्रकारों से उन्होंने कहा कि आगे आपको ऐसी चीजें देखने को मिलेंगी जो आपने सोची नहीं होंगी। जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है मैंने यहां आने के बाद दो ऐसे डील रद किए जिनमें 150-150 करोड़ का सौदा हुआ था। उसमें बहुत रसूखदार लोग शामिल थे।

 

मुझे प्रधानमंत्री को जाकर कहना पड़ा कि मैं यह डील कैंसिल कर रहा हूं। मैंने उनसे इजाजत ली और कहा कि मुझे यह कैंसल करनी होगी नहीं तो कागज पर अभी इस्तीफा दे दूंगा। मुझे किसी का डर नहीं और मैं पूरी सख्ती के साथ भ्रष्टाचार से लड़ूंगा।

 

सारे देश में दो परसेंट मांगते हैं, जबकि यहां 12 परसेंट मांगते हैं। इसलिए यहां कोई इन्वेस्ट नहीं करता। एक-एक फाइल को एक टेबल से दूसरे टेबल तक जाने में महीनों लग जाते हैं।

उदाहरण देते हुए एक एसआरओ के तहत जिन बच्चों के परिजन आतंकी कार्रवाई में मारे जाते हैं उन्हें नौकरी मिलती है। मुख्य सचिव की ओर से फाइल मेरे पा आ जाती है मैं साइन कर देता हूं। मुख्य सचिव द्वारा जारी ऑर्डर को पाने के लिए गरीब को एक लाख रुपया देना पड़ता है। अगर यहां की युवा पीढ़ी को यह यकीन दिलाया जा सके कि तुम्हारे हक पर किसी रसूखदार के बच्चे को तरजीह नहीं मिलेगी तो आधा आतंकवाद खुद खत्म हो जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद जून 2018 में महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई थी। 21 नवंबर 2018 को विधानसभा भंग कर दी गई। राज्यपाल शासन की अवधि भी 19 दिसंबर 2018 को समाप्त हो गयी थी। ये कयास लगाया जा रहा था कि 2019 कि शुरुआत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए फिर से बढ़ा दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट मीटिंग में कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का फैसला लिया। जम्मू-कश्मीर में 19 दिसम्बर 2018 से राष्ट्रपति शासन लागू है।


राष्ट्रपति शासन लागू हो जाने के बाद राज्यपाल की सारी विधायी शक्तियां संसद के पास होती हैं और कानून बनाने का भी अधिकार संसद के पास रहता है। नियमानुसार राष्ट्रपति शासन में बजट भी संसद मे ही पास होता है। राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल अपनी मर्जी से नीतिगत और संवैधानिक फैसले नहीं कर पाते हैं। इसके लिए उन्हें केंद्र से अनुमति लेनी होती है। 

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित केपी रोड पर आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गयी है। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी जारी है। 


इस मुठभेड़ में अबतक एक आतंकी मारा गया है। वहीं सीआरपीएफ के 3 जवान भी शहीद हो गए हैं। गोलीबारी में अनंतनाग पुलिस के एसएचओ और सीआरपीएफ के तीन जवानों को भी गोली लगी है। जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

पिछले साल की शुरुआत में पूरे देश को झकझोर देने वाली जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुई रेप और मर्डर की घटना पर आज फैसला सुनाया गया. 8 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले कुल सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इनमें से तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जिन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, उनमें सांझी राम, दीपक खजुरिया और परवेश शामिल हैं. इससे पहले पठानकोट की अदालत ने मुख्य आरोपी सांजी राम समेत अन्य 6 आरोपियों को दोषी करार दिया. सातवें आरोपी विशाल को बरी कर दिया गया है

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के काकापोरा के नरबल इलाके में बुधवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने स्वर्गीय मोहम्मद यूसुफ लोन की पत्नी नीलोफर खान के घर के अंदर घुस गए और उस पर गोलियां चला दीं। इस घटना में नीलोफर खान की मृत्यु हो गई। जबकि जलालुद्दीन भूफंडा के रूप में एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी।

उन्होंने कहा कि घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उसे विशेष उपचार के लिए श्रीनगर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

जम्मू कश्मीर पुलवामा और अवंतीपोरा सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पुलवामा में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है और वहां पे अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। अवंतीपोरा में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है। पुलवामा में मारे गए दोनों आतंकियों में से एक का नाम शौकत अहमद बताया जा रहा है।

पुलवामा और अवंतीपोरा में इस मुठभेड़ के बाद घाटी इंटरनेट की सेवाएं ठप कर दी गई है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में एक बार फिर आतंकी हमले का अलर्ट जारी है। ताजा जनकारी के मुताबिक अवंतीपोरा के पंजगाम गांव में आज सुबह आतंकवादियों की CRPF की 130 बटालियन, राष्ट्रीय राइफल्स के 55 और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के बीच मुठभेड़ हुई थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी लगातार घाटी में दहशत फैलाने के अपने मंसूबों को कामयाब करने में जुटे हैं। इसी खतरे को देखते हुए पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार की सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गया। इस मुठभेड़ में सेना ने 3 आतंकियो को मार गिराया। इस मुठभेड़ के दौरान एक जवान शहीद हो गया। इसके अलावा दो जवान और दो आम नागरिक घायल हैं। मारे गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी संगठन से ताल्लूक रखते थे। आपको बता दें कि इसके बाद से ही पुलवामा में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके अलावा श्रीनगर में इंटरनेट सेवाओं को भी ठप कर दिया गया है और श्रीनगर और बडगाम में स्कूलें बंद कर दी गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेना और एसओजी की संयुक्त टीम को दलीपोरा में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद गुरुवार तड़के दलीपोरा इलाके में घेराबंदी की गई। जैसे ही सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, तैसे ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों का सफाया कर दिया है, जबकि तीन जवान घायल हो गए। इनमें एक जवान शहीद हो गया है। बाकी दोनों जवानों को आर्मी बेस अस्पताल में एडमिट कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, पूरे पुलवामा में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और अलगाववादी समूहों को धन मुहैया कराने के मामले में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 22 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है। जिस पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला का बयान सामने आया है। उन्होंने यासिन मलिक की हिरासत पर अफसोस जताते हुए कहा कि उन पर जुल्म करने से घाटी में आग और भी भड़केगी।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां के तुर्कवनगम में आर्मी की पेट्रोलिंग पार्टी पर फायरिंग की गई है। इससे पहले कटरा में एक संदिग्ध को हथियारों के साथ महिला ने देखा था। इसके बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने किश्तवाड़ के मारवाह इलाके में जंगल से कुछ हथियार, ग्रेनेड को बरामद किया था। पुलिस का दावा था कि बरामद हथियार का इस्तेमाल पाकिस्तान सेना करती है। पुंछ जिले में पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर मोर्टार दागे। इस दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। बतादें पुंछ जिले में डेगवार और गुलपुर सेक्टरों में पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर मोर्टार से गोलाबारी और छोटे हथियारों से गोलीबारी कर संघर्ष विराम उल्लंघन किया। जबकि इससे पहले कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई नहीं की गयी थी।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बड़ी आतंकी साजिश नाकाम करते हुए तीन आतंकियों को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से हथियार बरामद हुए हैं। तीनों आतंकी जैश से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, रविवार को एक कार में तीन युवक जा रहे थे। सूत्रों से मिले इनपुट के आधार पर श्रीनगर के बाहरी इलाके के परिमपोरा नाके पर इन्हें रोका गया। तलाशी के बाद हथियार मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है। सेना की 2आरआर ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर परिमपोरा के पास लगे नाके पर मारुती-800 गाड़ी को जांच के लिए रोका। जिसमे जांच के दौरान जैश के तीन आतंकी शहिद भट, रईस हुर्राह, इशाक लोन को भारी गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इन आतंकियों के पास से कारतूस समेत कई विस्पोटक सामग्री बरामद हुई है। तीनों आतंकियों से गहन पूछताछ जारी है।

पुलवामा हमले के बाद से ही पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में पाक ने सीजफायर किया है। पाक गोलाबारी में सेना का 1 जवान शहीद और 3 जवान जख्मी। कल रात भी पाक  ने तेज गोलाबारी की थी जिसका जवाब भारत सेना मुंहतोड़ दे रही है।

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हाईवे के पास भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई है और 4 लोग घायल है सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में 2 महिलाएं है। आप को बता दे की ये दुर्घटना सुबह 10:30 के  करीब हई है। ये गाड़ी चंदरकोट से राजगढ़ जा रही थी गाड़ी। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी है।  

जन्नते वादी जम्मू-कश्मीर की घाटी में लंबे समय से चल रहे सक्रिय संगठन जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर के लोग नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के लगातार संपर्क में थे ताकि राज्य में अलगाववाद को बढ़ावा दे सकें। अधिकारियों के मुताबिक, जमात के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ गहरे रिश्ते थे। केंद्र सरकार ने हाल ही में संगठन पर प्रतिबंध लगाया है।

सत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि हुर्रियत कांफ्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी जमात-ए-इस्लामी के अहम सदस्य हैं। एक समय में प्रतिबंधित संगठन गिलानी को जम्मू-कश्मीर के अमीर-ए-जिहाद (जिहाद के प्रमुख) कहता था। जमात ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ गहरे ताल्लुकात बना लिए थे ताकि वह कश्मीरी युवाओं को हथियार उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण देने और शस्त्र आपूर्ति करा सके।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में एक बार फिर सुक्षाबालों और आंतकी के बीच बीती रात मुठभेड़ शुरू हो गया। लगातार रूक-रूक कर फायरिगं हो रही है। इस मुठभेड़ में दो आंतकी ढेर हो गये। सूत्रों से मीली जानकारी के अनुसार अभी दो से तीन आंतकीयों के छीपे होने की आशंका है। आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर छिप गए थे। सुरक्षाबलों ने घेरा सख्त रखा है। साथ ही तलाशी अभियान भी जारी रखा। जिसके बाद आज सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली। बता दें कि आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर त्राल के मीर मोहल्ला में 42 राष्ट्रीय राइफल्स, 180 बटालियन सीआरपीएफ तथा एसओजी ने घेराबंदी की। घेराबंदी सख्त होता देख मकान में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। 

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में तैनात मोदीनगर के विनोद कुमार शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की खबर गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। जनवरी में वे एक महीने की छुट्टी पर आए थे। उनकी शहादत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। शहीद के परिवार को सांत्वना देने के लिए आरएलडी नेता अजित सिंह और केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह भी पहुंचे। इस घटना की सूचना के बाद पूरा क्षेत्र गमगीन है और गांव में शहीद के घर लोगों की भीड़ जुटी हुई है।

जम्मु-कश्मीर के पुलवामा हमले के बाद भी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बड़ता ही चला गाया।  विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी के बाद भी बावजूद सीमा पर पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्‍लंघन कर रहा है। इसी बीच आतंकी संगठनों की मदद के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की खतरनाक साजिश सामने आई है।

पाक आर्मी और ISI एक बार फिर जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों के राशन स्टॉक में जहर मिलवाने का प्लान तैयार किया है।

जहर मिलाने के लिए पाक की ISI इसके लिए कश्मीर में मौजूद अपने अभिकर्ता का इस्तेमाल कर सकता है। खुफिया रिपोर्ट आने के बाद कश्मीर में सुरक्षा के लिए तैनात सभी फोर्सेज को अलर्ट कर दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा क्षेत्र में एक बार फिर आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच देर रात हुआ मुठभेड़। सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया।

घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी जिससे लगभग डेढ़ बजे रात मुठभेड़ शुरू हो गई। 22 राष्ट्रीय राइफल्स, 92 बटालियन सीआरपीएफ तथा एसओजी ने पूरे इलाके को घेर रखा है ताकि घिरे आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न निकलें। वहीं बुधवार सुबह दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने जैश के दो आतंकियों को मार गिराया। इनमें एक पाकिस्तानी आतंकी था। इनसे हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं।

पुलवामा में आतंकी हमले का भारत ने जवाब दे दिया है। इससे पाकिस्तान सकते में है और दूसरे देशों को यह बताने की कोशिश कर रहा है कि भारत ने उसकी संप्रभुता पर हमला किया है। पाकिस्तान की बौखलाहट को देखते हुए चीन ने उसे संयम बरतने को कहा है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने हिदायत दी है कि पाकिस्तान को खुद आतंकियों पर काबू पाना चाहिए। लेकिन फ्रांस ने दो कदम आगे बढ़ते हुए भारत की कार्रवाई का समर्थन किया है।

फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस भारत के साथ खड़ा है चाहे यह लड़ाई किसी भी रूप में लड़ी जा रही हो। आतंकवादियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और उनका आर्थिक सहयोग करने वालों की जड़ें काट दी जानी चाहिए।

यूपी ATS ने सहारनपुर जिले से जैश के दो आतंकी गिरफ्तार किए हैं। इनमें एक आतंकी शाहनवाज अहमद तेली और आकिब मलिक को गिरफ्तार किया है। ये दोनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाला है। दोनों के पास से एक- एक पिस्टल और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए है। वहीं दोनों के मोबाइल फोन से जिहादी चैट, वीडियो और कुछ फोटो प्राप्त हुए हैं। फिलहाल टीम मोबाइल के चैट बॉक्स और वीडियो को खंगाल रही है। 

ताजा अपडेट यह मिल रहा है कि गिरफ्तार दोनों आतंकियों को सहारनपुर पुलिस लाइन से कोर्ट में पेश किया गया। वहां से दोनों आतंकियों को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ भेजा गया।एटीएस की टीम दोनों आतंकियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई है।

लखनऊ में डीजीपी ने प्रेस कॉन्प्रेंस में बताया कि कल मिली जानकारी के आधार पर दो संदिग्ध आतंकियों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं और यह दोनों कश्मीर के रहने वाले हैं। शहनवाज, कुलगम का और आकिब पुलवामा का निवासी है।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने जवानों की सुरक्षा को देखते हुए  गुरुवार को बड़ा एलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब जवानों को हवाई जहाज से आने-जाने की सुविधा मिलेगी। गृह मंत्रालय ने के सभी CRPF  के जवानों को दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू क्षेत्रों में हवाई यात्रा की मंजूरी दी है। 

सरकार के इस एलान के बाद 7 लाख 80 हजार जवानों को इसका फायदा मिलेगा। इसमें कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और एएसआई को भी शामिल किया गया है। बता दें पहले इन्हें इस सुविधा से बाहर रखा गया था। अब जवानों को श्रीनगर से छुट्टी पर जाने और छुट्टी से लौटने पर भी हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। 

गौरतलब है कि पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले के तुरंत बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए पाक से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएनएफ) का दर्जा वापस लेने का एलान किया, जो पाकिस्तान को 1996 में मिला था।

गुरुवार को पुलवामा आतंकी हमले को लेकर आज CCS  कि बैठक बुलाई गयी थी। बैठक मे दो अहम फैसले लिए गए, पहला पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्ज़ा वापिस ले लिया गया है और दूसरा सेना को आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पूरी छूट दे दी गई है।

CCS कि बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा “अपने सैनिको के इस शौर्य पर उनकी बहादुरी पर पूरा भरोसा है। देश भक्ति के रंग मे रंगे लोग सही जानकारी हमारी ऐजेंसियों तक पहुंचाएंगे ताकि आतंक को कुचलने मे ताक़त मिल सके।“

उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन और उनके सरप्रस्तों को कहना चाहता हूँ कि वे बहुत बड़ी ग़लती कर चुके हैं, उनको बहुत बड़ी क़ीमत चुकानी होगी, जिस का भी इस घटना के पीछे हाथ है वो बख्शा नहीं जाएगा। मैं देश वासियों को इस बात का भरोसा देता हूँ।

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