Wednesday, February 1, 2023
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त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ेगा मोथा, सभी पार्टियों में उम्मीदवारों का चयन जारी

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अगरतला, 24 जनवरी (वार्ता)- सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी(भाजपा), विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने या सीटों के बंटवारे के विकल्पों के साथ आगे बढ़ने की संभावना से इनकार करते हुए शाही वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मन के टिपरा मोथा ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ेंगे। प्रद्योत ने कहा,“मैं बार-बार अपने रुख को दोहराता रहा हूं – जब तक हमें ग्रेटर टिपरालैंड की लिखित प्रतिबद्धता नहीं मिलती है, टिपरा मोथा किसी भी पार्टी के साथ नहीं जाएगा। अभी तक किसी भी पार्टी ने लिखित में नहीं दिया है, हालांकि कांग्रेस और माकपा ने राज्य के मूल निवासियों की समस्याओं के संवैधानिक समाधान के विचार का समर्थन किया लेकिन हम अभी किसी भी पार्टी के साथ नहीं जाएंगे।”

त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ेगा मोथा, सभी पार्टियों में उम्मीदवारों का चयन जारी

उन्होंने कहा,“ भाजपा ने टिपरा को अपने साथ ले जाने के लिए उन्हें धन, सत्ता, पद और कई अन्य चीजों की पेशकश करते हुए राजी करने की कोशिश भी की है। पिछले कुछ महीनों में नेताओं के विभिन्न स्तरों के साथ कई दौर की वार्ता हुई लेकिन वे लिखित में ग्रेटर टिपरालैंड की मांग का समर्थन करने के लिए सहमत नहीं हुए। इसलिए हमारी पार्टी कुछ दिनों में 60 सदस्यीय विधानसभा की कम से कम 50 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।” प्रद्योत ने कहा,“मैं सिर्फ चुनाव जीतने और सत्ता के गलियारे में चलने के लिए स्वदेशी लोगों से समझौता या विश्वासघात नहीं करूंगा। हम जानते हैं कि हमारी मांग कानूनी और संवैधानिक है लेकिन केंद्र सरकार को स्वदेशी समुदायों की समस्या का समाधान करना है, जिसका वे दशकों से सामना कर रहे हैं।”
उन्होंने अपने कैडरों को चेतावनी दी, “मेरी पार्टी के कुछ लोग चाहते हैं कि हमें गठबंधन के लिए जाना चाहिए क्योंकि हमें कुछ पेशकश की गई थी। मैं यहां ‘कुछ’ के लिए नहीं आया हूं क्योंकि पिछले 72 वर्षों से वंचित कई गरीब लोग इस उम्मीद के साथ जी रहे हैं कि मैं उन्हें कुछ दूंगा। मैं यहां संवैधानिक समाधान के लिए आया हूं। आज हम भूमिहीन हैं और अपनी जमीन बचाने के लिए हमें संवैधानिक अधिकारों की जरूरत है।” इस बीच, माकपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे का सौदा अभी तक तय नहीं हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा पार्टी हाईकमान की मंजूरी के लिए 23 सीटों पर अपने संभावित उम्मीदवारों की सूची के साथ दिल्ली रवाना हो गए। अभी तक माकपा 60 सदस्यीय सदन में 12 सीटें साझा करने पर सहमत हो गई है, लेकिन कांग्रेस कम से कम 23 सीटों की अपनी मांग पर अड़ी है। दिल्ली रवाना होने से पूर्व सिन्हा ने कहा,“हम जीतने की संभावना के आधार पर और भाजपा को हराने की रणनीति के तहत सीटें चाहते हैं।

आज हम भूमिहीन हैं और अपनी जमीन बचाने के लिए हमें संवैधानिक अधिकारों की जरूरत है।”

जब हम भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करने की बात कर रहे हैं तो सभी हितधारकों को मतदाताओं की भावनाओं को समझना चाहिए। मुझे हालांकि, उम्मीद है कि हम जल्द ही सीटों के बंटवारे को लेकर एक सौहार्दपूर्ण समाधान पर पहुंचेंगे।” सत्तारूढ़ भाजपा ने अभी तक उम्मीदवारों के निर्वाचन क्षेत्रवार प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया है। करीब 20 सीटों पर प्रत्याशी के नाम तय करने के लिए पार्टी के नेता नहीं आ सके हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री माणिक साहा, उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य के साथ प्रभारी डॉ महेश शर्मा और चुनाव पर्यवेक्षक डॉ महेंद्र सिंह भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में शामिल होने के लिए बुधवार को दिल्ली जाएंगे।
भाजपा अध्यक्ष भट्टाचार्य ने कहा,“हम उम्मीदवारों के प्रस्तावित नाम को बोर्ड के समक्ष रखेंगे जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा की अध्यक्षता में अन्य शीर्ष नेता चुनावी त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के लिए उम्मीदवार को अंतिम रूप देंगे। इसकी घोषणा दिल्ली में बैठक के तुरंत बाद की जाएगी।”
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