मां दुर्गा पूरी करेगी हर मनोकामना, नवरात्र पर करें इन मंत्रों का जाप

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-नीलम रावत, संवाददाता

 

17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही है. नवरात्रि के 9 दिन में भक्तजन देवी दुर्गा के नौ स्वरुपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि के मौके पर मां के भक्त माता रानी कि कृपा पाने के लिए नौ दिनों तक फलाहारी व्रत करते हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, यदि नवरात्रि के दौरान भक्त मां नव दुर्गा के नौ स्वरूपों के हिसाब से अलग-अलग दिन अलग-अलग मंत्रों का जाप करें तो माता रानी उनकी सभी इच्छाएं पूर्ण करती हैं.

 

शैलपुत्री-

 

 

नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा होती है. माता शैलपुत्री धन-धान्य-ऐश्वर्य, सौभाग्य-आरोग्य तथा मोक्ष की देवी मानी जाती हैं . माता शैलपुत्री का मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:

 

ब्रह्मचारिणी-

 

 

मां ब्रह्मचारिणी संयम, तप, वैराग्य की देवी मानी जाती हैं. उनका मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:

 

चन्द्रघंटा-

 

 

माता चन्द्रघंटा की पूजा से दुखों, कष्टों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष प्राप्ति होती है. इनका मंत्र है-  ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघंटायै नम:

 

कूष्मांडा-

 

 

माता कूष्मांडा रोग, दोष, शोक का नाश करने वाली है. मां यश, बल व आयु की वृद्धि करनी वाली देवी हैं. इनका मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नम:

 

स्कंदमाता-

 

 

माता स्कंदमाता सुख-शांति व मोक्ष प्रदान करने वाली हैं. इनका मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमातायै नम:.

 

कात्यायनी

 

 

माता कात्यायनी भय, रोग, शोक-संतापों से मुक्ति दिलाने वाली हैं. इनका मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कात्यायनायै नम:

 

कालरात्रि

 

 

माता कालरात्रि शत्रुओं का नाश, बाधा दूर कर सुख-शांति प्रदान कर मोक्ष देने वाली मानी जाती हैं. इनका मंत्र है- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:

 

महागौरी-

 

 

माता महागौरी की पूजा साधक अलौकिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए करते हैं. इनका मंत्र है – ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:

 

सिद्धिदात्री-

 

 

नवरात्रि के आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती हैं. माता सिद्धिदात्री सभी सिद्धियां प्रदान करने वाली मानी जाती हैं . इनका मंत्र है – ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्यै नम:

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