निठारी कांड: 12वें मामले में भी सुरेंद्र कोली को फांसी, दूसरा आरोपी पंढेर बरी

Nithari scandal

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

2006 का निठारी कांड (Nithari scandal) शायद ही कोई भूला होगा। नोएडा का बहुचर्चित मामला जिसमें एक घर के पीछे से कई बच्चों के नर कंकाल बरामद हुए थे। जिससे पूरा देश हिल गया था। इसमें कई मामलों में आरोपी को सजा सुनाई जा चुकी है। अब एक और यानी इसी कांड के 12वें मामले में भी अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने निठारी कांड में 319 दिन की सुनवाई के बाद युवती से दुष्कर्म और हत्या के केस में दोषी करार दिए गए नौकर सुरेंद्र कोली को शनिवार को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

 

 

निठारी कांड में कुल 17 मामले हुए थे दर्ज

 

Nithari scandal

 

 

सजा सुनाए जाने के बाद वापस जेल ले जाते समय सुरेंद्र कोली ने सुरक्षा कर्मियों से कहा कि मेरे नसीब में फांसी ही है। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह (Nithari scandal) की अदालत में सुबह 11 बजे डासना जेल से सुरेंद्र कोली को पेश किया गया। सजा पर बहस के बाद विशेष अदालत ने युवती को अगवा कर दरिंदगी और हत्या के मामले में दोष सिद्ध सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जे.पी. शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को अदालत ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया था। निठारी कांड में कुल 17 मामले दर्ज हैं। विशेष अदालत से इसमें 12 मामले में फैसला सुनाया गया है। सभी मामलों में अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है।

 

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मोनिंदर सिंह पंढेर को सबूतों के अभाव में किया बरी

 

गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आरोपी सुरेंद्र कोली को दोषी करार दिया था, जबकि मोनिंदर सिंह पंढेर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। विशेष अदालत में (Nithari scandal) निठारी कांड से जुड़ा यह 12वां मामला है। इस मामले में कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंद्र कोली पर निठारी की युवती का अपहरण करने के बाद कोठी में दुष्कर्म कर हत्या और शव को छुपाने का आरोप था। सीबीआई ने बच्चियों के लापता होने और हत्या कर शव छुपाने के मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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