क्या दिवालियापन के कगार पर पहुंच गया 9 अरब डॉलर का स्टार्टअप OYO?

 

हैदराबाद स्थित एक होटल मालिक ने ओयो की सब्सिडियरी कंपनी के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया को लेकर याचिका दायर की है. NCLT ने इस अर्जी को स्वीकार कर लिया जिसके बाद मामला गर्मा गया है. यह अर्जी ओयो की सब्सिडियरी कंपनी ओयो होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड (Oyo Hotels and Homes Pvt Ltd.) के खिलाफ है.

 

हैदराबाद स्थित Conclave Infratech होटल को ओयो रूम्स की तरफ से मैनेज किया जा रहा है. इस होटल के मालिक राकेश यादव ने अपने बकाए को लेकर अहमदाबाद स्थित NCLT में अर्जी दाखिल की थी जिसे 30 मार्च 2021 को मंजूरी मिल गई. यह मामला 16 लाख रुपए के बकाए से संबंधित है. NCLT ने इस बकाए को लेकर सब्सिडियरी कंपनी OHHPL के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है.

 

 

ओयो की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उसने NCLT के फैसले को चुनौती दी है क्योंकि यह मामला कॉन्ट्रैक्ट संबंधी है. ओयो के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि NCLT ने इस मामले को कैसे स्वीकार कर लिया,

 

 

ओयो की तरफ से कहा गया कि शिकायतकर्ता को पहले ही इस राशि की भुगतान की जा चुकी है. 15 अप्रैल तक ओयो की तरफ से इसको लेकर प्रूफ जारी किया जाएगा.NCLT के खिलाफ ओयो रूम्स ने NCLAT का दरवाजा खटखटाया है. कंपनी ने किसी तरह की संभावनाओं पर विराम लगाते हुए यह भी कहा कि ऐसे मामले पहले भी होते रहे हैं. फरवरी 2020 में फ्लिपकार्ट के साथ भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था. उसमें भी NCLT के फैसले को NCLAT ने अलग कर दिया था.

 

 

ओयो रूम्स ने कोरोना से पहले 2019 में बड़े पैमाने पर अपने बिजनेस मॉडल को कॉन्सोलिडेट किया था. कॉन्सोलिडेशन प्रोग्राम के तहत उसने 2019 के अंत में भारत में 12 हजार में से 20 फीसदी स्टॉफ को निकाल दिया था. उसी तरह चीन में 12 हजार में से 5 फीसदी कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके अलावा 200 शहरों से इसने अपने कारोबार को समेट लेने का फैसला किया था.

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