26/11 के मुंबई हमले के 11 गुनहगारों की पाकिस्तान ने माना आतंकी

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-अक्षत सरोत्री

 

पकिस्तान पर भारत का अक्सर दबाब रहता है की वो अपनी जमीन का प्रयोग आतंकियों को देने से मना करे। लेकिन पाकिस्तान है की जो मर्जी हो जाए लेकिन कोरा झूठ बोल देगा लेकिन मानेगा नहीं। लेकिन इस बार भारत के अंतर्राष्ट्रीय दवाब के आगे इमरान सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने मोस्ट वॉन्टेड की नई सूची में मुंबई हमले में शामिल 11 आतंकियों के नाम को दर्ज किया है। इतना ही नहीं, इन आतंकियों के ठिकाने को बताने पर इनाम का भी ऐलान किया है। 26 नवंबर 2008 को लश्कर ए तैयबा के आतंकियों ने मुंबई में कई स्थानों पर हमले किए थे। इस आतंकी हमले में कई विदेशियों सहित करीब 155 लोगों की मौत हो गई थी।

 

अभी एफटीएफ ने डाला है ग्रे लिस्ट में

 

 

 

अभी पिछले महीने ही पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने पर ग्रे लिस्ट में ही रखने पर सहमति बनी थी। इतना ही नहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ इमरान खान ने मोर्चा खोलकर आतंकवाद के खिलाफ अपने स्टैंड को साफ कर दिया है। पाकिस्तान खुद को कैसे भी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से खुद को बाहर निकालना चाहता है। लेकिन, इसके लिए उसे आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसी कारण पाकिस्तान ने संभवत दिखावे के खातिर इन आतंकवादियों को मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में डाला है।

 

यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा पाकिस्तान को

 

 

 

 

अगर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बना रहता है तो उसकी आर्थिक स्थिति का और बेड़ा गर्क होना तय है। पाकिस्तान को अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ), विश्‍व बैंक और यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। पहले से ही कंगाली के हाल में जी रहे पाकिस्तान की हालात और खराब हो जाएगी। दूसरे देशों से भी पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिलना बंद हो सकता है। क्योंकि, कोई भी देश आर्थिक रूप से अस्थिर देश में निवेश करना नहीं चाहता है।

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