पाकिस्तान के मशहूर पर्वतारोही मुहम्मद अली सादपारा की ट्रेकिंग के दौरान मौत

Pakistan famous mountaineer

 

-अक्षत सरोत्री

 

आजकल पाकिस्तान के हालत हर जगह से खराब चल रहे हैं। कभी पडोसी देश से बेइज्जत होते हैं तो कभी साथी देश हाथ छोड़ जाते हैं। तो कभी दुश्मन देश से बुरा भला (Pakistan famous mountaineer) सुनना पड़ता है। अब एक बड़ी घटना पाकिस्तान में हुई है। दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी ‘के2’ फतह करने की कोशिश के दौरान इस महीने की शुरूआत में लापता हुए पाकिस्तान के जाने-माने पर्वतारोही मुहम्मद अली सादपारा और दो अन्य पर्वतारोहियों को बृहस्पतिवार को मृत घोषित कर दिया गया।

 

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‘के2’ हिमालय पर्वतमाला के काराकोरम रेंज में है स्थित

 

 

‘के2’ हिमालय पर्वतमाला के (Pakistan famous mountaineer) काराकोरम रेंज में स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 8,611 मीटर है। गिलगित-बाल्टिस्तान के पर्यटन मंत्री राजा नासिर अली खान ने बृहस्पतिवार को मीडिया से कहा कि के2 की विषम मौसमी परिस्थितियों पर गौर करते हुए बचाव टीम एवं अन्य हितधारक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सादपारा तथा उनके साथियों की मौत हो गई है।

 

 

स्थानीय मंत्री ने की इनाम की घोषणा

 

 

मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार राष्ट्रीय नायक अली सादपारा (Pakistan famous mountaineer) की सेवाओं का नमन करती है। उन्हें उनके बेटे साजिद सादपारा के साथ नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अली सादपारा के नाम से एक पर्वतारोहण स्कूल भी खोला जाएगा। ’’ अली सादपारा के बेटे साजिद सादपारा भी के2 के लिए अपने पिता के साथ रवाना हुए थे लेकिन तबियत बिगड़ने पर वह बीच रास्ते से ही लौट आए थे। साजिद ने कहा कि उनके पिता ने दुर्घटना का शिकार होने से पहले पर्वत चोटी के2 को फतह कर लिया था।

 

लड़ाकू विमान भी रहे नाकाम

 

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने तीनों लापता पर्वतारोहियों (Pakistan famous mountaineer) का पता लगाने के लिए हेलीकाप्टर और एफ-16 लड़ाकू विमानों तक की मदद ली, लेकिन वे उनका पता लगाने में नाकाम रहे। गौरतलब है कि के2 दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है, लेकिन उस पर पर्वतारेहण करना सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की तुलना में कहीं मुश्किल है।

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