पाकिस्तान की एंटी टेरिरिज्म कोर्ट का फैसला, हाफिज सईद साढ़े 10 साल तक रहेगा जेल में

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-अक्षत सरोत्री

 

26/11 के बड़े गुन्हेगार हाफिज सईद को पाकिस्तान कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला पाकिस्तान की एंटी टेरिरिज्म कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने सईद को टेरर फंडिंग से जुड़े दो मामलों में सजा सुनाई। सईद के साथ जफर इकबाल, याहया मुजाहिद और अब्दुल रहमान मक्की भी शामिल हैं। हाफिज सईद को जुलाई 2019 में गिरफ्तार किया गया था। सीटीडी ने जमात-उद-दावा के नेताओं के खिलाफ कुल 41 मामले दर्ज किए हैं, सईद पर आतंक वित्तपोषण, धनशोधन, अवैध रूप से जमीन हड़पने के मामले चल रहे हैं।

 

जमात-उद-दावा के 3 बड़े नेताओं को जेल की सजा सुनाई थी

 

 

 

 

इससे पहले एंटी टेरिरिज्म कोर्ट ने कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के करीबी और जमात-उद-दावा के 3 बड़े नेताओं को जेल की सजा सुनाई थी। लाहौर के प्रोफेसर मलिक जफर इकबाल और शेखपुरा के अब्दुल सलाम को 16-16 साल की जेल की सजा सुनाई थी। दोनों को कई अलग-अलग मामलों में 16-16 साल की जेल की सजा मिली है। हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। पाकिस्तान में वो जमात-उद-दावा नामक संगठन चलाता है। सईद 2008 में मुंबई में हुए बम धमाकों का मास्टरमाइंड है।

 

इंटरपोल कर चुकी पहले रेड कॉर्नर वारंट इशू

 

 

 

भारत को लंबे वक्त से हाफिज सईद की तलाश है। अमेरिका ने सईद के सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था। भारत के कहने पर इंटरपोल ने हाफिज सईद के खिलाफ 25 अगस्त 2009 को रोड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, लेकिन वो पाकिस्तान में खुलेआम घूमता दिखाई देता था। 2017 की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार ने जमात-उद-दावा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

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