पापमोचिनी एकादशी 2021: कल है पापमोचिनी एकादशी का व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि…

करिश्मा राय

 

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत की बहुत महत्व है. साल भर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं जिनमें से पापमोचिनी एकादशी विशेष होती है. पापमोचिनी एकादशी को पापों का नाश करने वाला बताया जाता है. एकादशी का व्रत मां लक्ष्मी के पति भगवान विष्णु  को समर्पित है. इस साल पापमोचिनी एकादशी व्रत कल यानी की 7 अप्रैल को है. इस व्रत की महत्ता अन्य एकादशी तिथियों से ज्यादा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ पापमोचिनी एकादशी का व्रत करता है उसके सभी पाप कट जाते हैं.

 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार

खुद भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत की महिमा बताई थी. पद्मपुराण में इस बात का जिक्र मिलता है कि पापमोचिनी एकादशी व्रत को करने से यश, धन, वैभव और सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है. इस व्रत का फल तपस्या के बराबर माना जाता है. आइए जानते हैं पापमोचिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि और इस दिन क्या नहीं करना चाहिए.

 

पापमोचिनी एकादशी शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि शुरू- 07 अप्रैल 2021

एकादशी व्रत पारण का मुहूर्त- 08 अप्रैल – दोपहर 01: 39 मिनट से शाम 04: 11 मिनट तक

 

पूजा विधि

  • पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करके पूजाघर में जाकर भगवान विष्णु को प्रणाम करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
  • इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए और भगवान को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करने चाहिए.
  • फिर 11 पीले फूल और 11 पीली मिठाइयां भगवान को अर्पित करनी चाहिए.
  • इसके बाद भगवान को पीला चंदन अर्पित कर उन्हें हल्दी में रंगा हुआ यज्ञोपवीत चढ़ाना चाहिए.
  • इसके बाद आसन पर बैठकर भगवान विष्णु के मंत्रों और नाम का जाप करना चाहिए.

 

एकादशी के दिन भूलकर भी न करें  ये काम

  • एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन चावल का सेवन करता है वह अगले जन्म में रेंगने वाले प्राणी के रूप में जन्म लेता है.
  • एकादशी तिथि के दिन मांस-मछली और मदिरापान से परहेज करना चाहिए. जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखते हैं उन्हें दशमी तिथि के दिन भी इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • इसके साथ ही लहसुन, प्याज, गाजर, मूली, शलजम, गोभी, पालक और मसूर की दाल का सेवन भी न करें.
  • एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है.
  • एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए.
  • एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना का दिन होता है इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के वक्त सोना भी नहीं चाहिए.
  • इसके अलावा इस दिन न तो क्रोध करना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए.
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