टूलकिट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दिशा रवि की जमानत याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित

toolkit case

 

-अक्षत सरोत्री

 

 

टूलकिट मामले (toolkit case) में पुलिस लगातार अपनी कार्रवाई कर रही है। दरअसल में दिल्ली हिंसा के मामले में दिशा रवि को पुलिस ने बंगलौर से गिरफ्तार किया था। अब पुलिस की पूरी कोशिश है कि इस मामले में जल्दी से जल्दी कोर्ट सुनवाई करे और अपना फैसला सुनाए। आज जलवायु पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की याचिका पर शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे मंगलवार को सुनाया जाएगा।

 

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यह दलील दी दिशा के वकील ने

 

 

दिशा रवि के वकील ने कोर्ट से (toolkit case) कहा कि असम और कश्मीर के बारे में बात करना अपराध है। दिशा रवि ने सेना के बारे में कभी कोई गलत बात नहीं की है। घरेलू मामलों और समस्याओं को विश्व के दूसरे फोरम पर बोलना गलत हो सकता है, लेकिन ये देशद्रोह नहीं हो सकता। दिशा रवि के वकील ने कोर्ट को बताया, ‘बात इतनी है कि दिशा ने ग्रेटा थनवर्ग को समझाने की कोशिश की कि इस किसान आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। लेकिन, उसमें कहीं भी कोई आपत्तिजनक बात नहीं कही गई। आईटी एक्ट के तहत, सरकार के पास वेबसाइटों को ब्लॉक करने की शक्ति है, लेकिन ये वेबसाइट ब्लॉक नहीं हैं।

 

दिल्ली पुलिस ने किया जमानत याचिका का विरोध

 

 

दिशा रवि की जमानत याचिका का विरोध (toolkit case) करते हुए दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में आरोप लगाया कि वह खालिस्तान समर्थकों के साथ यह दस्तावेज तैयार कर रही थी। साथ ही, वह भारत को बदनाम करने और किसानों के प्रदर्शन की आड़ में देश में अशांति पैदा करने की वैश्विक साजिश का हिस्सा थी। पुलिस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष कहा, ‘‘यह महज एक टूलकिट नहीं है। असली मंसूबा भारत को बदनाम करने और यहां (देश में) अशांति पैदा करने का था।’’ दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि रवि ने वॉट्सऐप पर हुई बातचीत, ईमेल और अन्य साक्ष्य मिटा दिए और वह इस बात से अवगत थी कि उसे किस तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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