आज से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध, पितृ पक्ष के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

Spread the love

-नीलम रावत, संवाददाता

आज यानी 1 सितंबर से श्राद्ध की शुरूआत हो रही है. अपने पितरों का आशीर्वाद लेने के लिए और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है. श्राद्ध में पितरों का तर्पण करने से पुण्य मिलता है.

पितृ दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में सदैव परेशानी, संकट और संघर्ष बने रहते हैं. पितरों के नाराज होने से व्यक्ति के जीवन कष्टों से भर जाता है. पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के जरिए पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है. श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते है. इसके साथ ही श्राद्ध कर्म करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.

क्यों किया जाता है श्राद्ध

मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज धरती पर आते हैं. इसलिए पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध के साथ दान करने का विधान बताया गया है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

श्राद्ध करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है. श्राद्ध करने से व्यक्ति के दोष समाप्त होते हैं. यदि जन्म कुंडली में पितृदोष है तो यह दोष समाप्त हो जाता है. जिससे रोग, धन संकट, कार्य में बाधा आदि समस्याएं दूर होती हैं. श्राद्ध करने से परिवार में आपसी कलह और मनमुटाव का नाश होता है.

पितृ पक्ष में कैसे करें श्राद्ध

• पिता का श्राद्ध अष्टमी और माता का श्राद्ध नवमी की तिथि को करना श्रेष्ठ है

• अकाल मृत्यु होने पर श्राद्ध चतुर्दशी के दिन श्राद्ध किया जाना चाहिए

• साधु और संन्यासियों का श्राद्ध द्वादशी के दिन किया जाता है.

• जिन पितरों की मृत्यु तिथि पता नहीं है तो उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन किया जाना चाहिए

कैसे करें पिंडदान

पितृ पक्ष में पिंडदान का सबसे अधिक महत्व है. पिंडदान में चावल, गाय का दूध, घी, गुड और शहद को मिलाकर बने पिंडों को पितरों को अर्पित किया जाता है. इसके साथ ही जल में काले तिल, जौ, कुशा, सफेद फूल मिलाकर तर्पण किया जाता है. पितृ पक्ष में पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके चावल से तर्पण करना चाहिए.

पितृ पक्ष के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • पितृ पक्ष के दौरान बहुत अनुशासित दिनचर्या का पालन करना चाहिए
  • पितृ पक्ष के दौरान बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए
  • इस दौरान मनुष्य को किसी भी प्रकार की बुराई से बचना चाहिए
  • दान लेने वालों को कभी भी खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है. इसलिए मृत्यु के बाद श्राद्ध करने का महत्व बताया गया है. पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध करने से ना केवल पूर्वज प्रसन्न होते हैं बल्कि उनका आशीर्वाद भी हमेशा बना रहता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *