PM मोदी ने ‘स्वामित्व’ योजना की शुरुआत की, पीएम मोदी बोले- गांवों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों के 763 गांवों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख लोगों को उनके घरों का प्रॉपर्टी कार्ड वितरण किया है. सभी लाभार्थियों ने अपना स्वामित्व कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सभी लाभार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह योजना ‘गांवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है.’ उन्‍होंने कहा कि ‘आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, आपका ही रहेगा. ‘ मोदी ने कहा कि ‘स्वामित्व योजना के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड को दिखाकर, बैंकों से बहुत आसानी से कर्ज मिलना सुनिश्चित हुआ.’ मोदी ने इस मौके पर राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया. उन्‍होंने कृषि कानूनों समेत ग्रामीण भारत के लिए हुए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि वे ‘गांवों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते.’

 

पीएम मोदी ने कहा, ‘स्वामित्व योजना, गांव में रहने वाले हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है. हमारे यहां हमेशा कहा जाता है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन सच्चाई यही है कि भारत के गांवों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया गया.’

 

पीएम मोदी ने कहा, “पूरी दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की, देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है. जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है.”

 

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा- शौचालय, बिजली की परेशानी गांवों में थी, लकड़ी के चूल्हे में खाना बनाने की मजबूरी गांवों में थी. सालों तक जो लोग सत्ता में रहे उन्होंने बातें तो बहुत बड़ी बड़ी की, लेकिन गावों के लोगों को उनके नसीब पर छोड़ दिया. मैं ऐसा नहीं होने दे सकता.

 

उन्होंने आगे कहा, गांव के लोगों को, गरीबों को अभाव में रखना कुछ लोगों की राजनीति का आधार रहा है. आजकल इन लोगों को कृषि में जो ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं, उससे भी दिक्कत हो रही है, वो बौखलाए हुए हैं. इनकी ये बौखलाहट किसानों के लिए नहीं, खुद के लिए है.

 

पीएम मोदी ने कहा, दुनिया में एक तिहाई आबादी के पास ही कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड है, पूरी दुनिया में दो तिहाई लोगों के पास ये नहीं है. ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए ये बहुत जरूरी है कि लोगों के पास उनकी संपत्ति का सही रिकॉर्ड हो.

 

स्वामित्व योजना का फायदा 6 राज्यों के 763 गांवों के लोगों को होगा. जिसमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के 2 गांव शामिल हैं. महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के लाभार्थी 1 दिन के अंदर फिजिकल कार्ड प्राप्त करेंगे जबकि महाराष्ट्र के भू-स्वामियों को संपत्ति कार्ड मिलने में 1 महीने का समय लग सकता है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार संपत्ति कार्ड के लिए सामान्य शुल्क लागू करने का प्रबंध कर रही है.

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