पंजाब में कृषि कानून को लेकर कोहराम जारी….प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ तो राज्य में नहीं आएगी बिजली जानिए क्यों

Spread the love

रवि श्रीवास्तव

देश में भले ही कृषि कानून को लेकर विवाद ठंडा पड़ गया हो, लेकिन पंजाब के किसान अब भी अपनी मांगों पर अड़े हैं, और रेलवे ट्रैक को रोककर खड़े हैं, आलम ये है कि कई दिनों से बंद पड़ी रेल सेवा की वजह से राज्य में बिजली संकट उत्पन्न हो गया है

केवल 2 दिन लायक कोयला बचा

बेमियादी ‘रेल रोको’ आंदोलन के कारण मालगाड़ियां नहीं चल पा रही हैं और इस कारण ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई है. पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक वेणुप्रसाद ने कहा, ‘हमारे पास दो दिन का कोयला बचा है

मनप्रीत सिंह बादल की किसानों से अपील

राज्य में बिजली के संकट को देखते हुए खुद पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने किसानों से अपील की है कि वो अपने रेल रोको आंदोलन में ढिलाई दें, ताकि राज्य में बिजली की आपूर्ति पर संकट उत्तन्न ना हो, हालांकि किसान मांग मानेंगे या नहीं इस पर अभी कोई ठोस जवाब किसान संगठनों की तरफ से नहीं आया है

इसलिए भी है ज्यादा संकट 

राज्य के कुछ हिस्से पहले ही कम विद्युत उत्पादन की वजह से बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं. राज्य में 7,000 मेगावाट से अधिक बिजली की मांग है और अन्य स्रोतों से 6,500 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है जिनमें निजी कंपनियां भी शामिल हैं. विभिन्न किसान संगठन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने एक अक्टूबर से बेमियादी ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू कर प्रदर्शन तेज कर दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *