कन्हैयालाल की हत्या के लिए राजस्थान सरकार और पुलिस भी दोषी : केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत

Kanhaiya Lal Murder
कन्हैयालाल के परिजनों से मिले शेखावत

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने स्वर्गीय कन्हैयालाल (Kanhaiya Lal Murder) के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द साझा किया। शेखावत ने कहा कि परिवार जिस संताप में है, उसकी थाह लेना कठिन है, किंतु यह समय उनका साथ देने का है। सभी कन्हैयालाल के परिवार को परोक्ष- अपरोक्ष अपना समर्थन दर्शाएं और शांति के वातावरण को सुनिश्चित करें। परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में शेखावत ने दो टूक कहा कि कन्हैयालाल जी की हत्या भले हत्यारों ने की है, लेकिन राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस के अधिकारी इस दोष तथा पाप से मुक्त नहीं हो सकते हैं।

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उदयपुर में कन्हैयालाल के परिजनों से मिले शेखावत

सोमवार को केंद्रीय मंत्री दिल्ली से उदयपुर (Udaipur) पहुंचे और कन्हैयालाल के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। शेखावत ने स्वर्गीय कन्हैयालाल जी को पुष्पांजली अर्पित कर परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए शेखावत ने कहा कि कन्हैयालाल जी को बार-बार धमकी मिलने के बावजूद पुलिस द्वारा केवल आश्वासन देना, बार-बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद सुरक्षा प्रदान ना करना, उल्टा उन्हीं को सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए बाध्य करना और अंतिम समय तक सुरक्षा मांगने पर यह कहना कि वी आर जस्ट फोन कॉल अवे (हम एक फोन कॉल दूर हैं)।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिला और पुलिस प्रशासन (Rajasthan Police), जिन्होंने कन्हैयालाल को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था, वह और उनके पीछे खड़ी राजस्थान सरकार (Rajasthan) भी हत्या की दोषी है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि हत्यारों (Kanhaiya Lal Murder) की जो मानसिकता है, मोटरसाइकिल के नंबर से लेकर उनके पाकिस्तान यात्रा के जो सूत्र मिले हैं, यह स्पष्ट दिखाई देता है कि यह केवल प्रतिक्रिया में की गई घटना नहीं है। यह सोची-समझी साजिश के तहत की गई घटना है। एनआईए जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि एनआईए ने कन्हैयालाल की हत्या की जांच करना प्रारंभ किया है। तकनीकी रूप से एक दिन पहले ही एनआईए को कस्टडी मिली है।

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कौन दे रहा इस तरह की मानसिकता को खाद-पानी? : शेखावत 

राज्य सरकार पर बरसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुईं करौली, भीलवाड़ा, फिर भीलवाड़ा और उसके बाद जोधपुर की घटनाओं को कनेक्ट करके देखा जाए तो साफ है कि यह जो मानसिकता राजस्थान में पनप रही है, इसके पीछे कौन लोग हैं? इनको कौन पल्लवित और पोषित कर रहा है? कौन इस तरह की मानसिकता को खाद-पानी दे रहा है? इसकी समग्रता के साथ में हॉलिस्टिक जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसी मानसिकता को इसी स्तर पर रोका जा सके, क्रश किया जा सके, लेकिन दुर्भाग्य से बार-बार कहने के बावजूद फौरी तौर पर कार्रवाई करके हर बार ऐसे लोगों को छोड़ दिया गया।

“समय आने पर समाज करेगा हिसाब”: शेखावत 

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि एक पोस्ट डालने का आपके सामने फर्क रखना चाहता हूं। एक पोस्ट डालने पर एक व्यक्ति को उठाकर तुरंत जेल के सलाखों के बीच में डाल दिया जाए, लेकिन खुलेआम ऐलान और धमकियां देने वाले व्यक्ति, जो पुलिस की उपस्थिति में जीभ काट देंगे, शरीर काट देंगे, टुकड़े-टुकड़े कर देंगे, की धमकी दे रहा है, उसके ऊपर कोई कार्रवाई ना की जाए। उसको मुकदमा दर्ज होने के बावजूद 10 दिन तक गिरफ्तार ना किया जाए। फिर जिस तरह से गिरफ्तार किया जाए और उसके बाद जिस तरह से घर छोड़ा जाए, यह मानसिकता इस बात को प्रदर्शित करती है कि इस तरह के लोगों को अपने वोट बैंक को साधने के लिए कौन प्रश्रय दे रहा है और जो लोग प्रश्रय दे रहे हैं, समाज उनको बहुत स्पष्टता के साथ देख रहा है। समाज समय आने पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के हिसाब से कार्रवाई करेगा।

परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे प्रशासन

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रश्न यह है कि एक वोट बैंक के लालच में पुलिस पर जिस तरह का दबाव बनाया गया, उसके चलते एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर दी गई। उस परिवार को जिस तरह का सदमा और आघात पहुंचा है। आज भी जिस तरह का भय उस परिवार पर है। मैंने कन्हैयालाल (Kanhaiya Lal Murder) की पत्नी और माता जी से बातचीत की। उनको जो डर और अंदेशा है, वह यह है कि पहले भी हम लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुरक्षा नहीं दी गई। अभी भी उसी तरह का खतरा हमारे परिवार और परिजनों पर है। शेखावत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया काफी दिन तक चलती है। प्रशासन को परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, वरना इस तरह की घटना वापस होती है तो समाज का प्रशासन, व्यवस्था और वर्दी से विश्वास समाप्त हो जाएगा।

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