रूस की मिसाइल से कांपे नॉटो और अमेरिका, रुस ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल का परिक्षण

रुस ने सुखोई के बाद दुनिया को अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल दिखाई है.रूस का दावा है की यह मिसाइल अमेरिका के राडार को चकमा दे सकती है. वहीं रुस की मिसाइल को लेकर नाटो ने चेतावनी देते हुए कहा है की रुस की वजह से दुनिया में तनाव बढ़ रहा है.

 

रूस जैसे जैसे मजबूत हो रहा है वैसे वैसे वो दुनिया को अपनी ताकत दिखाने में लग गया है.काला सागर को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन क साथ रूस का तनाव चल रहा है.और रूस ने ब्रिटेन के जहाज के आगे बम बरसाकर अपने तेवर दिखा दिए हैं.वहीं रुस एयर शो का आयोजन करने जा रहा है जिसमें वो अपने नए विमान सुखोई 56 को दुनिया को दिखाने जा रहा है . रूस का दावा है की उसका यह विमान एफ 35 का मुकाबला करेगा.लेकिन इन सबके बीच रूस अपने एक और हथियार का परिक्षण किया है जिसने अमेरिका औऱ नॉटो की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

 

रूस ने दुनिया को दिखाई हाइपरसोनिक मिसाइल

 

रूस की सेना ने सोमवार को एक नयी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि व्हाइट सागर में स्थित एडमिरल गोर्शकोव युद्धपोत से यह परीक्षण किया गया. यह मिसाइल कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि यह मिसाइल ध्वनि से सात गुना अधिक रफ्तार जाती है और राडार की पकड़ में नही आ पाती . जिस कारण दुश्मन का बच पाना मुश्किल होता है.

 

इस मिसाइल के सफल परिक्षण से रूस कितना खुश है इसका अंदाजा आप एसे लगा सकते हैं की खुद रूस के राष्ट्रपति ने इसका एलान किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि जिरकॉन मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से नौ गुना तेजी से उड़ान भरेगी और इसका दायरा 1,000 किलोमीटर तक है. पुतिन ने कहा है कि इस मिसाइल की तैनाती से रूस की सैन्य क्षमता में बढ़ोतरी होगी. रुस ने इस मिसाइल का परिक्षण उस वक्त किया है जिस वक्त यूक्रेन को लेकर अमेरिका और नॉटो देशो के साथ उसका तनाव बढ़ता जा रहा है.

 

रूस की मिसाइल से डरा अमेरिका

 

रूस इस मिसाइल की तैनाती अमेरिका और नाटो देशों के खिलाफ करने की तैयारी में है. जिरकॉन मिसाइल को युद्धपोतों, पनडुब्बियों, फ्रिगेट पर तैनात करने की योजना है रूस कई हाइपरसोनिक मिसाइलें विकसित कर रहा है और यह मिसाइल भी उनमें से एक है. वहीं रुस की नई मिसाइल को लेकर नाटो ने बयान दिया हैऔर रुस के इस कदम को भडकाने वाला कदम बताया है.

 

इस तरह से मिसाइल ने दागे जाने के मात्र ढाई मिनट के अंदर अपने लक्ष्‍य को तबाह कर दिया. रूस की योजना अपनी सेना को हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस करने की है ताकि वे किसी भी अमेरिकी डिफेंस सिस्‍टम को चकमा देकर अपने लक्ष्‍य को तबाह कर सकें. रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने वर्ष 2018 में कहा था कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्‍से पर हमला कर सकती है और अमेरिका के बनाए डिफेंस सिस्‍टम को भी चकमा दे सकती है.

Share