शनि जयंती 2021: कल कर्म फल दाता शनिदेव की जयंती, जानें शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें!

करिश्मा राय

 

हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को कर्म फल दाता शनिदेव की जयंती मनाई जाती है. इस साल 10 जून को शनि जयंती मनाई जाएगी. कल करीब 148 साल बाद शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है. खास बात यह है कि शनि जयंती के दिन ही वट सावित्री व्रत भी रखा जाएगा. शनिदेव तो न्याय का देवता कहा जाता है. मान्यता है कि शनिदेव मनुष्य के कर्मों के अनुसार ही उसे वैसा ही फल देते हैं. ऐसे में पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनि जयंती के दिन विधि पूर्वक शनिदेव की पूजा अर्चना करने से भक्‍तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. साथ ही शनिदेव की कृपा दृष्टि सदा अपने भक्तों पर बनी रहती है.

 

शनि जयंती शुभ मुहूर्त

  • ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि-9 जून को दोपहर 1: 57 मिनट से
  • 10 जून को शाम 4: 22 मिनट पर समाप्त होगी.

 

शनि जयंती पर कुछ विशेष उपायों को करके शनिदेव को प्रसन्न किया जा सकता है, हालांकि इस दिन कुछ ऐसे भी कार्य हैं जिन्हें करने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं. तो चलिए जानते हैं शनि जयंती के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें और क्या नहीं-

 

 

शनिदेव को प्रसन्‍न करने के क्या करें-

  • शनिदेव को प्रसन्‍न करने के लिए शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए.
  • शनि जयंती के दिन शनिदेव के दर्शन करने के लिए मंदिर जाना चाहिए.
  • शनि जयंती पर दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है और कृपा बनी रहती है.
  • शनिदेव की उपासना करने के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है.
  • शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करके सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए.

 

शनि जयंती के दिन क्या न करें-

  • शनि जयंती के दिन शनिदेव के दर्शन करते समय शनिदेव की आंखों में भूलकर भी नहीं देखना चाहिए,ऐसा करने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं.
  • शनि जयंती के दिन बड़े-बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए.
  • झूठ बोलने वालों को भी शनिदेव अशुभ फल देते हैं.
  • शनि जयंती के दिन घर पर कोई लोहे की चीज न लाएं. मान्यता है कि इस दिन लोहे की वस्तु घर लाने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं.
  • शनि जयंती के दिन शमी या पीपल के वृक्ष को हानि न पहुचाएं. ऐसा करने से शनिदेव अपनी कुदृष्टि डालते हैं.
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