जल्द ही CAT-2 Landing System से लैस होगा श्रीनगर एयरपोर्ट, जानिए क्या है खास..

CAT-2 Landing System

 

 

इस वक्त जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में बर्फबारी लगातार जारी है खासकर कश्मीर में और आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. साथ ही कश्मीर में बर्फबारी (Snowfall) से असर पड़ा मौसम खराब होने के कारण कई दिनों तक उड़ाने भी रद्द कर दी गई. दरअसल जम्मू कश्मीर में नए साल की शुरुआत में बर्फबारी के साथ ही घाटी गुलजार हो गई है. बर्फ की सफेद चादर ओढ़े कश्मीर में सैलानियों की दस्तक से पर्यटन व्यवसाय को मदद मिली है. भारी बर्फबारी से थोड़ी मुश्किलें जरूर बढ़ी हैं लेकिन कोरोना संकट के बीच ठप पड़े पर्यटन को फायदा मिला है. नए साल का जश्न मनाने कश्मीर आए कई लोग उड़ानें रद्द होने से घाटी में ही फंसे रहे लेकिन अब जब पर्यटक दुबारा कश्मीर का रूख करेंगे तो उन्हे  CAT-I लैंडिंग सिस्टम (CAT-2 Landing System) इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और ऐसा हम क्यों कह रहे हैं वो भी हम आपको बता देते हैं.

 

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दरअसल श्रीनगर एयरपोर्ट (Srinagar Airport) में कम दृश्यता और खराब मौसम की वजह से लैंडिंग नहीं हो पाती और उड़ानों को रद्द कर दिया जाता है क्योकि इस वक्त श्रीनगर हवाई अड्डे के रनवे में CAT-I लैंडिंग सिस्टम है जिसे एक विमान की लैंडिंग के लिए 1 किलोमीटर से अधिक न्यूनतम दृश्यता की आवश्यकता होती है. लेकिन अगर CAT-2 लैंडिंग सिस्टम (CAT-2 Landing System) होगा तो कम दृश्यता में भी लैंडिंग हो सकेगी. लेकिन इसका काम अब तक श्रीनगर में शुरू नहीं हुआ जो कि इसी साल होना है लेकिन अब ये अगले साल शुरू होगी जिसकी उम्मीद कश्मीर वासियों को लगी हुई है.

 

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जीरो विजिबिलिटी पर भी होगी लैंडिंग

कैट -2 इंस्टॉलेशन से फ्लाइट्स की लैंडिंग में कोई दिक्कत नहीं होगी. एयरपोर्ट पर आईएलएस कैट-1 है जिस वजह से फ्लाइट को लैंडिंग के लिए 1200 मीटर की विजिबिलिटी चाहिए होती है. लेकिन कैट टू इंस्टॉलेशन की मदद से 800 मीटर की विजिबिलिटी पर आराम से लैंडिंग हो सकेगी. CAT II लैंडिंग सिस्टम का कार्य (MAFI) परियोजना के तहत किया जाना है। CAT 2 पर अब काम नवंबर 2021 में शुरू होगा.

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