SUPREME COURT: केंद्र सरकार को लगाई फटकार कहा-सरकार इन कानूनों पर रोक लगाएगी या फिर अदालत ही आदेश जारी करे?

SUPREME COURT ON FARMER'S PROTEST

 

-कशिश राजपूत

 

 

SUPREME COURT: कृषि कानूनों की वैधता को एक किसान संगठन और वकील एमएल शर्मा ने चुनौती दी है। शर्मा ने याचिका में कहा है कि केंद्र सरकार को कृषि से संबंधित विषयों पर कानून बनाने का अधिकार नहीं है। कृषि और भूमि, राज्यों का विषय है और संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 2 (राज्य सूची) में इसे एंट्री 14 से 18 में दर्शाया गया है। यह स्पष्ट रूप से राज्य का विषय है। इसलिए इस कानून को निरस्त किया जाए।

 

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने आज किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि आंदोलन में किसानों की जान जा रही है, ऐसे में सरकार अभी इन कानूनों पर रोक लगाएगी या फिर अदालत ही आदेश जारी करे?

 

 

 

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चीफ जस्टिस ने कहा कि जिस तरह से सरकार इस मामले को हैंडल कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं| हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया | पिछली सुनवाई में भी बातचीत के बारे में कहा गया, क्या हो रहा है?

 

 

 

 

 

 

 

चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारे पास ऐसी एक भी दलील नहीं आई जिसमें इस कानून की तारीफ हुई हो| अदालत ने कहा कि हम किसान मामले के एक्सपर्ट नहीं हैं, लेकिन क्या आप इन कानूनों को रोकेंगे या हम कदम उठाएं | हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं, लोग मर रहे हैं और ठंड में बैठे हैं | वहां खाने, पानी का कौन ख्याल रख रहा है?

 

 

 

 

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