भगवान सूर्य को समर्पित है रविवार का दिन, जानें इस दिन सूर्य पूजा का महत्व और पूजा विधि!

करिश्मा राय

 

शास्त्रों के मुताबिक सूर्य को वेदों में जगत की आत्मा और ईश्वर का नेत्र बताया गया है। सूर्य को जीवन, स्वास्थ्य एवं शक्ति के देवता के रूप में मान्यता हैं। सूर्यदेव की कृपा से ही पृथ्वी पर जीवन बरकरार है। ऋषि-मुनियों ने उदय होते हुए सूर्य को ज्ञान रूपी ईश्वर बताते हुए सूर्य की आराधना को अत्यंत कल्याणकारी बताया है। मान्यता है कि सूर्य देवता की उपासना शीघ्र ही फल देती है।

 

सूर्य पूजा का महत्व

भगवान भास्कर यानी सूर्यदेव की साधना-आराधना का अक्षय फल मिलता है। सच्चे मन से की गई साधना से प्रसन्न होकर भगवान भास्कर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि एवं अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार सूर्य को नवग्रहों में प्रथम ग्रह और पिता के भाव कर्म का स्वामी माना गया है। जीवन से जुड़े तमाम दुखों और रोग आदि को दूर करने के साथ-साथ विशेष लाभ के लिए सूर्य साधना करनी चाहिए।

 

भगवान सूर्य समर्पित है रविवार का दिन

रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है. इस दिन भगवान सूर्य की साधना-आराधना करने पर शीघ्र ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. रविवार के दिन भक्ति भाव से किए गए पूजन से प्रसन्न होकर प्रत्यक्ष देवता सूर्यदेव अपने भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.सूर्य हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व रखता है। अगर इनकी पूजा की जाए तो व्यक्ति को उसकी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। तो चलिए जानते भगवान सुर्य की पूजा कैसे करें?

 

सूर्य देव की पूजा:

सूर्य देवता की पूजा हमेशा खड़े रहकर करनी होती है।
व्यक्ति को हमेशा उगते हुए सूर्य की ही पूजा करनी चाहिए।
व्यक्ति को सूर्य की पहली किरण के साथ उनकी पूजा करनी चाहिए।
इससे व्यक्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इसके लिए आपको कुमकुम, लाल फूल, चावल, दीपक, ताम्बे की थाली और ताम्बे का लोटा लेकर सूर्य को अर्घ्य दें।

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