आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आरक्षण की समीक्षा के लिए सरकार ने किया तीन सदस्यीय समीति का गठन

 

VISHAL ADLAKHA 

 

केंद्र सरकार ने आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के आरक्षण मानदंडों की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समीति का गठन किया है. जिसकी अध्यक्षता पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडे (Ajay Bhushan Pandey) करेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तीन सप्ताह के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

 

6 जनवरी को होगी मामले की सुनवाई 

 

कोर्ट ने केंद्र को एक महीने का समय दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी. मामले की समीक्षा करने का फैसला तब आया जब अदालत ने हाल ही में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 8 लाख रुपये का वार्षिक तय करने के आधार पर केंद्र से सवाल किया था. 21 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सवाल उठाए थे और एक बिंदु पर न्यायाधीशों ने यहां तक ​​​​चेतावनी दी थी कि वे ईडब्ल्यूएस अधिसूचना को रोक देंगे.

 

आदालत ने पूछा सवाल 

 

बता दें कि न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से सवाल किया था कि क्या 8 लाख रुपये की सीमा का कोई आधार है. अदालत ने पूछा था कि क्या कोई सामाजिक, क्षेत्रीय या कोई अन्य सर्वेक्षण या डेटा है जो यह दर्शाता है कि अन्य पिछड़ा वर्ग जो प्रति वर्ष 8 लाख रुपये से कम आय वर्ग में हैं.